प्रयागराज : पूर्व शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी की बढ़ीं मुश्किलें, प्रवर्तन निदेशालय ने की बड़ी कार्रवाई
2012 में पूर्व मंत्री के खिलाफ हुई शिकायत पर शासन की ओर से विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए। विजिलेंस ने अपनी जांच में पाया कि मंत्री रहने के दौरान 2007 से 2011 तक राकेशधर की घोषित स्रोतों से कुल आय 49.49 लाख रुपये थी। जबकि विभिन्न मदों में उनकी ओर से इसी अवधि में कुल 2.67 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
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अपना दल एस के टिकट पर प्रतापपुर विधानसभा से चुनाव लड़ रहे प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है। बसपा सरकार के दौरान मंत्री रहे राकेशधर पर यह कार्रवाई नौ साल पहले विजिलेंस की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के आधार पर की गई है।
उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच के बाद यह मुकदमा लिखा गया था। मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद ईडी की टीम उनकी संपत्तियों की जानकारी एकत्र करने में जुट गई है।
2012 में पूर्व मंत्री के खिलाफ हुई शिकायत पर शासन की ओर से विजिलेंस जांच के आदेश दिए गए। विजिलेंस ने अपनी जांच में पाया कि मंत्री रहने के दौरान 2007 से 2011 तक राकेशधर की घोषित स्रोतों से कुल आय 49.49 लाख रुपये थी। जबकि विभिन्न मदों में उनकी ओर से इसी अवधि में कुल 2.67 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इस तरह से उन्होंने अपनी आय से 2.17 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च किए। जिसके संबंध में पूछताछ करने पर वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, न ही कोई स्रोत बता पाए। विजिलेंस जांच में शिकायत सही मिलने पर उनकेखिलाफ विजिलेंस में तैनात रामसुभग राम की ओर से भ्रष्टाचार अधिनियम समेत अन्य आरोपों में केस दर्ज किया गया।
14 मार्च 2016 को इसमें चार्जशीट भी लगा दी गई। प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने अब इसी मामले को आधार बनाते हुए उनके खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया है।
संपत्तियों के रिकॉर्ड की होगी जांच
मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद ईडी ने पूर्व मंत्री की संपत्तियों पर नजर टिका दी है। सूत्रों का कहना है कि संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाने के बाद ईडी की टीम इस बात का पता लगाएगी कि इन संपत्तियों के लिए धन कहां से आया। किस स्रोत से मिले धन से संपत्तियां अर्जित की गईं। अगर स्रोत नहीं मिलता है तो उन संपत्तियों को अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी।
चार बार रह चुके हैं विधायक
राकेशधर मूल रूप से हंडिया के रहने वाले हैं। मौजूदा समय में वह अपना दल (एस) से प्रतापपुर विधानसभा से प्रत्याशी हैं। इसके पहले वह हंडिया विधानसभा से चार बार विधायक रह चुके हैं। पहली बार वह 1985 में निर्वाचित हुए और इसके आद अगले चुनाव में भी विजयी रहे। 1996 में वह फिर मतदाताओं का भरोसा जीतने में कामयाब रहे और विधायक बने। 2007 में वह बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर न सिर्फ विधायक बल्कि मंत्री भी बने। इससे पहले वह भाजपा में भी रह चुके हैं।