ईडी ने कसा शिकंजा : प्रवर्तन निदेशालय ने माफिया मुख्तार अंसारी के साले समेत पांच को भेजा समन
मुख्तार के जिन पांच करीबियों को समन जारी किया गया है, उनमें दो लखनऊ के और तीन गाजीपुर के हैं। इनमें से मुख्तार की पत्नी अफ्शा अंसारी का भाई आतिफ रजा लखनऊ के डॉलीबाग में रहता है।
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बाहुबली माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ दर्ज मनी लांड्रिंग केस में प्रवर्तन निदेशालय प्रयागराज की टीम ने उसके करीबियों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। ईडी की ओर से उसके साले आतिफ रजा समेत पांच को समन भेजा गया है। इसके जरिए उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया गया है। मुख्तार के जिन पांच करीबियों को समन जारी किया गया है, उनमें दो लखनऊ के और तीन गाजीपुर के हैं। इनमें से मुख्तार की पत्नी अफ्शा अंसारी का भाई आतिफ रजा लखनऊ के डॉलीबाग में रहता है।
इसके अलावा माफिया के एक और बेहद करीबी शादाब अहमद का नाम भी इसमें शामिल है। वह लखनऊ के विभूतिखंड में रहता है। तीन अन्य लोगों में मुश्ताक खान, विक्रम अग्रहरि और गणेश दत्त मिश्रा हैं। यह सभी गाजीपुर के रहने वाले हैं। खास बात यह है कि मुख्तार के मददगारों पर शिकंजा कसने के क्रम में ईडी ने पिछले दिनों जिन नौ लोगों के ठिकानों पर छापा मारा था, उनमें इन पांचों का नाम शामिल है।
ईडी ने गाजीपुर में पांच, लखनऊ में चार और दिल्ली में मुख्तार के मददगारों के तीन ठिकानों पर छापा मारा था। जहां से प्रॉपर्टी के अलावा बैंक स्टेटमेंट, पासबुक व अन्य चीजें बरामद की थीं। बरामद दस्तावेजों के बारे में पूछने पर वहां मौजूद लोग संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए थे। ऐेेसे में अब ईडी की टीम उन्हें बुलाकर पूछताछ करने और बयान दर्ज करने की तैयारी में है।
पिछले साल दर्ज हुआ था केस
ईडी ने पिछले साल जुलाई में मुख्तार के खिलाफ मनी लांड्रिंग का केस दर्ज किया था। इसके लिए लखनऊ और मऊ में दर्ज मुकदमों को आधार बनाया गया था। इस मामले में उसके सांसद भाई अफजाल के अलावा सबसे बड़े भाई सिगबतुल्लाह अंसारी से पूछताछ की जा चुकी है। साथ ही उसके दोनों बेटों अब्बास व उमर अंसारी का भी बयान दर्ज किया जा चुका है।
जल्द शुरू होगी संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई
सूत्रों का कहना है कि मनी लांड्रिंग केस में ईडी की ओर से फिलहाल संबंधितों के बयान दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। यह वह लोग हैं जो या तो मुख्तार के बेहद करीबी हैं या उन पर मुख्तार की मदद करने संबंधी सबूत टीम के हाथ लगे हैं। बयान दर्ज करने की कार्रवाई लगभग पूरी होने को है। ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि जल्द ही मुख्तार की संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है।