विद्युत महकमे का दावा: माघ मेले में पलभर के लिए भी नहीं गुल होगी बिजली, पहली बार आरएमयू तकनीक का होगा इस्तेमाल
माघ मेला 2024 में पहली बार विद्युत विभाग रिंग मेन यूनिट सिस्टम का इस्तेमाल करेगा। इससे मेले में निर्वाध विद्युत आपूर्ति में मदद मिलेगी। अधिकारियों के अनुसार इस तकनीक का इस्तेमाल करने से एक ट्रांसमीशन की लाइट गुल होने पर आपूर्ति दूसरी ट्रांसमिशन से जुड़ जाएगी।
विस्तार
माघ मेला क्षेत्र में बिजली की निर्बाध आपूर्ति हो सके, इसके लिए विद्युत महकमे की मशक्कत जारी है। महाकुंभ-2025 को देखते हुए तमाम तरह के नए प्रयोग भी माघ मेला में किए जा रहे हैं। इसी क्रम में महकमे की ओर से माघ मेला में पहली बार रिंग मेन यूनिट (आरएमयू) का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे बिजली के किसी भी फाल्ट पर फौरन ही दूसरे ट्रांसमिशन से बिजली की सप्लाई शुरू की जा सकेगी।
यह रिंग मेन यूनिट 11 केवीए की माघ मेला क्षेत्र में स्थापित की जाएगी। इस यूनिट को मिटों पार्क रोड, नैनी और हंडिया के 132 केवी ट्रांसमिशन से जोड़ा जाएगा। माघ मेला क्षेत्र में बनने वाले 21 सब-स्टेशन भी इससे जुड़े रहेंगे। मेला क्षेत्र में बिजली की निर्बाध आपूर्ति की तैयारी की गई है। मेला के दौरान ही रिंग मेन यूनिट का ट्रायल महकमे की ओर से किया जाएगा।
ट्रायल के रूप में एक ट्रांसमिशन से बिजली आपूर्ति बंद कर दूसरी ट्रांसमिशन से रिंग मेन यूनिट के सहारे ही आपूर्ति दी जाएगी। इससे यह परखा जाएगा कि कहीं कोई गड़बड़ी तो नहीं आई। सफल होने पर महाकुंभ में कई और आरएमयू स्थापित किए जाएंगे।
पहली बार तीन ट्रांसमिशन से होगी सप्लाई
माघ मेला में अबतक बिजली की सप्लाई 132 केवी ट्रांसमिशन मिंटो रोड से होती थी। इस बार आरएमयू के सहारे नैनी और हंडिया के ट्रांसमिशन को भी माघ मेला से जोड़ दिया गया है। मिंटो रोड से बिजली की आपूर्ति प्रभावित होने पर नैनी और हंडिया ट्रांसमिशन से बिजली ली जा सकेगी। अधिकारियों का कहना है कि तीन ट्रांसमिशन से बिजली की सप्लाई मिलने पर मेला क्षेत्र में किसी भी समय बिजली का कोई संकट नहीं होगा।
बड़ी संख्या में कर्मचारियों की होगी तैनाती
मेला क्षेत्र में निर्बाध और सुरक्षित बिजली आपूर्ति देने की तमाम कोशिशें तो हो ही रही हैं। साथ ही कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है। माघ मेला में इस बार बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। प्रत्येक सेक्टर में बिजली कर्मियों के मोबाइल नंबर भी सार्वजनिक किए जाएंगे, ताकि कहीं भी किसी भी तंबु में कोई फाल्ट होगा तो कम समय में ही उसे ठीक करने का कार्य किया जाएगा।
माघ मेला क्षेत्र में किसी भी पल अंधेरा नहीं होगा। पूरे मेले में सुरक्षित और निर्बाध बिजली की आपूर्ति होगी। मेला क्षेत्र में आरएमयू के स्थापित हो जाने से बिजली व्यवस्था और भी मजबूत हो गई है। - मनोज गुप्ता, अधिशासी अभियंता, मेला क्षेत्र