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नोटबंदी से उबरे नहीं, अब आचार संहिता ने जकड़ा
अमर उजाला ब्यूरो इलाहाबाद
Updated Wed, 18 Jan 2017 01:11 AM IST
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नोटबंदी का दंश झेलने के बाद व्यापारी अभी इससे पूरी तरह उबरे भी नहीं थे कि आचार संहिता ने धंधे को तगड़ा झटका दे दिया। वाहनों की जांच में आए दिन बड़ी मात्रा नोट पकड़े जाने से व्यापारी सहमे हुए हैं। उधारी माल देने वाले वाले व्यापारियों की रकम फंस गई है, जिसकी वजह से उन्हें आगे से माल मंगाने में दिक्कत आ रही है। थोक व्यापारी को फुटकर व्यापारियों ने बकाया रकम की वसूली करना है लेकिन वह यह काम इस डर से नहीं कर पा रहे हैं कि कहीं जांच के दौरान रकम पकड़ न जाए। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है।
नोटबंदी के दौरान भारी नुकसान उठाने के बाद कारोबार में अब कुछ सुधार हुआ है। बाजार पूरी तरह पटरी पर लौटता, इसके पहले आचार संहिता लागू होने से धंधे पर फिर ब्रेक लग गया, क्योंकि इसकी वजह से उन थोक व्यापारियों की काफी रकम फंस गई जो माल उधार देते हैं और रकम दो-चार दिन बाद या फिर हफ्ता-दस दिन में मिलती है। मुट्ठीगंज, चौक, जानसेनगंज, जीरो रोड, हीवेट रोड पर दाल, चीनी, चावल, तेल-घी, कपडे़, सीमेंट, हार्डवेयर, इलेक्ट्रानिक्स गुड्स, मशीनरी आइटम समेत अन्य कई तरह की खाद्य सामग्रियों का थोक बाजार है। शहर के विभिन्न बाजारों से लेकर नैनी, झूंसी, फाफामऊ तक के फुटकर व्यापारी यहां माल लेने आते हैं।
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नोटबंदी के दौरान भारी नुकसान उठाने के बाद कारोबार में अब कुछ सुधार हुआ है। बाजार पूरी तरह पटरी पर लौटता, इसके पहले आचार संहिता लागू होने से धंधे पर फिर ब्रेक लग गया, क्योंकि इसकी वजह से उन थोक व्यापारियों की काफी रकम फंस गई जो माल उधार देते हैं और रकम दो-चार दिन बाद या फिर हफ्ता-दस दिन में मिलती है। मुट्ठीगंज, चौक, जानसेनगंज, जीरो रोड, हीवेट रोड पर दाल, चीनी, चावल, तेल-घी, कपडे़, सीमेंट, हार्डवेयर, इलेक्ट्रानिक्स गुड्स, मशीनरी आइटम समेत अन्य कई तरह की खाद्य सामग्रियों का थोक बाजार है। शहर के विभिन्न बाजारों से लेकर नैनी, झूंसी, फाफामऊ तक के फुटकर व्यापारी यहां माल लेने आते हैं।
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