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Education News : असिस्टेंट प्रोफेसर के ढाई हजार पद अब भी खाली
Fri, 26 Feb 2021 08:24 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 26 Feb 2021 08:24 PM IST
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प्रोफेसर
उत्तर प्रदेश उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग (यूपीएचईएससी) ने प्रदेश के अशासकीय महाविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 2002 पदों पर भर्ती का विज्ञापन तो जारी कर दिया है, लेकिन इसके अतिरिक्त तकरीबन ढाई हजार पद अब भी खाली हैं। उच्च शिक्षा निदेशालय अगले चरण में इन रिक्त पदों का अधियाचन आयोग को भेजेगा। हालांकि इन पदों के सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है और इसमें वक्त लग सकता है।
उच्च शिक्षा निदेशालय ने दो साल पहले आयोग को असिस्टेंट प्रोफेसर के 534 पदों पर भर्ती का अधियाचन भेजा था, लेकिन आयोग की ओर से विज्ञापन जारी किए जाने से पहले ही निदेशालय ने अधियाचन वापस ले लिया था। निदेशालय की ओर से कहा गया था कि नए सिरे से आरक्षण का निर्धारण होगा और इसके बाद संशोधित अधियाचन भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में काफी समय लगा और इस बीच निदेशालय को कई अशासकीय महाविद्यालयों ने नए पदों की सूचना मिल गई। मार्च 2020 तक निदेशालय के पास कुल 3920 रिक्त पदों की सूचना आ चुकी थी।
इन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन ने अनुमति भी दी थी, लेकिन इसके साथ ही जिला स्तरीय कमेटियों के माध्यम ने इन सभी रिक्त पदों का सत्यापन कराने को भी कहा गया था। सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान मार्च 2020 के बाद निदेशालय को कॉलेजों की ओर से 520 नए पदों की सूचना भी मिल गई। इस तरह पदों की संख्या बढ़कर तकरीबन साढ़े चार हजार हो गई।
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हालांकि निदेशालय ने रिक्त पदों के सत्यापन के बाद आयोग को दो चरणों में 2016 पदों का अधियाचन भेजा। बाद में इसमें 14 पद घटा दिए गए और आयोग अब विज्ञापन संख्या-50 के तहत 2002 पदों पर भर्ती करने जा रहा है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के तकरीबन ढाई हजार पद अभी खाली है। निदेशालय अगर जल्द ही इन पदों का अधियाचन आयोग को भेज देता है तो अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल जाएगी।
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उच्च शिक्षा निदेशालय ने दो साल पहले आयोग को असिस्टेंट प्रोफेसर के 534 पदों पर भर्ती का अधियाचन भेजा था, लेकिन आयोग की ओर से विज्ञापन जारी किए जाने से पहले ही निदेशालय ने अधियाचन वापस ले लिया था। निदेशालय की ओर से कहा गया था कि नए सिरे से आरक्षण का निर्धारण होगा और इसके बाद संशोधित अधियाचन भेजा जाएगा। इस प्रक्रिया में काफी समय लगा और इस बीच निदेशालय को कई अशासकीय महाविद्यालयों ने नए पदों की सूचना मिल गई। मार्च 2020 तक निदेशालय के पास कुल 3920 रिक्त पदों की सूचना आ चुकी थी।
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इन रिक्त पदों पर भर्ती के लिए शासन ने अनुमति भी दी थी, लेकिन इसके साथ ही जिला स्तरीय कमेटियों के माध्यम ने इन सभी रिक्त पदों का सत्यापन कराने को भी कहा गया था। सत्यापन की प्रक्रिया के दौरान मार्च 2020 के बाद निदेशालय को कॉलेजों की ओर से 520 नए पदों की सूचना भी मिल गई। इस तरह पदों की संख्या बढ़कर तकरीबन साढ़े चार हजार हो गई।
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हालांकि निदेशालय ने रिक्त पदों के सत्यापन के बाद आयोग को दो चरणों में 2016 पदों का अधियाचन भेजा। बाद में इसमें 14 पद घटा दिए गए और आयोग अब विज्ञापन संख्या-50 के तहत 2002 पदों पर भर्ती करने जा रहा है। प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के तकरीबन ढाई हजार पद अभी खाली है। निदेशालय अगर जल्द ही इन पदों का अधियाचन आयोग को भेज देता है तो अभ्यर्थियों को बड़ी राहत मिल जाएगी।