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जिससे थी रामबाग स्टेशन की पहचान अब वही हो गया नाम
Sat, 22 Feb 2020 12:50 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 22 Feb 2020 12:50 AM IST
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बंगाल एंड नार्थ वेस्टर्न रेलवे द्वारा 107 वर्ष पहले बनाए गए इलाहाबाद सिटी रेलवे स्टेशन को वही नाम मिल गया, जिससे इसकी पहचान थी। चूंकि, यह स्टेशन रामबाग मोहल्ले में है, लिहाजा लोग इसे रामबाग रेलवे स्टेशन ही पुकारते आए। हालांकि, स्टेशन का नाम इलाहाबाद सिटी रेलवे के दस्तावेजों में दर्ज रहा, लेकिन अब राज्यपाल द्वारा जारी की गई अधिसूचना के बाद इलाहाबाद सिटी स्टेशन को ‘प्रयागराज रामबाग’ के नाम से जाना जाएगा।
दरअसल, रामबाग स्टेशन शहर के मध्य में ही स्थित है। पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों का कहना है कि यह स्टेशन वर्ष 1913 में ही अस्तित्व में आया था। उस दौरान इलाहाबाद सिटी स्टेशन बंगाल एंड नार्थ वेस्टर्न रेलवे के अधीन था। पहले यहां मीटर गेज की लाइन थी जो 90 के दशक में ब्रांड गेज में तब्दील की गई। पूर्वोत्तर रेलवे के अफसर बताते हैं कि वर्ष 1913 में ही सिटी स्टेशन के साथ ही दारागंज में गंगा पुल का भी निर्माण हुआ था। इसी तरह इलाहाबाद छिवकी की बात करें तो पहले इस स्टेशन का नाम सिर्फ छिवकी ही था।
स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने के बाद डीआरएम एसके पंकज के कार्यकाल में इस स्टेशन का नाम इलाहाबाद छिवकी एक अप्रैल 2017 में किया गया। इस तरह से तीन वर्ष से भी कम समय में इलाहाबाद छिवकी को नया नाम प्रयागराज छिवकी हो गया। वहीं प्रयागघाट स्टेशन को भी नया रूप कुंभ मेले के पूर्व ही मिला। उत्तर रेलवे के अफसर बताते हैं कि प्रयागघाट स्टेशन भी सौ वर्ष से ज्यादा पुराना है। इसे टर्मिनल के रूप में कुंभ के पूर्व ही विकसित किया गया था।
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दरअसल, रामबाग स्टेशन शहर के मध्य में ही स्थित है। पूर्वोत्तर रेलवे के अफसरों का कहना है कि यह स्टेशन वर्ष 1913 में ही अस्तित्व में आया था। उस दौरान इलाहाबाद सिटी स्टेशन बंगाल एंड नार्थ वेस्टर्न रेलवे के अधीन था। पहले यहां मीटर गेज की लाइन थी जो 90 के दशक में ब्रांड गेज में तब्दील की गई। पूर्वोत्तर रेलवे के अफसर बताते हैं कि वर्ष 1913 में ही सिटी स्टेशन के साथ ही दारागंज में गंगा पुल का भी निर्माण हुआ था। इसी तरह इलाहाबाद छिवकी की बात करें तो पहले इस स्टेशन का नाम सिर्फ छिवकी ही था।
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स्टेशन पर ट्रेनों की संख्या बढ़ने के बाद डीआरएम एसके पंकज के कार्यकाल में इस स्टेशन का नाम इलाहाबाद छिवकी एक अप्रैल 2017 में किया गया। इस तरह से तीन वर्ष से भी कम समय में इलाहाबाद छिवकी को नया नाम प्रयागराज छिवकी हो गया। वहीं प्रयागघाट स्टेशन को भी नया रूप कुंभ मेले के पूर्व ही मिला। उत्तर रेलवे के अफसर बताते हैं कि प्रयागघाट स्टेशन भी सौ वर्ष से ज्यादा पुराना है। इसे टर्मिनल के रूप में कुंभ के पूर्व ही विकसित किया गया था।
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