Health : खराब दिनचर्या के कारण युवा हो रहे गर्दन व पीठ दर्द के शिकार, एसआरएन में रोज आ रहे 70 फीसदी मामले
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में प्रतिदिन 70 फीसदी मामले कमर व पीठ दर्द के आते हैं। इनमें 80 फीसदी मामले 18 से 25 वर्ष के बीच के युवाओं के होते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कई बार लोग पेनकिलर (दर्द निवारक) दवाओं से काम चलाते हैं। लेकिन ज्यादा दर्द निवारक लेने से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।
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बढ़ती उम्र के साथ हड्डियां कमजोर होने लगती हैं। इससे आए दिन कमर, पीठ व गर्दन दर्द की शिकायत बनी रहती है, लेकिन कम उम्र में यह समस्या आपको परेशानी में डाल सकती है। पिछले दो-तीन वर्षों से युवाओं में पीठ दर्द के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसका बड़ा कारण युवाओं की खराब दिनचर्या है।
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) में प्रतिदिन 70 फीसदी मामले कमर व पीठ दर्द के आते हैं। इनमें 80 फीसदी मामले 18 से 25 वर्ष के बीच के युवाओं के होते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि कई बार लोग पेनकिलर (दर्द निवारक) दवाओं से काम चलाते हैं। लेकिन ज्यादा दर्द निवारक लेने से किडनी को नुकसान पहुंच सकता है।
प्रयागराज में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों की संख्या अधिक है। अभ्यर्थी प्रतिदिन आठ से 10 घंटे पढ़ाई करते हैं। लगातार कई-कई घंटों तक बैठे रहने से उनकी मसल्स (मांसपेशियों) में खिंचाव की समस्या आ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह का व्यायाम और दूध का सेवन करना बहुत जरूरी है। साथ ही पढ़ाई व अन्य कार्य करते वक्त थोड़े-थोड़े अंतराल में आराम जरूर करें।
चिकित्सकों की मानें तो व्यायाम न करना और पौष्टिक आहार न लेने से युवाओं की हड्डियां कमजोर हो रही हैं। साथ ही कभी-कभी हड्डियों में संक्रमण के कारण भी यह समस्या बढ़ जाती है। जो लोग सही ढंग से नहीं बैठते हैं, उन्हें यह समस्या ज्यादा आती है। लगातार लेटे रहने से भी पीठ दर्द बढ़ता है।
ये हैं प्रमुख कारण
1- लिगामेंट में किसी तरह का खिंचाव
2- हड्डियों में इंफेक्शन (संक्रमण) होना
3- किसी तरह का ट्यूमर बनने से
4- स्पाइनल कॉर्ड में समस्या आना, दर्द होना
युवाओं में बैक पेन की समस्या अधिक देखने को मिल रही है। इसका प्रमुख कारण व्यायाम न करना और दूध का सेवन नहीं करना है। अगर दर्द की समस्या बनी हुई है तो केवल दर्द निवारक दवाओं से काम न चलाएं। ये दवाएं किडनी के लिए घातक हो सकती हैं। - डॉ. आनंद सिंह, हड्डी रोग विशेषज्ञ, एसआरएन