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Prayagraj News: ड्रोन, डाटा और डिफेंस तकनीक से सजा नार्थ टेक सिंपोजियम का दूसरा दिन
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नार्थ टेक सिंपोजियम के दूसरे दिन आधुनिक युद्ध तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वदेशी रक्षा समाधानों का प्रदर्शन देखने को मिला। कई कंपनियों ने ऐसे अत्याधुनिक प्रोडक्ट पेश किए जो भविष्य के युद्धों को अधिक स्मार्ट, तेज और सटीक बनाने की दिशा में जरूरी भूमिका निभाएंगे।
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जेट पावर्ड कामिकाजे ड्रोन बना आकर्षण का केंद्र
बंगलूरू की कंपनी नेक्स्टलीप एरोनॉटिक्स ने अपने हाईटेक स्ट्राइकर ड्रोन को प्रस्तुत किया। यह एक जेट पावर्ड कामिकाजे यूएवी है, जिसे लंबी दूरी वाले मिशन के लिए डिजाइन किया गया है। करीब 450 किमी प्रति घंटे की क्रूज गति और 150 किमी तक की संचार सीमा वाला यह ड्रोन उन्नत जीएनएनएस/आईएनएस नैविगेशन सिस्टम से लैस है। इसकी एंटी-जैमिंग क्षमता इसे उन क्षेत्रों में भी प्रभावी बनाती है, जहां जीपीएस सिग्नल बाधित होते हैं।
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इंटरनेट के बिना भी काम करेगा एआई प्लेटफॉर्म
अमेरिका की कंपनी टी सेकंड ने अपने ब्रिक प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन किया जो एज एआई तकनीक पर आधारित है। यह सिस्टम बिना इंटरनेट के भी डाटा को कैप्चर, स्टोर और प्रोसेस करने में सक्षम है। ऐसे प्लेटफाॅर्म सैन्य या आपात स्थितियों में काम आते हैं, जहां बिजली की सुविधा सीमित होती है। इससे डाटा सुरक्षा बढ़ती है और फैसले तेजी से लिए जा सकते हैं। रक्षा, एयरोस्पेस और इंडस्ट्रियल सेक्टर में इसके उपयोग की व्यापक संभावनाएं कंपनी की ओर से बताई गई हैं।
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सैनिकों के लिए स्मार्ट और सुरक्षित तकनीक
भारतीय कंपनी सैसवन ने अपने स्वदेशी रक्षा समाधान प्रस्तुत किए, जिनमें स्मार्टवॉच, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और एआई-आधारित कमांड डैशबोर्ड शामिल है। ये तकनीक सैनिकों को रियल-टाइम जानकारी देती हैं। इसके अलावा इंक्रिप्टेड कम्यूनिकेशन सिस्टम भी प्रदर्शित किए गए जो संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कंपनी का वियरेबल सैटेलाइट कम्यूनिकेशन सिस्टम दूरदराज के क्षेत्रों में भी सैनिकों को जोड़े रखने में सक्षम है।
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जेट पावर्ड कामिकाजे ड्रोन बना आकर्षण का केंद्र
बंगलूरू की कंपनी नेक्स्टलीप एरोनॉटिक्स ने अपने हाईटेक स्ट्राइकर ड्रोन को प्रस्तुत किया। यह एक जेट पावर्ड कामिकाजे यूएवी है, जिसे लंबी दूरी वाले मिशन के लिए डिजाइन किया गया है। करीब 450 किमी प्रति घंटे की क्रूज गति और 150 किमी तक की संचार सीमा वाला यह ड्रोन उन्नत जीएनएनएस/आईएनएस नैविगेशन सिस्टम से लैस है। इसकी एंटी-जैमिंग क्षमता इसे उन क्षेत्रों में भी प्रभावी बनाती है, जहां जीपीएस सिग्नल बाधित होते हैं।
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इंटरनेट के बिना भी काम करेगा एआई प्लेटफॉर्म
अमेरिका की कंपनी टी सेकंड ने अपने ब्रिक प्लेटफॉर्म का प्रदर्शन किया जो एज एआई तकनीक पर आधारित है। यह सिस्टम बिना इंटरनेट के भी डाटा को कैप्चर, स्टोर और प्रोसेस करने में सक्षम है। ऐसे प्लेटफाॅर्म सैन्य या आपात स्थितियों में काम आते हैं, जहां बिजली की सुविधा सीमित होती है। इससे डाटा सुरक्षा बढ़ती है और फैसले तेजी से लिए जा सकते हैं। रक्षा, एयरोस्पेस और इंडस्ट्रियल सेक्टर में इसके उपयोग की व्यापक संभावनाएं कंपनी की ओर से बताई गई हैं।
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सैनिकों के लिए स्मार्ट और सुरक्षित तकनीक
भारतीय कंपनी सैसवन ने अपने स्वदेशी रक्षा समाधान प्रस्तुत किए, जिनमें स्मार्टवॉच, ड्रोन डिटेक्शन सिस्टम और एआई-आधारित कमांड डैशबोर्ड शामिल है। ये तकनीक सैनिकों को रियल-टाइम जानकारी देती हैं। इसके अलावा इंक्रिप्टेड कम्यूनिकेशन सिस्टम भी प्रदर्शित किए गए जो संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं। कंपनी का वियरेबल सैटेलाइट कम्यूनिकेशन सिस्टम दूरदराज के क्षेत्रों में भी सैनिकों को जोड़े रखने में सक्षम है।

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