{"_id":"6a16084623fccb02af0f4e7d","slug":"dragon-fruit-is-grown-in-the-hope-of-lower-cost-and-better-income-allahabad-news-c-417-1-sald1007-6608-2026-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Prayagraj News: कम लागत और बेहतर आमदनी की उम्मीद में उगाया ड्रैगन फ्रूट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Prayagraj News: कम लागत और बेहतर आमदनी की उम्मीद में उगाया ड्रैगन फ्रूट
Wed, 27 May 2026 02:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Wed, 27 May 2026 02:23 AM IST
विज्ञापन
करनाईपुर क्षेत्र में ड्रैगन फूड के पेड़ का शोध करता छात्र युवा।
क्षेत्र के किसान नकदी फसलों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। कम पानी और लागत में बेहतर मुनाफा देने वाली ड्रैगन फ्रूट की खेती से अच्छी आमदनी की उम्मीद है। ऐसे में शोध छात्र ने नई पहल करते हुए खेती को रोजगार का जरिया बनाने का निर्णय लिया है।
प्रो.राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय के हॉर्टिकल्चर एवं फूड साइंस से एमएससी कर चुके शोध छात्र रामराज यादव अपने घर में ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाकर नई तकनीकों और उत्पादन क्षमता पर शोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्रैगन फ्रूट की मांग लगातार बढ़ रही है।
ड्रैगन फ्रूट की रोपाई के करीब डेढ़ से दो साल बाद पौधों में पहला फल आने लगता है। फूल आने के लगभग 30 से 50 दिन में फल तैयार हो जाता है। एक बार पौधा लग जाने के बाद यह करीब 20 से 25 वर्षों तक उत्पादन देता रहता है।
विज्ञापन
कुछ वर्ष पहले तक ड्रैगन फ्रूट केवल बड़े शहरों के सुपरमार्केट या आयातित फलों की दुकानों में ही देखने को मिलता था लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी खेती शुरू हो चुकी है।
रामराज ने बताया कि यदि सरकार की ओर से तकनीकी जानकारी और प्रोत्साहन मिलता रहा तो आने वाले समय में बहरिया क्षेत्र ड्रैगन फ्रूट उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।
विज्ञापन
प्रो.राजेंद्र सिंह (रज्जू भैय्या) विश्वविद्यालय के हॉर्टिकल्चर एवं फूड साइंस से एमएससी कर चुके शोध छात्र रामराज यादव अपने घर में ड्रैगन फ्रूट के पौधे लगाकर नई तकनीकों और उत्पादन क्षमता पर शोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि ड्रैगन फ्रूट की मांग लगातार बढ़ रही है।
विज्ञापन
ड्रैगन फ्रूट की रोपाई के करीब डेढ़ से दो साल बाद पौधों में पहला फल आने लगता है। फूल आने के लगभग 30 से 50 दिन में फल तैयार हो जाता है। एक बार पौधा लग जाने के बाद यह करीब 20 से 25 वर्षों तक उत्पादन देता रहता है।
विज्ञापन
कुछ वर्ष पहले तक ड्रैगन फ्रूट केवल बड़े शहरों के सुपरमार्केट या आयातित फलों की दुकानों में ही देखने को मिलता था लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसकी खेती शुरू हो चुकी है।
रामराज ने बताया कि यदि सरकार की ओर से तकनीकी जानकारी और प्रोत्साहन मिलता रहा तो आने वाले समय में बहरिया क्षेत्र ड्रैगन फ्रूट उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन सकता है।