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डॉ. विक्रम मामला : राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इलाहाबाद विवि प्रशासन से मांगा जवाब 

Fri, 31 Dec 2021 10:33 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 31 Dec 2021 10:33 PM IST
सार

इविवि में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग में शिक्षक डॉ. विक्रम ने 21 अक्तूबर 2019 को एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे।

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Dr. Vikram case: National Commission for Scheduled Castes seeks response from Allahabad University Administration
prayagraj news : इलाहाबाद विश्वविद्यालय। - फोटो : prayagraj

विस्तार

इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विक्रम के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इविवि प्रशासन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चेतावनी दी है कि 15 दिन में तथ्यों के साथ जवाब न देने पर आयोग समन भेजकर इविवि प्रशासन को तलब करेगा।  

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इविवि में मध्यकालीन एवं आधुनिक इतिहास विभाग में शिक्षक डॉ. विक्रम ने 21 अक्तूबर 2019 को एक टीवी चैनल को दिए गए इंटरव्यू में विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए थे। उन्होंने विश्वविद्यालय के शिक्षकों-छात्रों पर जातिवादी होने और जाति के आधार पर छात्रों को अंक देने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले में विवि प्रशासन ने डॉ. विक्रम को नोटिस जारी कर साक्ष्य के साथ जवाब तलब किया है।
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इस मामले को लेकर शिक्षक डॉ. विक्रम ने राष्ट्रीय अनूसचित जाति आयोग को शिकायती पत्र लिखा। उन्होंने मामले की शिकायत आयोग से करते हुए आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन अनायास 26 माह पुराने मामले में जवाब तलब कर परेशान कर रहा है। उन्होंने आयोग से जान माल के सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस मामले में आयोग ने कुलपति को नोटिस जारी किया है।
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नोटिस में कहा गया है कि आयोग ने अनुच्छेद 338 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए मामले की जांच कराने का निर्णय लिया है। आयोग ने नोटिस प्राप्त होने के 15 दिन के भीतर आरोप से जुड़े तथ्यों के साथ जवाब तलब किया है। यदि जवाब नहीं दिया जाता है तो आयोग समन जारी कर कुलपति या उनके प्रतिनिधि को तलब कर सकता है।

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