UP : डॉ.शरद अग्रवाल बने आईएमए अध्यक्ष, 24 वर्ष बाद यूपी से सिर सजा अध्यक्ष का ताज
हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन सहित वह आईएमए यूपी स्टेट में भी लंबे समय तक विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने डॉक्टरों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया। कहा, डॉक्टरों के साथ होने वाली मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए कोरोना काल की तरह ही कानून बनाने की मांग की जाएगी।
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ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन के नए अध्यक्ष डॉ.शरद अग्रवाल ने बुधवार को पदभार ग्रहण कर लिया। प्रयागराज में आयोजित आईएमए के 97वें राष्ट्रीय वार्षिक अधिवेशन के आखिरी दिन हुए कार्यक्रम में उन्हें पदभार ग्रहण कराया गया। डॉ.केतन देसाई आयोजन के मुख्य अतिथि थे।आईएमए अध्यक्ष के तौर पर 24 वर्ष बाद उत्तर प्रदेश से किसी डॉक्टर को यह जिम्मेदारी मिली है। इसके पहले 1998 में डॉ.टीएन मेहरोत्रा आईएमए के अध्यक्ष बने थे। आईएमए के 94वें अध्यक्ष बने डॉ.शरद अग्रवाल मूलरूप से गाजियाबाद के रहने वाले हैं।
हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ इंडिया के चेयरमैन सहित वह आईएमए यूपी स्टेट में भी लंबे समय तक विभिन्न पदों पर रह चुके हैं। अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने डॉक्टरों की सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया। कहा, डॉक्टरों के साथ होने वाली मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए कोरोना काल की तरह ही कानून बनाने की मांग की जाएगी।
आईएएस और आईपीएस की तर्ज पर आईएमएस (इंडियन मेडिकल सर्विसेज) शुरू करने सहित लंबे समय से बंद चल रहे बीसी राय अवार्ड को दोबारा शुरू करने की भी मांग की जाएगी। देश की स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार बेहतर बनाए रखने की प्राथमिकता के तहत आईएमए भारत सरकार को सलाह भी देगा। अगर सरकार चाहे तो सभी हेल्थ प्रोजेक्ट में भी सहयोग किया जाएगा।
इंट्रीग्रेटेड मेडिसिन मिक्सोपैथी का विरोध करेगा आईएमए
भारत सरकार की ओर से भी इंट्रीग्रेटेड मेडिसिन मिक्सोपैथी लाने की तैयारी है। यह बात पूरी तरह से गलत है कि वर्ष 2030 तक मेडिकल के छात्रों को चिकित्सा की हर विधा की डिग्री मिलेगी। आईएमए इसका विरोध करेगा। पूरे विश्व में भारत की स्वास्थ्य सेवाएं प्रसिद्ध हैं।
यही कारण है कि भारत का मेडिकल टूरिज्म बेहतर है, क्योंकि यहां सस्ती दरों पर गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं मिलती हैं। ऐसे में मिक्सोपैथी का प्रयोग करने पर अच्छे डॉक्टर नहीं मिलेंगे। मेडिकल छात्र किसी भी विधा में बेहतर नहीं रह पाएगा। इस मुद्दे पर भारत सरकार से वार्ता की जाएगी।
आईएमए के राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन में दिया वन नेशन, वन बॉंड का नारा
आईएमए के राष्ट्रीय वार्षिक सम्मेलन के आखिरी दिन बुधवार को पेपर तथा पोस्टर सेशन में उत्कृष्ट पेपर प्रस्तुत करने के लिए रेजीडेंट्स को पुरस्कृत किया गया। मेडिसिन, आब्स गायनी और पीडियाट्रिक्स विभाग के रेजीडेंट्स को एमएलएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.एसपी सिंह, पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ.वीके सिंह, सीएमओ डॉ.नानक सरन और नए वर्ष में सीएमओ का पदभार ग्रहण करने वाले डॉ.आशु पांडेय ने पुरस्कृत किया।
इस दौरान आईएमए सदस्यों और पदाधिकारियों के सामने डॉ.सुजीत सिंह ने वन नेशन, वन बॉड का नारा दिया। कहा, अब तक की व्यवस्था के मुताबिक प्रत्येक राज्य में एमबीबीएस के बाद दो वर्ष सेवा देना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर दंड स्वरूप एक करोड़ तक की राशि देने का नियम है। उन्होंने सरकार से एमबीबीएस तथा पीजी पूरी करने के बाद ग्रामीण सर्विस की अवधि तथा उसे पूरा न करने पर दड के रूप में दी जाने वाली धनराशि को राष्ट्रीय स्तर पर एक समान किए जाने की मांग की।
वैज्ञानिक संगाष्ठी में त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ.अमृता मदनानी ने कहा, गर्भवती महिलाओं में यदि त्वचा में खुजली, नीला पड़ने सहित किसी भी प्रकार के छाले होने की शिकायत आती है, तो महिला को त्वचा रोग विशेषज्ञ से तुरंत संपर्क करना चाहिए। गर्भवती महिलाएं प्रसूति रोग विशेषज्ञ से भी मिल सकती हैं। गाजियाबाद के डॉ.प्रहलाद चावला ने कहा, बढ़ते वजन की रोकथाम के लिए पौष्टिकता के सात निर्धारित मात्रा में खान-पान लेना चाहिए। साथ ही सप्ताह में पांच दिन तीस मिनट व्यायाम जरूर करना चाहिए। वर्तमान में आनलाइन खान-पान सेवा तथा फास्टफूड का प्रचलन किशोर-किशोरियों में नई बीमारियों को जन्म दे रहा है। उन्हें इससे बचना चाहिए।