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Dr Kartikeya Death : एसओजी टीम ने छह घंटे की जूनियर डॉक्टरों से पूछताछ, आरोपी डॉ. अनामिका से भी दागे गए सवाल

Fri, 04 Oct 2024 02:56 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 04 Oct 2024 02:56 PM IST
सार

डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए बृहस्पतिवार सुबह करीब 10:30 बजे लगातार दूसरे दिन एसओजी की टीम चौकी पहुंची। साथ में कोतवाली इंस्पेक्टर रोहित तिवारी भी मौजूद रहे। इसके बाद उन जूनियर डॉक्टरों को बुलाया, जिन्होंने घटना के दिन डॉ. कार्तिकेय को सबसे पहले देखा था और उन्हें एमआईसीयू में ले जाकर सीपीआर दिया था।

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Dr Kartikeya Death: SOG team interrogated junior doctors for six hours
डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में मृत मिले डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव की मौत अब तक रहस्यमयी बना हुआ है। बृहस्पतिवार को कार्तिकेय की बहन डॉ. अदिति श्रीवास्तव (जेल अधीक्षक, बिजनौर) एसआरएन पुलिस चौकी पहुंचीं और भाई के मौत के मामले में अधिकारियों से अब तक हुई जांच बारे में जानकारी ली। वहीं, एसओजी की टीम ने करीब छह घंटे तक दर्जनभर से अधिक जूनियर डॉक्टरों से पूछताछ की।

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डॉ. कार्तिकेय श्रीवास्तव की मौत की गुत्थी सुलझाने के लिए बृहस्पतिवार सुबह करीब 10:30 बजे लगातार दूसरे दिन एसओजी की टीम चौकी पहुंची। साथ में कोतवाली इंस्पेक्टर रोहित तिवारी भी मौजूद रहे। इसके बाद उन जूनियर डॉक्टरों को बुलाया, जिन्होंने घटना के दिन डॉ. कार्तिकेय को सबसे पहले देखा था और उन्हें एमआईसीयू में ले जाकर सीपीआर दिया था।
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सूत्रों के अनुसार, घटना के दिन सुबह हड्डी रोग विभाग के ऑपरेशन थिएटर में जिन साथी डॉक्टरों ने उनके हाथ में कैनुला लगाया था, उनको भी पूछताछ के लिए बुलाया गया। उनसे सवाल किया कि डॉ. कार्तिकेय ने कैनुला क्यों लगवाए थे। वह आप लोगों के साथ कितनी देर तक रुके हुए थे। वहां से जाते समय डॉक्टर से क्या पूछा गया था कि वह कहां जा रहे हैं, उनके न मिलने पर कितनी बार डॉ. कार्तिकेय को फोन किए थे।
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इसी तरह से घटना के दिन सबसे पहले जिस डॉक्टर ने उन्हें कार देखा था उनसे सवाल किया गया कि वह पार्किंग एरिया में कैसे और कब पहुंचे, वहां जाने के बाद वह डॉक्टर किस हाल में देखे, डॉक्टर को संदिग्ध हाल में देखकर उन्होंने क्या किया और इसकी सूचना सबसे पहले किसको दिए, जैसे घटना के दिन की कई अन्य सवाल किए गए।

12:30 बजे चौकी पहुंचीं डॉ. अदिति श्रीवास्तव

सूत्रों के अनुसार, बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12:30 बजे डॉ. कार्तिकेय की बहन डॉ. अदिति श्रीवास्तव एसआरएन पुलिस चौकी पहुंचीं। वहां मौजूद एसओजी टीम और विवेचक इंस्पेक्टर रोहित कुमार तिवारी से अब तक की जांच के बारे में जानकारी ली। उनकी मौजूदगी में डॉक्टरों को बुलाकर पूछताछ जारी की गई, हालांकि अब तक पुलिस को ठोस सबूत नहीं मिले हैं। बता दें कि बुधवार को आरोपी डॉ. अनामिका से डेढ़ घंटे तक पूछताछ की गई थी।

सीपीआर देने वाले जूनियर डॉक्टरों से भी पूछताछ

जिन साथी डॉक्टरों ने डॉ. कार्तिकेय को कार से निकालकर एमआईसीयू वार्ड ले गए थे एसओजी की टीम ने उन सभी डॉक्टरों को बारी-बारी से एसआरएन चौकी में बुलाकर पूछताछ की। उन लोगों से यह सवाल किया गया कि डॉक्टर को कार से आईसीयू में लाने पर क्या दशा थी, उनकी सांस चल रही थी या नहीं। उनको कितनी देर तक सीपीआर दी गई। उस समय कौन-कौन मौजूद था। सीपीआर के अलावा डॉक्टर की जान बचाने के लिए और क्या-क्या किया गया। दर्जन भर से अधिक जूनियर डॉक्टरों को बुलाकर करीब छह घंटे तक पूछताछ की गई।

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