अल्लापुर में डबल मर्डर केस : पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो न होती वारदात
संजय राजपूत नेता चौराहा अल्लापुर जबकि राहुल सोहबतियाबाग रेलवे लाइन के पास स्थित डंडिया झोपड़पट्टड्ढी का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब राहुल का मोहल्ले में ही रहने वाले विशाल उर्फ मुंडा और रोहित से विवाद हुआ।
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जार्जटाउन के अल्लापुर में स्थानीय पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया होता तो शायद इतनी बड़ी वारदात न होती। दरअसल दोनों पक्षों के बीच सुबह भी विवाद हुआ था। इसकी सूचना इंस्पेक्टर को भी दी गई थी लेकिन वह नहीं आए। उधर मौके पर पहुंचे पीआरवी के पुलिसकर्मी भी मामला शांत कराकर लौट आए। समय रहते कार्रवाई हो जाती, तो दो जानें न जातीं।
संजय राजपूत नेता चौराहा अल्लापुर जबकि राहुल सोहबतियाबाग रेलवे लाइन के पास स्थित डंडिया झोपड़पट्टड्ढी का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब राहुल का मोहल्ले में ही रहने वाले विशाल उर्फ मुंडा और रोहित से विवाद हुआ। सूचना पर 112 नंबर की पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करा दिया। शाम करीब चार बजे एक बार फिर दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए।
गालीगलौज के बाद उनके बीच मारपीट शुरू हो गई। इसी दौरान विशाल ने अपने परिचित संजय को फोन कर बुलाया। संजय वहां पहुंचा तो उस पर हमला बोल दिया गया। वह जान बचाकर भागा तो हमलावरों ने उसे खदेड़कर दबोच लिया और रेलवे ट्रैक पर गिराकर ईंट-पत्थर से हमला बोल दिया। ताबड़तोड़ हमले में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उधर इसी दौरान किसी ने राहुल को गोली मार दी जिससे उसने भी मौके पर ही दम तोड़ दिया।
एक साथ दो लोगों की हत्या से सनसनी फैल गई। सूचना पर कई थानों की फोर्स के साथ ही सीओ कर्नलगंज एसपी सिटी समेत अन्य पुलिस अफसर भी आ गए। परिजनों से पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर देर रात दोनों पक्षों की ओर से मिली तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।
एक पक्ष से दो दूसरे से चार नामजद
वारदात में दोनों पक्षों की ओर से कुल छह लोगों को नामजद कराया गया है, जिनमें से एक पक्ष के चार और दूसरे पक्ष के दो लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। मृतक राहुल के पिता मानिकचंद ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि मुंडा और रोहित स्मैक का धंधा करते हैं जिसका वह और उसका परिवार विरोध करते थे। इसी को लेकर सुबह 10 बजे दोनों ने घर पर आकर गालीगलौज की और जान से मारने को धमकाते हुए चल्रे गए। शाम को 3:30 बजे दोनों फिर आए और उसके बेटे राहुल को खींचकर ले जाने लगे।
परिवारवालों के शोर मचाने पर मुंडा ने सीने में गोली मारकर बेटे की हत्या कर दी। उधर मृतक संजय की पत्नी पिंकी का आरोप है कि शाम चार बजे के करीब उसके पति के पास विशाल का फोन आया जिसने बताया कि राहुल, रजत और महेश सोनकर से विवाद हो गया है। आप आकर मामला शांत करा दीजिए। जिस पर मेरे पति घर से निकल गए। 20 मिनट बाद पता चला कि सभी मिलकर मेरे पति को मार रहे हैं।
मैं मौके पर पहुंची तो वहां चंदन सोनकर भी था, जिसने ललकारते हुए कहा कि इसे भी मत छोड़ो। मैं जान बचाकर भागी और इसी दौरान मेरे पति को मार डाला गया। सीओ कर्नलगंज अजीत सिंह चौहान ने बताया कि एक पक्ष से मुंडा व रोहित और दूसरे पक्ष से मृतक राहुल व उसके दो भाई रजत व महेश के अलावा चंदन सोनकर पर नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है।
चौकी प्रभारी व चार सिपाहियों पर भी गाज
घटना की जानकारी मिलने पर एसएसपी भी पहले घटनास्थल और फिर जार्जटाउन थाने पर पहुंचे। मृतकों के परिजनों से पूछताछ के बाद उन्होंने प्रथमदृष्टया लापरवाही बरतने के आरोप में जार्जटाउन इंस्पेक्टर कृष्णमोहन सिंह, अल्लापुर चौकी प्रभारी एसआई जैदी, बीट आरक्षी जीतेंद्र, मनीष, श्यामजी यादव व पीआरवी में तैनात सिपाही अजय पासवान को निलंबित कर दिया। आरोप है कि सुबह विवाद की जानकारी पर भी इंस्पेक्टर व चौकी प्रभारी मौके पर नहीं गए। जबकि आरक्षियों की भूमिका संदिग्ध होने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। साथ ही विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
वारदात के पीछे नशीले पदार्थ के धंधे के विवाद की भी बात सामने आई है। जिसके लिए जांच पड़ताल की जा रही है। अफसरों से रिपोर्ट मांगी गई है। जो भी दोषी होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें लगाई गई हैं। - अजय कुमार, एसएसपी
गम-गुस्से के बीच अंतिम संस्कार
दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम शनिवार को हुआ। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शवों को घर ले गए। जहां शव पहुंचते ही कोहराम मच गया। संजय की पत्नी पिंकी तो पति का शव देखकर बदहवास हो गई। उधर राहुल की लाश से लिपटकर उसकी पत्नी व अन्य परिजन बिलखते रहे। वारदात के बाद से ही स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई थी, ऐसे में पहले ही कई थानों की फोर्स तैनात कर दी गई थी। इसकेबाद कड़ी सुरक्षा में दोनों शवों को दारागंज ले जाया गया, जहां परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया गया।