प्रयागराज : डॉक्टरों और व्यापारियों ने कैंडल जलाकर डॉ. अर्चना शर्मा को दी श्रद्धांजलि
हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से डॉ. अर्चना के खिलाफ कार्रवाई करने और अनैतिक धाराएं लगाने का भी संस्थाओ ने विरोध किया। कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है।
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राजस्थान के दौसा में लोगों की प्रताड़ना से परेशान होकर आत्म हत्या करने वाली डॉ. अर्चना शर्मा पर हुए उत्पीड़न का विरोध रविवार को भी जारी रहा। इलाहाबाद नर्सिंग होम एंड प्राइवेट डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन, प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन, अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल की तरफ से पूरे मामले की घोर निंदा की गई।
हाईकोर्ट के आदेश को दरकिनार करते हुए स्थानीय प्रशासन की ओर से डॉ. अर्चना के खिलाफ कार्रवाई करने और अनैतिक धाराएं लगाने का भी संस्थाओ ने विरोध किया। कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही डॉ. अर्चना के परिवार के प्रति सहानुभूति रखते हुए राजस्थान के डॉक्टरों के आंदोलन का समर्थन किया।
घटना के विरोध में रविवार को इलाहाबाद नर्सिंग होम एंड प्राइवेट डॉक्टर वेलफेयर एसोसिएशन समेत अन्य संस्थाओं की तरफ से बड़ी संख्या में लोग सुभाष चौराहा पर एकत्र हुए। इसके बाद लोंगों कैंडल मार्च करके अपने बहादुर साथी को याद किया। कहा कि डॉ. अर्चना अंतिम दिनों में भी डॉक्टरों के साथ हो रहे उत्पीड़न को रोकने के लिए आग्रह करके इस दुनियां से चली गई।
डॉ. अर्चना को इंसाफ देने की मांग
मार्च के दौरान डॉक्टरों ने अपने हाथों में डॉ. अर्चना को इंसाफ देने की अपील करते हुए तख्तियां हाथों पर पकड़ी थी। इस दौरान एसोसिएशन अध्यक्ष अवनीश सक्सेना, सचिव डॉ. पीयूष दीक्षित, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश नर्सिंग होम एसोसिएशन डॉ. सुशील सिन्हा, डॉ. प्रकाश खेतान, डॉ. वरंजना पांडेय, डॉ. पल्लवी सिंह, डॉ. ओपी सिंह, डॉ. भगवत पांडेय, समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
दूसरी ओर प्रयाग केमिस्ट एसोसिएशन, अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन, व्यापार मंडल ने डॉ. अर्चना शर्मा पर हुए चौतरफा उत्पीड़न की कठोर निंदा की। इस अवसर पर हुई बैठक में अध्यक्ष लालू मित्तल ने कहा कि कोई भी चिकित्सक अपने मरीज को कभी भी मरते हुए नहीं देखना चाहता है। वह अपने मरीज को स्वस्थ करने के लिए हर संभव तरीका अपनाता है। लेकिन लोगों को सोचना चाहिए कि वह भी इंशान है, भगवान नहीं। यदि इसी प्रकार चिकित्सक आत्महत्या केलिए विवश होते रहे तो इसके गंभीर परिणाम होंगे।