{"_id":"5e7649aa8ebc3e78b86413c1","slug":"do-not-panic-every-winter-no-cold-corona-the-principal-of-the-medical-college-pacified-the-curiosity-of-the-people","type":"story","status":"publish","title_hn":"घबराएं नहीं, हर सर्दी, जुकाम कोरोना नहीं, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने लोगों की जिज्ञासाओंं को किया शांत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घबराएं नहीं, हर सर्दी, जुकाम कोरोना नहीं, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने लोगों की जिज्ञासाओंं को किया शांत
Sat, 21 Mar 2020 10:37 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 21 Mar 2020 10:37 PM IST
विज्ञापन
coronavirus के संबंध में पाठकों से सवालों का जवाब देते मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह।
- फोटो : prayagraj
अमर उजाला कार्यालय में शनिवार को मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के साथ पाठकों के संवाद का सिलसिला शुरू हुआ तो फिर जिज्ञासाओं की झड़ी लग गई। पाठकों के सवाल थे कि थमने का नाम नहीं ले रहे थे। ज्यादातर पाठकों की यही इच्छा थी कि उनकी सीधे प्राचार्य डॉ. सिंह से बात कराई जाए, लेकिन सबको सहूलियत प्रदान करना संभव नहीं था।
विज्ञापन
अधिकांश सवालों में पाठक कोरोना के लक्षण व इससे बचाव का तरीका जानने चाहते थे। प्राचार्य का कहना था कि कोरोना से घबराने की जरूरत नहीं है, इससे लड़ाई लड़ना ही इसका समाधान है। उन्होंने कहा कि अपने हाथों को साफ रखें और खांसी जुकाम मरीजों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखें। सावधानी ही कोरोना से बचाव का एकमात्र रास्ता है।
विज्ञापन
फोन व्हाट्स एप, मेल के माध्य से बड़ी संख्या में आए सवालों में से प्रमुख सवाल और उनकी एसपी सिंह की ओर से दिए गए जवाब यहां दिए जा रहे हैं। सवाल पूछने वाले सभी पाठकों के नाम छापना संभव नहीं है। कुछ चुनिंदा पूछे गए सवाल इस प्रकार हैं।
विज्ञापन
सवाल -मेरी बेटी डेढ़ साल की है, उसे खांसी आ रही है। मुझे क्या करना चाहिए ?
मो. साबिर (झूंसी)
जवाब - यदि घर में खांसी किसी अन्य सदस्य को नहीं है और बच्ची को सांस लेने में तकलीफ भी नहीं हो रही है तो चिंता की कोई बात नहीं है।
सवाल- सामान्य आदमी जिसे बीमारी नहीं है, वह कोरोना से बचाव के लिए क्या करे? गिरिजाशंक र (हंडिया) व कृपाशंकर श्रीवास्तव(मीरापुर)
जवाब- भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें। जब जरूरत हो तभी घर से बाहर निकलें। मुंह पर हाथ लगाने से पहले उन्हें साबुन से अच्छी तरह धोएं।
सवाल- कोरोना से बचाव के लिए क्या तरीके अपनाने चाहिए? राजेश यादव झूंसी
जवाब- यदि किसी को खांसी जुकाम की बीमारी है तो वह बात करते समय पर्याप्त दूरी बनाए रखे। इसके अलावा बात करने वाला सामने बैठा व्यक्ति भी सावधानी बरते।
सवाल- कोरोना के लक्षणों की पहचान कैसे करें? दिलीप कुमार गुप्ता (रामबाग)
जवाब- कोरोना संक्रमित मरीजों को सूखी खांसी, बुखार आता है। इसके अलावा उनको सांस लेने में भी दिक्कत होती है। ये तीनों ही लक्षण कोरोना बीमारी के संकेत हैं।
सवाल- चार दिन से सर्दी जुकाम से पीड़ित हूं, क्या करूं (सुनील कुमार-बैरहना)
जवाब- यदि सामान्य जुकाम है और खांसी नहीं आ रही है। इसके अलावा सांस लेने में दिक्कत नहीं हो रही तो घबराने की जरूरत नहीं है। फिर भी एहतियात के तौर पर सावधानी बरतें और दूसरे के सामने न छीकें।
सुरेंद्र कुमार पटेल- जीव जंतुओं में क्या ये वायरस होता है। मांस खाने से क्या कोरोना का खतरा हो सकता है? प्रयागराज
जवाब- वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध में यह पता चला है कि जीव-जंतुओं में कोरोना वायरस पाया गया है, खासतौर पर इसका प्रभाव रा मेटेरीयिल (कच्चे मांस) में यह वायरस जिंदा रहता है। मांस को यदि सही ढंग से पका लिया जाए तो वायरस प्रभावहीन हो जाता है।
सवाल- तापमान बढ़ने से क्या कोरोना वायरस का प्रभाव खत्म हो जाता है? अमन
जवाब- अमूमन वायरस नमी वाले स्थान पर ही जीवित रहता है। डब्ल्यूएचओ ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है कि यह वायरस कितने डिग्री तापमान तक सक्रिय रह सकता है। यहां इतना अवश्य है कि ड्राइ हीट एरिया में वायरस ज्यादा समय तक नहीं रहता।
सवाल- क्या जनता कर्फ्यू के बाद भी बीमारी से बचाव के लिए सावधानी रखनी होगी - पूर्व सूबेदार बीएम सिंह (धूमनगंज)
जवाब- जनता कर्फ्यू के बाद हम सभी लोगों को बीमारी से सतर्क रहना होगा। कोरोना संक्रमित मरीजों से दूर रहकर ही इससे बचाव किया जा सकता है, क्योंकि खांसते अथवा छींकते समय जो ड्रापलेट्स निकलते हैं, वह जमीन की सतह पर रहते हैं और उससे कोई भी व्यक्ति संक्रमित हो सकता है।
सवाल- क्या कोरोना के लिए कोई दवा विकसित की जा चुकी है और ये कितनी प्रभावकारी है ? नवल छात्र इविवि
जवाब- कोरोना से निपटने लिए फिलहाल अभी कोई दवा अथवा टीका विकसित नहीं किया जा सका है, क्योंकि हर वायरस जीन्स के साथ बदलता है।
बाक्स में
सवाल- मैं अभी अहमदाबाद से लौटा हूं, किसी तरह का खतरा तो नहीं है? (सुनील कुमार)
जवाब- यात्रा के समय अथवा इसके पूर्व किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आए, अथवा उनसे हाथ तो नहीं मिलाया। यदि घर में रहकर आपको 14 दिनों के भीतर कोरोना के लक्षण मिलते हैं तो जांच कराएं।
इन बातों का रखें ख्याल
1. संक्रमित व्यक्ति हमेशा मास्क लगाकर रहें। आसपास जाने के साथ-साथ लोगों से हाथ मिलाने से बचें और नमस्ते करें।
2. यदि किसी संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिला लिया तो कम से कम 30 सेकेंड तक दोनोें हाथ साबुन से अच्छी तरह से धोएं।
3. होटल-ढाबों, माल अथवा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें, क्योंकि वहां संक्रमण का अधिक खतरा रहता है।
4. यदि मास्क नहीं है तो साफ अंगौछा गर्म पानी से धो लें और उसे धूप में कम से कम दो दिनों तक सुखाकर मुंह पर बांधें
5. छींकने अथवा खांसने वाले व्यक्ति से कम से एक मीटर से अधिक की दूरी बनाए रखें
6. वायरस पेट में जाने से नहीं बल्कि सांस की नली में जाने से फैलता है। यदि संक्रमित स्थान पर किसी खाद्य सामग्री का सेवन कर लिया है तो गर्म पानी से (गरारा) कुल्ला करें।
7. यह वायरस फर्श अथवा किसी भी वस्तु की सतह पर दो दिनों तक रह सकता है, इसलिए घर में घुसने पर हाथ को धोना जरूरी है।
8. यदि घर में नौकर अथवा नौकरानी है तो उसे चप्पल घर के बाहर उतारने को कहें। काम करने से पहले अच्छी तरह से हाथ धुलवा लें। यदि उसे छींक अथवा खांसी आ रही हो तो उसे छुट्टी दे दें।
9. दफ्तरों में काम करने वाले लोग भी विशेष सावधानी बरतें। हाथ धोने के बाद ही खाने-पीने की वस्तुओं का सेवन करें
10. यदि जरूरी हो तो ही सफर करें और सफर के दौरान पास बैठने वाले यात्री के मुंह के विपरीत अपना मुंह रखें। मुंह पर मास्क अथवा अंगोछा बांधकर ही यात्रा करें।
एक्यूबेशन पीरियड में पता चलते लक्षण
यदि किसी को कोरोना का संक्रमण हो गया है तो दो से 14 दिनों तक उसे खांसी, जुकाम तथा बुखार हो सकता है। इसके अलावा सांस लेने में उसे दिक्कत हो सकती है, गायिका कनिका कपूर इसका ताजा उदाहरण है।
एयरपोर्ट पर पकड़ में नहीं आते मरीज
कोरोना से संक्रमित मरीज एयरपोर्ट पर जल्दी पकड़ में नहीं आते हैं, क्योंकि वहां उनकी केवल थर्मल स्क्रीनिंग (शरीर का तापमान मापना) होती है। इसके लक्षण 2-14 दिनों में ही दिखाई पड़ते हैं।
स्वस्थ व्यक्ति न लगाएं मास्क
बाइक पर बैठकर चलने वाले लोगों को मास्क लगाने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उनको बीमारी का खतरा नहीं है। मास्क केवल संक्रमित मरीज अथवा खांसी जुकाम से पीड़ित लोग तथा अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ ही लगाए। स्वस्थ व्यक्ति के मास्क लगाने से लोगों में दहशत फैलती है।