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शिक्षा को व्यवसाय न बनने दें शिक्षक: राज्यपाल
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 29 Jul 2016 01:11 AM IST
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राज्यपाल राम नाईक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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देश एवं प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जिम्मेदारी मात्र सरकारी संस्थाओं की नहीं, अपितु गैर सरकारी संस्थाओं एवं निजी संस्थाओं की भी है। सरकारी संसाधनों के बल पर प्रदेश की इतनी बड़ी आबादी को शिक्षित करना संभव नहीं है, इसके लिए निजी शिक्षण संस्थाएं सराहनीय कार्य कर रही हैं। शिक्षा व्यवसाय नहीं बल्कि विद्यादान का काम है। शिक्षक इसको किसी भी हाल में व्यवसाय न बनने दें। शहर के बृज बिहारी सहाय इंटर कॉलेज शिवकुटी में वित्तविहीन शिक्षक समन्वय समिति की ओर से आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में यह बातें राज्यपाल राम नाईक ने कही। उन्होंने शिक्षकों को सम्मानित करने की परंपरा की सराहना की।
वित्तविहीन शिक्षक समन्वय समिति की ओर से आयोजित समारोह में राज्यपाल ने सम्मानित शिक्षकों से कहा कि अब उनका दायित्व और बढ़ गया है। सम्मान मिलने के बाद उस चुनौती को पूरा करना शिक्षक के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याएं हैं, सरकार उनकी हर बात को ध्यान में रखकर उसे हल करने की कोशिश कर रही है। वित्तविहीन शिक्षकों से कहा कि वह अपने संगठन को बढ़ाने से पहले शिक्षा को सब तक पहुंचाने का लक्ष्य बनाएं, बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा दें, यही उनकी चुनौती है। उन्होंने बीबीएस इंटर कॉलेज के शिक्षकों को अच्छे रिजल्ट के लिए बधाई देने के साथ, यह भी कहा कि इसकी परंपरा को बनाए रखना होगा। इस मौके पर राज्यपाल ने बीबीएस महाविद्यालय कादिलपुर का शुभारंभ भी किया।
उन्होंने अपने दो वर्ष के कार्य के बारे में भी बताया, कहा कि इस दौरान उनके दरवाजे सभी के लिए खुले रहे। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक का परिचय बीबीएस इंटर कॉलेज के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. ऋषि सहाय ने दिया, उन्होंने राज्यपाल को विद्यालय में आगमन के लिए धन्यवाद देने केसाथ उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। इस मौके पर इलाहाबाद राज्य विवि के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद, विद्यालय के संरक्षक डॉ. ब्रजेंद्र बिहारी सहाय, अंजुला सहाय, चिंतामणि सिंह, शिशुपाल शरद एवं डॉ. मधुसूदन दीक्षित, ओम प्रकाश बागी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संचालन रश्मि शुक्ला एवं त्रिवेणी प्रसाद ने किया।
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सम्मानित होने वाले शिक्षक
प्रदेश रत्न सम्मान
- इलाहाबाद से रणजीत सिंह, आत्मानंद सिंह, राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अशोक कुमार मिश्र, कौशाम्बी से डॉ. नमोनारायण त्रिपाठी, झांसी से प्रकाश चंद्र त्रिपाठी एवं कल्पना सिंह, कानपुर से अवधेश, जालौन से शिव कुमार पटेरिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं प्रधानाचार्य शामिल रहे।
प्रदेश गौरव सम्मान
- इलाहाबाद से प्रदीप त्रिपाठी, वर्षा अरोरा, एसपी त्रिपाठी, बांदा से शिवबली सिंह, मेरठ से विनोद कुमार गोयल सहित बड़ी संख्या में अवकाश ग्रहण करने वाले शिक्षक एवं प्रधानाचार्य शामिल रहे।
प्रदेश शिरोमणि सम्मान
- इलाहाबाद से डॉ. ऋषि सहाय, राजेंद्र मिश्र बबुआन, ज्ञान सिंह सहित कई अन्य शिक्षक एवं शिक्षाविद शामिल रहे।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। बसपा नेताओं की ओर से दयाशंकर के परिवार की महिलाओं के लिए अपशब्द कहे जाने के सवाल पर कि पीड़िता के उनसे मिलने के दो दिन बाद भी उसे न्याय नहीं मिला, इस सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से बात की है, शीघ्र इस बारे में उचित निर्णय लिया जाएगा। महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यह विधान सभा चुनाव का वर्ष है, ऐसे में राजनीतिक दल मनमाने बयान देते रहेंगे, बयानबाजी के दौरान उन्हें लक्ष्मण रेखा का पालन करना चाहिए। हर किसी का सम्मान करने की आदत इन राजनेताओं को अपने अंदर लानी होगी।
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वित्तविहीन शिक्षक समन्वय समिति की ओर से आयोजित समारोह में राज्यपाल ने सम्मानित शिक्षकों से कहा कि अब उनका दायित्व और बढ़ गया है। सम्मान मिलने के बाद उस चुनौती को पूरा करना शिक्षक के लिए बड़ी जिम्मेदारी होती है। वित्तविहीन शिक्षकों की समस्याएं हैं, सरकार उनकी हर बात को ध्यान में रखकर उसे हल करने की कोशिश कर रही है। वित्तविहीन शिक्षकों से कहा कि वह अपने संगठन को बढ़ाने से पहले शिक्षा को सब तक पहुंचाने का लक्ष्य बनाएं, बच्चों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा दें, यही उनकी चुनौती है। उन्होंने बीबीएस इंटर कॉलेज के शिक्षकों को अच्छे रिजल्ट के लिए बधाई देने के साथ, यह भी कहा कि इसकी परंपरा को बनाए रखना होगा। इस मौके पर राज्यपाल ने बीबीएस महाविद्यालय कादिलपुर का शुभारंभ भी किया।
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उन्होंने अपने दो वर्ष के कार्य के बारे में भी बताया, कहा कि इस दौरान उनके दरवाजे सभी के लिए खुले रहे। सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल राम नाईक का परिचय बीबीएस इंटर कॉलेज के संस्थापक एवं निदेशक डॉ. ऋषि सहाय ने दिया, उन्होंने राज्यपाल को विद्यालय में आगमन के लिए धन्यवाद देने केसाथ उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। इस मौके पर इलाहाबाद राज्य विवि के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद, विद्यालय के संरक्षक डॉ. ब्रजेंद्र बिहारी सहाय, अंजुला सहाय, चिंतामणि सिंह, शिशुपाल शरद एवं डॉ. मधुसूदन दीक्षित, ओम प्रकाश बागी सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। संचालन रश्मि शुक्ला एवं त्रिवेणी प्रसाद ने किया।
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सम्मानित होने वाले शिक्षक
प्रदेश रत्न सम्मान
- इलाहाबाद से रणजीत सिंह, आत्मानंद सिंह, राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अशोक कुमार मिश्र, कौशाम्बी से डॉ. नमोनारायण त्रिपाठी, झांसी से प्रकाश चंद्र त्रिपाठी एवं कल्पना सिंह, कानपुर से अवधेश, जालौन से शिव कुमार पटेरिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं प्रधानाचार्य शामिल रहे।
प्रदेश गौरव सम्मान
- इलाहाबाद से प्रदीप त्रिपाठी, वर्षा अरोरा, एसपी त्रिपाठी, बांदा से शिवबली सिंह, मेरठ से विनोद कुमार गोयल सहित बड़ी संख्या में अवकाश ग्रहण करने वाले शिक्षक एवं प्रधानाचार्य शामिल रहे।
प्रदेश शिरोमणि सम्मान
- इलाहाबाद से डॉ. ऋषि सहाय, राजेंद्र मिश्र बबुआन, ज्ञान सिंह सहित कई अन्य शिक्षक एवं शिक्षाविद शामिल रहे।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि महिलाओं के सम्मान के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा। बसपा नेताओं की ओर से दयाशंकर के परिवार की महिलाओं के लिए अपशब्द कहे जाने के सवाल पर कि पीड़िता के उनसे मिलने के दो दिन बाद भी उसे न्याय नहीं मिला, इस सवाल पर राज्यपाल ने कहा कि इस संबंध में उन्होंने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक से बात की है, शीघ्र इस बारे में उचित निर्णय लिया जाएगा। महिलाओं के सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं होगा।
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि यह विधान सभा चुनाव का वर्ष है, ऐसे में राजनीतिक दल मनमाने बयान देते रहेंगे, बयानबाजी के दौरान उन्हें लक्ष्मण रेखा का पालन करना चाहिए। हर किसी का सम्मान करने की आदत इन राजनेताओं को अपने अंदर लानी होगी।