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ढूंढ़े नहीं मिल रहे जिला पंचायत सदस्य, चुनाव के दिन आने की संभावना
Wed, 23 Jun 2021 11:42 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 23 Jun 2021 11:42 PM IST
सार
- कई चले गए हैं जिले से बाहर, परिजनों और गॉडफादर के जरिए उन्हें घेरने की कोशिश
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prayagraj news : जिला पंचायत कार्यालय, प्रयागराज।
- फोटो : prayagraj
विस्तार
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के सामने नया संकट खड़ा हो गया है। प्रचार अभियान पर निकले दावेदारों तथा उनके समर्थकों का सदस्यों से संपर्क ही नहीं हो पा रहा है। कई सदस्य तो जिले से बाहर चले गए हैं। अब उनके मतदान की सुबह या उससे एक दिन पहले रात में लौटने की बात कही जा रही है। ऐसे में उम्मीदवारों ने परिजनों तथा राजनीतिक आकाओं के माध्यम से सदस्यों के घेराबंदी की रणनीति बनाई है।
अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को मतदान होगा। यह तारीख नजदीक आने के साथ अपने समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को दूसरे के संपर्क में आने से रोकने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। एक पार्टी के नेताओं ने बुधवार को यमुनापार में सदस्यों से संपर्क करना चाहा तो पता चला कि कई जिले से बाहर हैं। करछना के एक जिला पंचायत सदस्य अपने परिवार के साथ मैहर देवी के दर्शन के लिए निकले हैं। वहीं मेजा के एक सदस्य खजुराहो गए हैं। इनके अलावा कई अन्य सदस्य भी जिले से बाहर गए हैं। परिजनों का कहना था कि अब ये लोग दो जुलाई की रात में आएंगे। कई अन्य सदस्य भी घर पर नहीं मिले। हालांकि ये लोग जिले में हैं लेकिन घर पर कम ही आते हैं।
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अध्यक्ष पद के लिए तीन जुलाई को मतदान होगा। यह तारीख नजदीक आने के साथ अपने समर्थक जिला पंचायत सदस्यों को दूसरे के संपर्क में आने से रोकने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। एक पार्टी के नेताओं ने बुधवार को यमुनापार में सदस्यों से संपर्क करना चाहा तो पता चला कि कई जिले से बाहर हैं। करछना के एक जिला पंचायत सदस्य अपने परिवार के साथ मैहर देवी के दर्शन के लिए निकले हैं। वहीं मेजा के एक सदस्य खजुराहो गए हैं। इनके अलावा कई अन्य सदस्य भी जिले से बाहर गए हैं। परिजनों का कहना था कि अब ये लोग दो जुलाई की रात में आएंगे। कई अन्य सदस्य भी घर पर नहीं मिले। हालांकि ये लोग जिले में हैं लेकिन घर पर कम ही आते हैं।
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अध्यक्ष के चुनाव में हर बार रही है महिलाओं की सीधी भागीदारी
राजनीति में महिलाओं की भागीदारी भले ही बहुत कम हो लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में उनका ही वर्चस्व रहा है। सन 2000 से अब तक केशरी देवी और रेखा सिंह ही बारी-बारी से इस कुर्सी पर काबिज रही हैं। 1995 के चुनाव में अध्यक्ष चुने गए विश्राम दास को भी पूर्व सांसद राम निहो राकेश की पत्नी ने कड़ी टक्कर दी थी। इस बार चुनाव में भी सपा ने मालती यादव को समर्थन दिया है, जिनका मुकाबला भाजपा समर्थित डॉ.वीके सिंह से होगा।
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