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जिला पंचायत चुनाव : मालती को उतारकर सपा ने पेश की चुनौती, यादव बिरादरी के सदस्यों पर साधा निशाना
Wed, 19 May 2021 08:04 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 19 May 2021 08:04 PM IST
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prayagraj news : मालती यादव।
- फोटो : prayagraj
हंडिया तृतीय से जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित मालती यादव को अध्यक्ष पद के लिए उतारकर सपा ने भाजपा की चौतरफा घेराबंदी करने की कोशिश की है। चुनाव की तिथि घोषित होने से पहले ही सपा ने उम्मीदवार की घोषणा करके दबाव बढ़ाने की कोशिश की है तो मालती के बहाने यादव बिरादरी के सदस्यों को भी साधा है। पारिवारिक पृष्ठभूमि के सहारे मालती राजनीतिक दांव-पेच को साधने में भी मदद मिलने की बात कही जा रही है।
सपा की ओर से मालती यादव को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर मंगलवार को ही सहमति बन गई थी। जिला इकाई के इस प्रस्ताव पर बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मुहर लगा दी। इसके बाद पार्टी कार्यालय में अध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने समर्थन का पत्र मालती यादव को सौंपा। इस बार यादव बिरादरी के 20 से अधिक सदस्य निर्वाचित हुए हैं।
यह सपा का परंपरागत वोट बैंक भी है। ऐसे में मालती को उतारकर सपा ने इन सदस्यों को पूरी तरह से अपने पक्ष में लाने की कोशिश की है। 37 वर्षीय मालती विधि स्नातक के अलावा एक कालेज की प्रबंधक के साथ कई संस्थाओं की निदेशक भी हैं। इसके अलावा उनके पिता राम मिलन यादव सपा के वरिष्ठ नेता हैं तो माता चंपा देवी ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं। यानी, भाजपा को उनके राजनीतिक पृष्ठभूमि के रूप में मिलने वाली चुनौती से भी निपटना होगा।
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निर्वाचन के 15 दिन के भीतर ही भाजपा की ओर से जिस तरह से 15 सदस्यों के पार्टी ज्वाइन करने का दावा किया गया उसमें मालती यादव की राजनीतिक पृष्ठभूमि और संबंधों का और महत्व बढ़ जाता है। इसके अलावा अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई लेकिन ब्लाक प्रमुखी के लिए धन के बल पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को लुभाने की शिकायतें आने लगी हैं।
इन शिकायतों के बीच एक बड़े कारोबारी रंग बहादुर यादव की पत्नी मालती को समर्थन देकर सपा ने यह संकेत भी दे दिया है कि विपक्षी प्रत्याशियों के लिए धन बल की राजनीति भी आसान नहीं होगी। रंगबहादुर का कहना है कि पार्टी ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार की घोषणा करके समर्थित सदस्यों के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब पार्टी नेतृत्व का जो निर्देश होगा उसके अनुसार आगे की गतिविधियां तय की जाएंगी।
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सपा की ओर से मालती यादव को अध्यक्ष पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर मंगलवार को ही सहमति बन गई थी। जिला इकाई के इस प्रस्ताव पर बुधवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी मुहर लगा दी। इसके बाद पार्टी कार्यालय में अध्यक्ष योगेश चंद्र यादव ने समर्थन का पत्र मालती यादव को सौंपा। इस बार यादव बिरादरी के 20 से अधिक सदस्य निर्वाचित हुए हैं।
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यह सपा का परंपरागत वोट बैंक भी है। ऐसे में मालती को उतारकर सपा ने इन सदस्यों को पूरी तरह से अपने पक्ष में लाने की कोशिश की है। 37 वर्षीय मालती विधि स्नातक के अलावा एक कालेज की प्रबंधक के साथ कई संस्थाओं की निदेशक भी हैं। इसके अलावा उनके पिता राम मिलन यादव सपा के वरिष्ठ नेता हैं तो माता चंपा देवी ब्लाक प्रमुख रह चुकी हैं। यानी, भाजपा को उनके राजनीतिक पृष्ठभूमि के रूप में मिलने वाली चुनौती से भी निपटना होगा।
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निर्वाचन के 15 दिन के भीतर ही भाजपा की ओर से जिस तरह से 15 सदस्यों के पार्टी ज्वाइन करने का दावा किया गया उसमें मालती यादव की राजनीतिक पृष्ठभूमि और संबंधों का और महत्व बढ़ जाता है। इसके अलावा अभी चुनाव की घोषणा नहीं हुई लेकिन ब्लाक प्रमुखी के लिए धन के बल पर क्षेत्र पंचायत सदस्यों को लुभाने की शिकायतें आने लगी हैं।
इन शिकायतों के बीच एक बड़े कारोबारी रंग बहादुर यादव की पत्नी मालती को समर्थन देकर सपा ने यह संकेत भी दे दिया है कि विपक्षी प्रत्याशियों के लिए धन बल की राजनीति भी आसान नहीं होगी। रंगबहादुर का कहना है कि पार्टी ने अध्यक्ष पद के उम्मीदवार की घोषणा करके समर्थित सदस्यों के सामने स्थिति स्पष्ट कर दी है। अब पार्टी नेतृत्व का जो निर्देश होगा उसके अनुसार आगे की गतिविधियां तय की जाएंगी।