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सालिड बेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के लिए जबरन जमीन लेने पर जिलाधिकारी से जवाब तलब
Wed, 15 Sep 2021 11:48 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 15 Sep 2021 11:48 PM IST
सार
यह आदेश न्यायमूर्ति एमके गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने राम जतन व 83 अन्य की याचिका पर दिया है। प्लांट प्रोजेक्ट में याचियों की जमीन सहित 108 किसानों की 8.543 हेक्टेयर जमीन शामिल हैं।
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कोर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सालिड बेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने के लिए गोरखपुर की सहजनवां तहसील के ग्राम सुथनी के किसानों को अपनी जमीन जबरन नगर निगम को बेचने के लिए पुलिस के जरिए दबाव डलवाने पर जिलाधिकारी से व्यक्तिगत हलफनामा मांगा है। पूछा है कि कौन सा कानून है जिससे किसी को अपनी जमीन बेचने को विवश किया जाय। किसान भूमि बेचना नहीं चाहते हैं तो उनको को जमीन बेचने को कैसे बाध्य किया जा रहा है। याचिका की सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने राम जतन व 83 अन्य की याचिका पर दिया है। प्लांट प्रोजेक्ट में याचियों की जमीन सहित 108 किसानों की 8.543 हेक्टेयर जमीन शामिल हैं। जमीन उपजाऊ होने के कारण याची बेचना नहीं चाहते और पुलिस उन्हें जमीन बेचने के लिए दबाव डाल रही है। कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी तो जिलाधिकारी ने बताया कि बहुत से किसानों ने जमीन नगर निगम को बेच दी है। शेष को खरीदने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार ने जमीन अधिग्रहण की कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। याची के आरोप को सही मानते हुए कोर्ट ने हलफनामा मांगा है।
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यह आदेश न्यायमूर्ति एम के गुप्ता तथा न्यायमूर्ति दीपक वर्मा की खंडपीठ ने राम जतन व 83 अन्य की याचिका पर दिया है। प्लांट प्रोजेक्ट में याचियों की जमीन सहित 108 किसानों की 8.543 हेक्टेयर जमीन शामिल हैं। जमीन उपजाऊ होने के कारण याची बेचना नहीं चाहते और पुलिस उन्हें जमीन बेचने के लिए दबाव डाल रही है। कोर्ट ने सरकार से जानकारी मांगी तो जिलाधिकारी ने बताया कि बहुत से किसानों ने जमीन नगर निगम को बेच दी है। शेष को खरीदने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार ने जमीन अधिग्रहण की कोई अधिसूचना जारी नहीं की है। याची के आरोप को सही मानते हुए कोर्ट ने हलफनामा मांगा है।
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