Prayagraj : भूमाफिया के जरिये करोड़ाें के लेन-देन का पता लगाने के लिए डीएम ने बनाई कमेटी
भूमाफिया के जरिये जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त में करोड़ों के लेन-देन के पीछे किसका हाथ है और भूमाफिया किसके लिए काम कर रहे हैं, यह पता लगाने के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने एडीएम वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
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भूमाफिया के जरिये जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त में करोड़ों के लेन-देन के पीछे किसका हाथ है और भूमाफिया किसके लिए काम कर रहे हैं, यह पता लगाने के लिए डीएम मनीष कुमार वर्मा ने एडीएम वित्त एवं राजस्व के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
जरूरत पड़ने पर इस जांच में आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की मदद भी ली जाएगी। एयरपोर्ट के पास नई टाउनशिप ‘एयरोसिटी’ बसाए जाने की तैयारी शुरू होते ही भूमाफिया सक्रिय हो गए हैं और किसानों से सस्ते दाम पर जमीन खरीदकर ऊंची कीमतों पर बेचने का खेल शुरू हो गया है। प्रयागराज विकास प्राधिकरण 15 दिनाें में तकरीबन 150 बीघा जमीन पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त करा चुका है।
हालांकि, इसके बाद भी जमीन पर अवैध कब्जे, अवैध प्लॉटिंग का गोरखधंधा जारी है। इस गोरखधंधे में कालाधन लगा होने की आशंका जताई जा रही है। किसानों से सस्ते दाम पर जमीन खरीदने वाले भूमाफिया कौन हैं, क्या उनके पास इतना पैसा है कि वे कराेड़ों की संपत्ति खरीद सकें या इसके पीछे किसी का कालाधन लगा है? ऐसे तमाम सवालों का जवाब खोजने के लिए डीएम ने विशेषज्ञों की कमेटी का गठन किया है।
इस कमेटी में एडीएम नजूल व एडीएम एफआर के साथ निबंधन विभाग, कृषि और तहसील के अफसरों व कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। कमेटी पता लगाएगी कि किसानों से जमीन किस रेट पर खरीदी गई और किसे-किसे बेची गई। जांच के दौरान जमीन के आखिरी क्रेता और विक्रेता के बैंक अकाउंट भी खंगाले जा सकते हैं।
नई टाउनशिप के पास माफिया अतीक की कई बेनामी संपत्तियां
एयरपोर्ट के पास नई टाउनशिप बसाने के लिए जिन गांवों की जमीनों को अधिग्रहण के लिए चिह्नित किया जा रहा है, वहां माफिया अतीक अहमद की व्यापक पैमाने पर बेनामी संपत्तियां भी हैं। जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि इन संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर रोक के बावजूद अवैध प्लॉटिंग तो नहीं हो रही है या कोई फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री तो नहीं करा रहा है। सूत्रों का कहना है कि माफिया अतीक के करीबी भूमाफिया अब भी सक्रिय हैं और अतीक की बेनामी संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में लिप्त हैं।
‘कमेटी का गठन किया गया है जो यह जांच करेगी कि जमीन पर अवैध कब्जे में कौन लोग शामिल हैं। पैसा कहां से आ रहा है और कहां जा रहा है। इस जांच में आयकर विभाग व जरूरत पड़ने पर अन्य एजेंसियाें का सहयोग भी लिया जाएगा। प्रयागराज विकास प्राधिकरण भी उन भूमाफिया की जांच करेगा, जो बिना अनुमति के प्राधिकरण जमीन की अवैध खरीद-फरोख्त व अवैध प्लॉटिंग में लिप्त हैं। ’ - मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी