राकेश टिकैत का हमला: देश में कमजोर विपक्ष की वजह से हावी है तानाशाही, किसानों का एक मंच पर आना जरूरी
महापंचायत में टिकैत ने मोदी और योगी सरकार पर तमाम आरोप लगाए। कहा कि चुनाव के पहले किसानों को मुफ्त बिजली देने का दावा किया गया था, लेकिन अब मीटर लगाए जा रहे हैं।
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भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने रविवार को केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार अपनी मनमानी पर उतारू है। इसकी मुख्य वजह देश में विपक्ष का कमजोर होना है। विपक्ष सड़क पर उतर कर आंदोलन नहीं करता। कमजोर विपक्ष की वजह से ही देश में तानाशाही हावी हो रही है। राकेश टिकैत ने यह बातें झलवा चौराहे के पास एक मैदान में यूनियन की ओर से आयोजित किसान महापंचायत में कहीं।
महापंचायत में टिकैत ने मोदी और योगी सरकार पर तमाम आरोप लगाए। कहा कि चुनाव के पहले किसानों को मुफ्त बिजली देने का दावा किया गया था, लेकिन अब मीटर लगाए जा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि क्या कोई बता सकता है कि मीटर से मुफ्त बिजली कैसे मिलती है। कहा कि पीएम मोदी डिजिटलीकरण को बढ़ावा दे रहे हैं। अगर देश डिजिटल हो रहा है तो किसानों को भी डिजिटल कर दें। क्योंकि किसानों की फसल का भुगतान उनके खाते में आने में एक वर्ष तक का समय लग जाता है। अगर डिजिटल हो तो उनके खाते में पैसा तुरंत आ जाएगा।
टिकैत ने कहा कि लखनऊ एयरपोर्ट के लिए किसानों की जमीन तो ले ली गई, लेकिन उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया। जमीन अधिग्रहण पर हुए समझौते को बदल दिया। अब जिलाधिकारी को शक्ति मिल गई है कि वह किसी को भी नए प्रोजेक्ट के नाम पर जमीन ले सकते हैं। सरकारें देश की संपत्ति कुछ लोगों के हाथों में बेचना चाहती है। देश को अगर बचाना है कि उसके लिए आंदोलन जरूरी है।
एक मंच पर किसानों का आना जरूरी
टिकैत ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों और मजदूरों को पूरी तरह से खत्म करना चाहती है। इसलिए जरूरी है कि किसान एक मंच में आएं। अगर किसान, मजदूर, रेहड़ी-पटरी दुकानदार सभी एक मंच पर आएंगे तो वैसा ही आंदोलन होगा, जैसा देश की आजादी के लिए हुआ था। इस दौरान टिकैत ने कहा कि केंद्र सरकार विशेष प्रकार के सरसों के तेल की अनुमति दे रही है। इसके दो प्लांट उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर और राजस्थान के भरतपुर में प्लांट लगाए जाने हैं, लेकिन भाकियू ऐसा नहीं होने देगी। क्योंकि यह जहरीली सरसों है।
बगैर पराली धान कहां से होगा
पराली को लेकर टिकैत ने कहा कि बगैर पराली के धान कहां पैदा होता है। यह मालूम तब चलेगा जब धान भी सरकार को बाहर से खरीदना पड़ेगा। गुजरात विधानसभा चुनाव के प्रचार को लेकर कहा कि हम कोई राजनीतिक दल नहीं हैं। लेकिन देश को एक बड़े आंदोलन की जरूरत है। किसान मजदूर की लड़ाई हम लड़ते रहेंगे। इसके पूर्व भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बलराम सिंह लंबरदार ने कहा कि किसानों के बच्चे पढ़ न सकें, यही सरकार का लक्ष्य है। कंप्यूटर से पढ़ने वाले बच्चे शहर में मिलेंगे, लेकिन गांव में आज सरकार बच्चों को कटोरा शिक्षा, जिसे मिड डे मील कहा जाता है, वही दे रही है। इस अवसर पर राष्ट्रीय महासचिव राजवीर सिंह जादौन, युवा विंग के प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह, मंडल अध्यक्ष लाल चंद्र यादव, जिलाध्यक्ष संजय गांधी, प्रदेश उपाध्याय राजेंद्र सिंह ने भी सरकार को घेरा।