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विद्यासागर हत्याकांड में एक लाख का इनाम घोषित था धोनी पर

Sat, 10 Aug 2019 02:00 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 10 Aug 2019 02:00 AM IST
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Dhoni was declared a reward of one lakh in Vidyasagar murder case
Dhoni was declared a reward of one lakh in Vidyasagar murder case
विद्यासागर हत्याकांड में एक लाख का इनाम घोषित था धोनी पर
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प्रयागराज में दो हत्याएं, एक हत्या के प्रयास और रंगदारी मांगने में था वांछित
वाराणसी एसटीएफ ने मुठभेड़ में किया है गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। जिले में दो हत्याओं और एक हत्या के प्रयास से सनसनी फैलाने वाला शार्प शूटर शिव प्रकाश तिवारी उर्फ धोनी वाराणसी में पुलिस मुठभेड़ में पकड़ा गया तो कई मामलों का खुलासा हो गया। धोनी पर सिविल लाइंस में 2018 में हुए विद्यासागर हत्याकांड में एक लाख का इनाम भी घोषित था। कौशलेश त्रिपाठी और राजकुमार यादव गिरोह के जुड़कर धोनी ने प्रदेश में कई हत्याओं को अंजाम दिया था।
धोनी के साथ ही उसके साथी मनीष केसरवानी निवासी जसरा घूरपुर और अंजनी सिंह निवासी चकराना, नैनी को भी गिरफ्तार किया गया है। बस्ती जेल में रहने के दौरान उसकी मुलाकात यमुनापार के कौशलेश त्रिपाठी और झूंसी के राजकुमार यादव से हुई। राजकुमार के भाई ज्ञानचंद्र उर्फ वकील की हत्या 2016 में हुई थी। उसने धोनी से इसका बदला लेने के लिए कहा और लाखों रुपये सुपारी भी दी। जेल से छूटने के बाद उसने पांच अगस्त 2018 को राजकुमार के भाई संतोष तथा अन्य लोगों के साथ मिलकर चंद्रजीत यादव को गोली मारी थी। हालांकि वह बच गया था। इस मामले में पहले धोनी के खिलाफ यहां मुकदमा दर्ज हुआ था। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि इसके बाद ज्ञानचंद्र की हत्या में शामिल विद्यासागर यादव को धोनी ने अंजनी सिंह के साथ मिलकर 24 दिसंबर 2018 को सिविल लाइंस में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसी मामले में धोनी पर एक लाख का इनाम घोषित हुआ था। इसके बाद वह बिहार भाग गया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले अभिषेक सिंह उर्फ बंटी के साथ मिलकर वह पूरी तरह राजकुमार यादव और संतोष यादव के लिए काम करने लगा। 12 फरवरी 2019 को ज्ञानचंद्र की हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी राजदेव यादव को भी झूंसी में उसने गोली मार दी थी। संतोष यादव ने गाड़ी और असलहे की व्यवस्था कराई थी। राकेश चौबे भी उनके छिपने और गाड़ी आदि के इंतजाम में मदद करता था। नवेंदु के मुताबिक प्रयागराज एसटीएफ काफी समय से धोनी की तलाश कर रही थी लेकिन वह यहां नहीं आ रहा था। संयोग से घटना के लिए वह वाराणसी गया तो उसे मुठभेड़ में पकड़ लिया गया।
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10 लाख न देने पर विहिप नेता पर भी किया था धोनी ने हमला
प्रयागराज। झूंसी के चर्चित विहिप नेता और व्यवसायी विजय अग्रवाल पर भी हमला धोनी ने ही अपने साथियों के साथ किया था। डिप्टी एसपी नवेंदु सिंह ने बताया कि पूछताछ से खुलासा हुआ है कि संतोष यादव ने विजय के भतीजे बंटी अग्रवाल से दस लाख की रंगदारी मांगी थी। बंटी ने पैसे देने से मना किया तो हमले की योजना बनाई गई। इसी बीच बंटी ने पुलिस में शिकायत भी कर दी। इसके बाद संतोष और अभिषेक ने धोनी को यहां बुलवाया। संतोष ने धोनी के साथ तीन और लड़कों को हमले के लिए भेजा था। 20 जून 2019 को विजय अग्रवाल को दुकान में घुसकर गोली मार दी गई थी। इस कांड में संतोष का नाम तो आया था लेकिन हत्या का प्रयास धोनी ने किया, इसका खुलासा अब जाकर हुआ।
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