डिप्टी सीएम बोले : ऑपरेशन कायाकल्प योजना से स्कूलों में देखने को मिला बड़ा बदलाव
पहले अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजना नहीं चाहते थे लेकिन बेहतर काम होने की वजह से लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं।
विस्तार
पहले अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए भेजना नहीं चाहते थे लेकिन बेहतर काम होने की वजह से लोग अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ा रहे हैं। ऑपरेशन कायाकल्प योजना के तहत स्कूलों में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। यह बातें उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को कहीं। मौका था लखनऊ में आयोजित बेसिक शिक्षा विभाग के 3276 करोड़ की लागत के महत्वपूर्ण कार्यक्रमों का शुभारंभ सीएम योगी आदित्यनाथ ने किया। जिसका सजीव प्रसारण जिला पंचायत सभागार में हुआ। प्रयागराज की उपलब्धियों पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का बटन दबाकर विमोचन किया।
उप मुख्यमंत्री ने शिक्षा के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वालों में स्मार्ट क्लास संचालन के लिए कंपोजिट विद्यालय घाटमपुर कौड़िहार-1 के सहायक अध्यापक प्रभाशंकर शर्मा, डिजिटल लाइब्रेरी के लिए कंपोजिट विद्यालय पालपुर चाका की प्रधानाचार्य आभा, यूपीएस थरवई सोरांव की आशा देवी समेत अन्य को प्रशस्तिपत्र देकर सम्मानित किया गया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के लिए खजाना खोल दिया है। बच्चे देश, प्रदेश व परिवार के विकास के भविष्य हैं। बेसिक शिक्षा स्कूलों से निकलकर बच्चे सभी क्षेत्रों में सफलता की ऊंचाईयों को छू रहे हैं। भारत की प्रगति को दुनिया देख रही है। हम अर्थव्यवस्था में दुनिया में चौथे नंबर पर हैं। उन्होंने कहा कि 2047 तक विकसित भारत बनाना है।
वर्तमान समय में बेसिक स्कूलों की शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन हुआ है। जिसके कारण प्राइवेट स्कूलों से ज्यादा अब सरकारी स्कूलों का रिजल्ट अच्छा आ रहा है। इस मौके पर विधायक करछना पीयूष रंजन निषाद, विधायक बारा डॉ. वाचस्पति, विधायक फूलपुर दीपक पटेल, मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, अपर शिक्षा निदेशक कामता राम पाल, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, प्रभाकर त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
बेसिक शिक्षा की रैंकिंग प्रयागराज में दूसरे स्थान पर
सांसद फूलपुर प्रवीण पटेल ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश में बेसिक शिक्षा स्कूलों में कायाकल्प योेजना के तहत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीके सिंह ने कहा कि पूर्व में सरकारी स्कूलों में पठन-पाठन की अच्छी व्यवस्था नहीं होती थी। अब हालात बदल गए है। महापौर गणेश केसरवानी ने कहा कि शिक्षा में एक गुणात्मक परिवर्तन हुआ है। वर्तमान समय में बेसिक शिक्षा की रैंकिंग में प्रयागराज दूसरे स्थान पर है।
293211 छात्र-छात्राओं को दी गई राशि
बेसिक शिक्षा अधिकारी प्रवीण कुमार तिवारी ने कहा कि प्रयागराज में विभाग के 281 विद्यालय, नेडा के 187 विद्यालय, विधायक करछना के सहयोग से 201 विद्यालय, विभिन्न बैंकों से 17 विद्यालय व लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड से 177 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की स्थापना की गई है। वर्तमान सत्र के प्रथम चरण में 293211 छात्र-छात्राओं को डीबीटी के माध्यम से 1200 रुपये प्रति छात्र की दर से धनराशि मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर हस्तांतरित किए। प्राथमिक विद्यालयों में 4836 व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में 872 टैबलेट दिए जा चुके हैं। 296 विद्यालयों में आईसीटी लैब की स्थापना की जा रही है।