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चुनावी मोड में आने के साथ ही बढ़ी डिप्टी सीएम केशव मौर्य की सक्रियता

Wed, 23 Jun 2021 10:02 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 23 Jun 2021 10:02 PM IST
सार

  • संघ की मंशा पर पिछड़ों की गोलबंदी में लगातार जुटे रहे केशव
  • विधानसभा चुनाव की तैयारियों का रोडमैप तैयार करने की भी मिली अहम भूमिका

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Deputy CM Keshav Maurya's activism increased as he entered election mode
keshav prasad maurya - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्व  केंद्रीय मंत्री डा. मुरली मनोहर जोशी, पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी के बाद भारतीय जनता पार्टी का प्रयागराज में अगर कोई बड़ा चेहरा माना जाता है तो वह डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ही है। पार्टी में भी केशव मौर्य का कद भी लगातार बढ़ता जा रहा है। मिशन 2022 विजय के लिए भाजपा के चुनावी मोड में आने के साथ ही केशव मौर्य की भी इन दिनों सक्रियता बढ़ गई है। चर्चा है कि प्रदेश संगठन ने सीएम योगी के साथ केशव मौर्य को विधानसभा चुनाव की तैयारियों का रोडमैप तैयार करने की अहम भूमिका दे दी है।

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Deputy CM Keshav Maurya's activism increased as he entered election mode
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य - फोटो : अमर उजाला

पिछले कुछ दिनों से सियासी गलियारों में डिप्टी सीएम केशव मौर्य को लेकर तमाम तरह की बातें सामने आई। खबर यह भी आई कि उनके और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, लेकिन इन तमाम अटकलों पर मंगलवार 22 जून को विराम लग गया। डिप्टी सीएम के लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर सीएम योगी, डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले, सह सर कार्यवाह कृष्ण गोपाल और क्षेत्र प्रचारक अनिल के आगमन ने पार्टी में एकजुटता का संदेश देने का काम कर दिया।

राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी ने केशव को अहम भूमिका दे दी है। इसकी मुख्य वजह केशव मौर्य का पिछड़ी जाति का एक बड़ा नेता होना है। यूं तो भाजपा में पिछड़ी जाति के कुछ अन्य नेता भी है, जिसमें कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह आदि के नाम प्रमुख रूप से शामिल हैं। लेकिन केशव के मुकाबले इन नेताओं का जनाधार अभी कम ही है। संघ और विहिप में भी उनकी अच्छी पैठ है। शायद इसी वजह से केशव मौर्य पिछले कुछ दिनों से पिछड़ों की गोलबंदी में लगातार जुटे हुए हैं।

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Deputy CM Keshav Maurya's activism increased as he entered election mode
keshav prasad maurya - फोटो : अमर उजाला
वह लगातार प्रदेश के तमाम जिलों का दौरा भी कर रहे हैं। बीते एक सप्ताह की ही बात करें तो उन्होंने पश्चिमी यूपी के आगरा, बरेली एवं बुंदेलखंड के झांसी जिले का दौरा कर सरकार के विकास कार्यों का बखान कर वोटरों को साधने का भी काम किया। प्रयागराज में भी उनका बार-बार आगमन हो रहा है। पार्टी के भरोसेमंद सूत्रों का कहना है कि  2019 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के पोस्टरों में जिस तरह से पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह छाए हुए थे, उसी तर्ज पर विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा सीएम योगी और केशव मौर्य की जुगलबंदी वाले पोस्टर आदि का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सकती है। 

संजय निषाद और राजवीर सिंह से मुलाकात की ट्वीट की फोटो

संघ पदाधिकारियों से हुई मुलाकात के बाद डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद और एटा से भाजपा सांसद राजवीर सिंह से मुलाकात की फोटो ट्वीट की। इन दोनों ही नेताओं से केशव मौर्य की मुलाकात उनके लखनऊ स्थित आवास पर हुई। इन दोनों ही नेताओं की मुलाकात को केशव मौर्य ने शिष्टाचार भेंट बताया। हालांकि राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
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