प्रयागराज : एसआरएन में मारपीट का डिप्टी सीएम ब्रजेश ने लिया संज्ञान, दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई का निर्देश
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को मिर्जापुर से ऑपरेशन कराने आई महिला पुष्पा के परिजनों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई।
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एसआरएन अस्पताल में बृहस्पतिवार की शाम जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों के बीच हुए मारपीट की घटना का डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। तीन वरिष्ठ चिकित्सकों की टीम गठित करके एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।
स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में बृहस्पतिवार को मिर्जापुर से ऑपरेशन कराने आई महिला पुष्पा के परिजनों और जूनियर डॉक्टरों के बीच विवाद हो गया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई और तीमारदारों को किसी प्रकार अस्पताल से बाहर निकालकर एंबुलेंस से रवाना कर दिया गया।
उधर, घटना की जानकारी होने के बाद शुक्रवार की सुबह डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य से फोन पर घटना की पूरी जानकारी ली। साथ ही घटना में जूनियर डॉक्टरों की तरफ से की गई मारपीट को गंभीर बताते हुए पूरे मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।
जनपद प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में जूनियर डॉक्टरों और तीमारदारों में हुई मारपीट की सूचना मिलने पर मैंने प्रधानाचार्य, मेडिकल कॉलेज को उक्त घटना में संलिप्त चिकित्सकों को तत्काल नोटिस निर्गत करने व एक कमेटी गठित कर पूरे प्रकरण की
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) October 28, 2022
जांच कराकर दोषी चिकित्सकों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही करते हुए विस्तृत रिपोर्ट एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करने के आदेश दिये हैं।
— Brajesh Pathak (@brajeshpathakup) October 28, 2022
इसके बाद शुक्रवार की दोपहर में प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह ने तीन वरिष्ठ चिकित्सकों डॉ. वत्सला मिश्रा, डॉ.एडी शुक्ला और डॉ. मनोज माथुर की जांच कमेटी गठित करते हुए प्रकरण की जांच करके एक सप्ताह में रिपोर्ट देने का निर्देश दिया। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक विवाद प्रकरण में दोनों पक्षों से पूछताछ की जाएगी। साथ ही टीम विवाद के कारणों का भी पता लगातार अपनी जांच रिपोर्ट सौंपेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जूनियर डॉक्टरों द्वारा होने वाली मारपीट को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इससे अस्पताल की छवि पर गलत असर पड़ता है। पीड़ित पक्ष को हर संभव मदद अस्पताल प्रशासन की तरफ से की जाएगी। इसके साथ ही शुक्रवार को सभी विभागों के अध्यक्षों को भी विद्यार्थियों को समझाने और भविष्य में इस प्रकार की घटना ना हो, इसके लिए तैयार करने का निर्देश दिया गया है।