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बोर्ड परीक्षा में पास कराने के लिए परीक्षार्थियों से मांगे पैसे
Sat, 13 Apr 2019 02:18 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 13 Apr 2019 02:18 AM IST
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यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिए परीक्षा में पास कराने और अपूर्ण रिजल्ट को पूर्ण कराने के नाम पर सैकड़ों परीक्षार्थियों को फोन कर पैसे मांगे गए हैं। रिजल्ट से पहले इस सनसनीखेज खुलासे से माध्यमिक शिक्षा परिषद के आफिस में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सचिव नीना श्रीवास्तव ने यूपी के डीजीपी को पत्र लिखकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की गुजारिश की है।
यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के रिजल्ट आने वाले हैं। एक जालसाज गिरोह ने सैकड़ों परीक्षार्थियों को फोन कर बताया कि उनका परीक्षाफल अपूर्ण है। अगर वह रिजल्ट से पहले परीक्षाफल पूर्ण कराके पास होना चाहते हैं तो पैसे ट्रांसफर कर दें। जालसाजों ने कई एकाउंट नंबर और बैंक आईएफएससी कोड भी परीक्षार्थियों को बताया है। परीक्षार्थियों के पास जितने भी फोन गए हैं, सभी माध्यमिक शिक्षा परिषद के कर्मचारियों के नाम पर किए गए हैं। प्रदेश के कई जिलों में जालसाजों का फोन गया है। कुछ अभिभावकों ने जब यह बात परिषद तक पहुंचाई तो हड़कंप मच गया।
सचिव नीना श्रीवास्तव ने जांच कराई तो तमाम परीक्षार्थियों को 12 मोबाइल नंबरों से कॉल किए गए थे। एकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड की भी जांच कराई गई। मामला सही पाए जाने पर नीना श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने डीजीपी से बताया है कि परीक्षाफल से पहले इस तरह के कृत्य से परीक्षाओं की शुचिता और गरिमा प्रभावित हुई है।
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इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा परिषद की छवि भी धूमिल हुई है। उन्होंने इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई को कहा है। डीजीपी को सभी 12 मोबाइल नंबर, एकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड उपलब्ध करा दिया गया है। सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को पूरी बात और सुबूत मुहैया करा दिए गए हैं। जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
जालसाजों ने न सिर्फ परीक्षार्थियों के मोबाइल नंबर हासिल किए बल्कि रोल नंबर भी उनके पास थे। उन्होंने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को धमकी भी दी कि अगर ऐसे नहीं दिए गए उनके परीक्षाफल कभी पूर्ण नहीं हो पाएंगे। परीक्षार्थी को यूपी बोर्ड से पास नहीं होने दिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव ने प्रदेश के सभी डीआईओएस को पत्र भेजकर कहा है कि उनके जिले में ऐसी घटना की सूचना मिलती है तो इसकी जानकारी तुरंत परिषद को उपलब्ध कराएं। इस मामले में तुरंत कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
परिषद ने इस मामले में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षाफल से पहले भ्रम की स्थिति में न रहें। ऐसा कोई भी नहीं है जो पैसे लेकर किसी छात्र को पास करा सके या फिर परीक्षाफल पूर्ण करा सके। वे किसी भ्रम या प्रलोभन में न पड़े। जिन लोगों ने फोन किया है या फिर जो भी इस जालसाज गिरोह में शामिल हैं, उनके विरुद्ध जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
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यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के रिजल्ट आने वाले हैं। एक जालसाज गिरोह ने सैकड़ों परीक्षार्थियों को फोन कर बताया कि उनका परीक्षाफल अपूर्ण है। अगर वह रिजल्ट से पहले परीक्षाफल पूर्ण कराके पास होना चाहते हैं तो पैसे ट्रांसफर कर दें। जालसाजों ने कई एकाउंट नंबर और बैंक आईएफएससी कोड भी परीक्षार्थियों को बताया है। परीक्षार्थियों के पास जितने भी फोन गए हैं, सभी माध्यमिक शिक्षा परिषद के कर्मचारियों के नाम पर किए गए हैं। प्रदेश के कई जिलों में जालसाजों का फोन गया है। कुछ अभिभावकों ने जब यह बात परिषद तक पहुंचाई तो हड़कंप मच गया।
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सचिव नीना श्रीवास्तव ने जांच कराई तो तमाम परीक्षार्थियों को 12 मोबाइल नंबरों से कॉल किए गए थे। एकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड की भी जांच कराई गई। मामला सही पाए जाने पर नीना श्रीवास्तव ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी ओपी सिंह को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने डीजीपी से बताया है कि परीक्षाफल से पहले इस तरह के कृत्य से परीक्षाओं की शुचिता और गरिमा प्रभावित हुई है।
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इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा परिषद की छवि भी धूमिल हुई है। उन्होंने इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई को कहा है। डीजीपी को सभी 12 मोबाइल नंबर, एकाउंट नंबर और आईएफएससी कोड उपलब्ध करा दिया गया है। सचिव नीना श्रीवास्तव ने बताया कि पुलिस को पूरी बात और सुबूत मुहैया करा दिए गए हैं। जल्द ही इस मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
जालसाजों ने न सिर्फ परीक्षार्थियों के मोबाइल नंबर हासिल किए बल्कि रोल नंबर भी उनके पास थे। उन्होंने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को धमकी भी दी कि अगर ऐसे नहीं दिए गए उनके परीक्षाफल कभी पूर्ण नहीं हो पाएंगे। परीक्षार्थी को यूपी बोर्ड से पास नहीं होने दिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की सचिव ने प्रदेश के सभी डीआईओएस को पत्र भेजकर कहा है कि उनके जिले में ऐसी घटना की सूचना मिलती है तो इसकी जानकारी तुरंत परिषद को उपलब्ध कराएं। इस मामले में तुरंत कानूनी कार्रवाई भी की जाए।
परिषद ने इस मामले में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों से अपील की है कि परीक्षाफल से पहले भ्रम की स्थिति में न रहें। ऐसा कोई भी नहीं है जो पैसे लेकर किसी छात्र को पास करा सके या फिर परीक्षाफल पूर्ण करा सके। वे किसी भ्रम या प्रलोभन में न पड़े। जिन लोगों ने फोन किया है या फिर जो भी इस जालसाज गिरोह में शामिल हैं, उनके विरुद्ध जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।