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सैदाबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 10 May 2017 01:51 AM IST
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चुनाव
- फोटो : file
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प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के साथ ही पंचायतों की राजनीति में भी उलटफेर शुरू हो गया है। ऐसे ही एक मामले में पूर्व मंत्री राकेश त्रिपाठी के भतीजे आमने-सामने आ गए हैं। सैदाबाद ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आ गया है। प्रस्ताव पर डीएम ने बैठक की तिथि निर्धारित कर दी है। बैठक के दौरान ही अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले बीडीसी सदस्यों का अपना बहुमत साबित करना होगा।
सैदाबाद में अविश्वास प्रस्ताव की लड़ाई पुरानी है। इस बार अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्य भाजपा नेता प्रमोद त्रिपाठी हैं, जो रसूलपुर से बीडीसी सदस्य हैं। उन्होंने सपा नेता नरेंद्र त्रिपाठी की बहू एवं सैदाबाद ब्लॉक प्रमुख भार्गवी तिवारी के खिलाफ 127 में 115 बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर वाला अविश्वास प्रस्ताव डीएम को सौंपा है। मामले में डीएम संजय कुमार ने 29 मई को बैठक की तारीख निर्धारित कर दी है। 29 को बैठक के दौरान प्रमोद त्रिपाठी को अविश्वास प्रस्ताव पर बहुमत साबित करना होगा। बता दें कि सैदाबाद में प्रमोद त्रिपाठी और नरेंद्र त्रिपाठी के बीच की यह राजनीतिक लड़ाई पुरानी है। दोनों ही पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के भतीजे हैं। प्रमोद भाजपा और नरेंद्र सपा से जुड़े हैं।
2010 में प्रमोद त्रिपाठी सैदाबाद के ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे लेकिन 2012 में सपा की सरकार आने पर वर्ष 2013 में नरेंद्र त्रिपाठी उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए और प्रमोद को कुर्सी छोड़नी पड़ी एवं नरेंद्र त्रिपाठी सैदाबाद के ब्लॉक प्रमुख बन गए। 2015 के चुनाव में नरेंद्र की बहू भार्गवी त्रिपाठी बीडीसी सदस्य चुनी गईं और ब्लॉक प्रमुख बनीं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस बार प्रमोद त्रिपाठी ने पलटवार किया और भार्गवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं। हालांकि यह 29 को ही तय हो सकेगा कि प्रमोद ब्लॉक प्रमुख की सीट पर दोबारा कब्जा जमा पाते हैं या नहीं।
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सैदाबाद में अविश्वास प्रस्ताव की लड़ाई पुरानी है। इस बार अविश्वास प्रस्ताव लाने वाले सदस्य भाजपा नेता प्रमोद त्रिपाठी हैं, जो रसूलपुर से बीडीसी सदस्य हैं। उन्होंने सपा नेता नरेंद्र त्रिपाठी की बहू एवं सैदाबाद ब्लॉक प्रमुख भार्गवी तिवारी के खिलाफ 127 में 115 बीडीसी सदस्यों के हस्ताक्षर वाला अविश्वास प्रस्ताव डीएम को सौंपा है। मामले में डीएम संजय कुमार ने 29 मई को बैठक की तारीख निर्धारित कर दी है। 29 को बैठक के दौरान प्रमोद त्रिपाठी को अविश्वास प्रस्ताव पर बहुमत साबित करना होगा। बता दें कि सैदाबाद में प्रमोद त्रिपाठी और नरेंद्र त्रिपाठी के बीच की यह राजनीतिक लड़ाई पुरानी है। दोनों ही पूर्व मंत्री राकेशधर त्रिपाठी के भतीजे हैं। प्रमोद भाजपा और नरेंद्र सपा से जुड़े हैं।
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2010 में प्रमोद त्रिपाठी सैदाबाद के ब्लॉक प्रमुख चुने गए थे लेकिन 2012 में सपा की सरकार आने पर वर्ष 2013 में नरेंद्र त्रिपाठी उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए और प्रमोद को कुर्सी छोड़नी पड़ी एवं नरेंद्र त्रिपाठी सैदाबाद के ब्लॉक प्रमुख बन गए। 2015 के चुनाव में नरेंद्र की बहू भार्गवी त्रिपाठी बीडीसी सदस्य चुनी गईं और ब्लॉक प्रमुख बनीं। प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद इस बार प्रमोद त्रिपाठी ने पलटवार किया और भार्गवी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आए हैं। हालांकि यह 29 को ही तय हो सकेगा कि प्रमोद ब्लॉक प्रमुख की सीट पर दोबारा कब्जा जमा पाते हैं या नहीं।
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