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हाईकोर्ट का आदेश : वरीयता के आधार पर तैनाती का निर्णय लें बीएसए आजमगढ़
Mon, 14 Nov 2022 11:13 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Mon, 14 Nov 2022 11:13 PM IST
सार
याची की ओर से कहा गया कि 68,500 सहायक भर्ती 2018 में याचियों का चयन हुआ है, जिन्हें सिद्धार्थ नगर आवंटित कर नियुक्त किया गया है। जबकि उन्होंने आजमगढ़ को वरीयता दी थी।
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हाईकोर्ट।
- फोटो : file photo
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज़िला बेसिक शिक्षा अधिकारी आजमगढ़ को निर्देश दिया है कि वह सिद्धार्थनगर में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त आजमगढ़ निवासी याचियों की वरीयता के अनुसार नियुक्ति पर विचार करें। कोर्ट ने खंडपीठ के दो माह में वरीयता के जिले में तैनाती के आदेश के अनुपालन के क्रम में यह आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने घनश्याम यादव तथा दो अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
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याची की ओर से कहा गया कि 68,500 सहायक भर्ती 2018 में याचियों का चयन हुआ है, जिन्हें सिद्धार्थ नगर आवंटित कर नियुक्त किया गया है। जबकि उन्होंने आजमगढ़ को वरीयता दी थी। शिखा सिंह व 48 अन्य के केस में हाईकोर्ट ने मेरिट से वरीयता के अनुसार तैनाती का आदेश दिया है। याची से मेरिट में नीचे के लोगों को आजमगढ़ में नियुक्ति दी गई है।
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एकलपीठ के फैसले के खिलाफ सरकार की अपील पर खंडपीठ ने नियुक्त अध्यापकों के मामले में हस्तक्षेप न करते हुए वरीयता के अनुसार केवल याचियों की तैनाती का निर्देश दिया है। इस आदेश का लाभ पाने का याचियों को भी अधिकार है, जिस पर कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले के तहत याचियों के मामले में निर्णय लेने का निर्देश दिया है।
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