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इविवि: एमएचआरडी के निर्देश पर ही होगा परीक्षा और प्रमोशन पर निर्णय
Mon, 06 Jul 2020 03:52 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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Published by: अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 03:52 PM IST
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के स्नातक एवं परास्नातक के छात्र-छात्राओं को बिना परीक्षा प्रमोट किया जाएगा या उन्हें परीक्षा देनी होगी, यह केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) से दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
हालांकि इविवि प्रशासन ने वार्षिक परीक्षाओं को लेकर एक प्रस्तावित कार्यक्रम बना रखा है, लेकिन इसे अंतिम रूप देने से पहले इविवि प्रशासन को मंत्रालय से गाइडलाइन जारी होने का इंतजार है।
पिछले दिनों हुई इविवि परीक्षा समिति की बैठक में तय हुआ था कि 15 अगस्त तक हालात नहीं सुधरे तो स्नातक अंतिम वर्ष एवं परास्नातक अंतिम सेमेस्टर के छात्र-छत्राओं को पिछले दो वर्ष की परीक्षाओं में मिले अंकों के औसत के आधार पर उत्तीर्ण कर दिया जाएगा। वहीं, प्रथम वर्ष के विद्यार्थी द्वितीय वर्ष और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी तृतीय वर्ष की कक्षाएं अटेंड कर सकेंगे।
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भविष्य में हालात सुधरने पर उन्हें पिछली कक्षा की परीक्षा देनी होगी। इविवि प्रशासन ने यह प्रस्तावित कार्यक्रम तो बना लिया है लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अब मंत्रालय की गाइडलाइन का इंतजार है। मंत्रालय इसी सप्ताह गाइडलाइन जारी कर सकता है, जिसमें स्पष्ट किया जाएगा कि परीक्षा होगी या फिर बिना परीक्षा के ही छात्रों को प्रमोट कर दिया जाएगा।
अगर बिना परीक्षा प्रमोट किए जाने का निर्णय लिया जाता है तो मंत्रालय उसका फार्मूला भी तय करेगा और अगर परीक्षा कराए जाने पर निर्णय होता है तो मंत्रालय ही बताएगा कि परीक्षा कब आयोजित की जाएगी और इसका प्रारूप क्या होगा। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि एमएचआरडी की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। एमएचआडी के जो भी निर्देश होंगे, उन पर अमल किया जाएगा।
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हालांकि इविवि प्रशासन ने वार्षिक परीक्षाओं को लेकर एक प्रस्तावित कार्यक्रम बना रखा है, लेकिन इसे अंतिम रूप देने से पहले इविवि प्रशासन को मंत्रालय से गाइडलाइन जारी होने का इंतजार है।
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पिछले दिनों हुई इविवि परीक्षा समिति की बैठक में तय हुआ था कि 15 अगस्त तक हालात नहीं सुधरे तो स्नातक अंतिम वर्ष एवं परास्नातक अंतिम सेमेस्टर के छात्र-छत्राओं को पिछले दो वर्ष की परीक्षाओं में मिले अंकों के औसत के आधार पर उत्तीर्ण कर दिया जाएगा। वहीं, प्रथम वर्ष के विद्यार्थी द्वितीय वर्ष और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी तृतीय वर्ष की कक्षाएं अटेंड कर सकेंगे।
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भविष्य में हालात सुधरने पर उन्हें पिछली कक्षा की परीक्षा देनी होगी। इविवि प्रशासन ने यह प्रस्तावित कार्यक्रम तो बना लिया है लेकिन इसे अंतिम रूप नहीं दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को अब मंत्रालय की गाइडलाइन का इंतजार है। मंत्रालय इसी सप्ताह गाइडलाइन जारी कर सकता है, जिसमें स्पष्ट किया जाएगा कि परीक्षा होगी या फिर बिना परीक्षा के ही छात्रों को प्रमोट कर दिया जाएगा।
अगर बिना परीक्षा प्रमोट किए जाने का निर्णय लिया जाता है तो मंत्रालय उसका फार्मूला भी तय करेगा और अगर परीक्षा कराए जाने पर निर्णय होता है तो मंत्रालय ही बताएगा कि परीक्षा कब आयोजित की जाएगी और इसका प्रारूप क्या होगा। इविवि के परीक्षा नियंत्रक प्रो. रामेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि एमएचआरडी की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है। एमएचआडी के जो भी निर्देश होंगे, उन पर अमल किया जाएगा।