फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Death the next day after being corona negative, therefore not eligible for compensation

कोरोना निगेटिव होने के अगले दिन मौत, इसलिए मुआवजे के पात्र नहीं

Fri, 28 May 2021 10:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 28 May 2021 10:59 PM IST
सार

  • जान गंवाने वाले दरोगा के परिवार को नहीं मिली फूटी कौड़ी, बकाया भुगतान भी लंबित

विज्ञापन
Death the next day after being corona negative, therefore not eligible for compensation
prayagraj news : एसआई मनोज कुमार गौतम (फाइल फोटो)। - फोटो : prayagraj

विस्तार

जिला पुलिस में तैनात सब इंस्पेक्टर मनोज कुमार गौतम अपने घर के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। पत्नी व पांच बच्चों वाला परिवार उन पर ही आश्रित था। कोरोना संक्रमित होने के बाद उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। बदकिस्मती रही कि संक्रमण मुक्त होने के बाद परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की व्यवस्था कर ही रहे थे कि उनकी मौत हो गई। नियम-कानून की मार देखिए कि परिवार किसी तरह के मुआवजे का पात्र नहीं। दोहरा दर्द यह कि जो दरोगा के हक का जो बकाया था, उसका पूरा भुगतान साल भर बाद भी नहीं किया जा सका है। 
विज्ञापन


जिला कंट्रोल रूम के रेडियो शाखा में तैनात दरोगा मनोज की मौत पिछले साल 29 जुलाई को एसआरएन अस्पताल में हुई थी। बेटे सोनू ने बताया कि 18 जुलाई को उनके पिता ड्यूटी पर ही थे कि तभी उनकी तबीयत बिगड़ गई। जांच में वह कोरोना संक्रमित मिले, जिसके बाद उन्हें एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया। सांस लेने में दिक्कत थी, इसलिए उन्हें ऑक्सीजन भी लगानी पड़ी। 28 जुलाई को उनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर डॉक्टर ने उन्हें कहीं और ले जाने को कहा। तत्काल व्यवस्था नहीं हो सकी, ऐसे में मेडिसिन आईसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। लेकिन, 29 की सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
विज्ञापन

अस्पताल में ही बताया, नहीं मिल सकेगा मुआवजा

मृतक दरोगा की तीन बेटियों व दो बेटों में 24 वर्षीय सोनू सबसे बड़ा है। उसने बताया कि पिता की मौत के बाद ही अस्पताल में ही परिवार को बता दिया गया था कि निगेटिव होने के बाद मौत की वजह से किसी तरह का मुआवजा नहीं मिल सकेगा। अंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद वह विभागीय अफसरों से मिले लेकिन वहां से भी यही जवाब मिला। जिसके बाद परिवार चुप होकर बैठ गया। सोनू ने बताया कि सबसे बड़ी दिक्कत यह कि पिता का जो बकाया है, उसका भी अब तक पूरा भुगतान नहीं हो सका है। कार्यालयों में जाने पर हर बार यही आश्वासन मिलता है कि जल्द ही भुगतान हो जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


क्या कहते हैं अफसर
जहां तक मुआवजे की बात है, तो वह शासन की ओर से निर्धारित गाइडलाइन के अनुसाह ही देय होगा। रही बात बकाया भुगतान की, तो इस बारे में अब तक परिजन मुझसे नहीं मिले हैं। मामले की जानकारी मिली तो संबंधित विभाग से पूछताछ की जाएगी। जो भी बकाया होगा, उसका जल्द ही भुगतान कराया जाएगा। -सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी, डीआईजी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed