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दिन में गर्मी, रात में गुनगुनी सर्द
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sun, 27 Sep 2015 01:39 AM IST
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इलाहाबाद ब्यूरो। गंगा के मैदान में पछुवा हवाओं ने एक बार फिर दस्तक क्या दी, मौसम का पूरा तानाबाना ही बदल गया है। पछुवा हवाओं का असर रहा कि पारे ने अचानक छलांग लगा दी है। चौंकाने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ दिन का पारा चढ़ रहा है वही रात का पारा गिर रहा है।
मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री और न्यूनतम 21.9 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के पारे में अचानक बढ़ोत्तरी का असर नमी पर भी दिखा। वातावरण में दिन में न्यूनतम आर्र्दता 34 फीसदी दर्ज की गई। इतने अधिक तापमान और बेहद कम आर्द्रता का असर शहरियों पर दिखा। शहरी दिन भर भारी उमस व गर्मी से बेहाल रहे।
चौंकाने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ दिन में पारा तेजी से बढ़ रहा है और वहीं रात के पारे मे गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले 48 घंटे के भीतर रात का पारा 24.5 डिग्री से घटकर 21.9 डिग्री पर पहुंच गया है। और आर्द्र्रता का आंकड़ा 82 फीसदी पर पहुंच गया है।
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दूसरी ओर मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि मानसून जिसे 18 सितंबर तक लौटना चाहिए था वह अभी आगे खिसक गया है। अब मानसून के 30 सितंबर तक लौटने की संभावना है। मानसून के लौटते समय हल्की बूंदाबांदी होगी, इसकी पूरी संभावना है। मौसम विज्ञानी डॉ. ओझा का कहना है कि मौजूदा मानसून में बेहद कम बारिश होने से धरती गर्म बनी हुई है। आसमान में बादल नहीं होने से सूरज की किरणें सीधे धरती पर आ रही है ऐसे में पारे का चढ़ना लाजिमी है।
दूसरी ओर चिकित्सकों का कहना है कि दिन में भारी उमस, गर्मी व रात में गुनगुनी सर्द सेहत के लिए खतरनाक है। बेली अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. ओपी त्रिपाठी के मुताबिक मौसम का बदला मिजाज खतरनाक है। ऐसे मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार, वायरल का खतरा ज्यादा है। डॉ. त्रिपाठी केमुताबिक ओपीडी में बढ़ी संख्या में इन बीमारियों से पीड़ित मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में खानपान व रहन सहन में एहतियात बरतने की जरूरत है।
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मौसम विभाग के मुताबिक शनिवार को अधिकतम तापमान 36.5 डिग्री और न्यूनतम 21.9 डिग्री दर्ज किया गया। दिन के पारे में अचानक बढ़ोत्तरी का असर नमी पर भी दिखा। वातावरण में दिन में न्यूनतम आर्र्दता 34 फीसदी दर्ज की गई। इतने अधिक तापमान और बेहद कम आर्द्रता का असर शहरियों पर दिखा। शहरी दिन भर भारी उमस व गर्मी से बेहाल रहे।
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चौंकाने वाली बात यह है कि जहां एक तरफ दिन में पारा तेजी से बढ़ रहा है और वहीं रात के पारे मे गिरावट दर्ज की जा रही है। पिछले 48 घंटे के भीतर रात का पारा 24.5 डिग्री से घटकर 21.9 डिग्री पर पहुंच गया है। और आर्द्र्रता का आंकड़ा 82 फीसदी पर पहुंच गया है।
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दूसरी ओर मौसम विज्ञानी डॉ. एसएस ओझा का कहना है कि मानसून जिसे 18 सितंबर तक लौटना चाहिए था वह अभी आगे खिसक गया है। अब मानसून के 30 सितंबर तक लौटने की संभावना है। मानसून के लौटते समय हल्की बूंदाबांदी होगी, इसकी पूरी संभावना है। मौसम विज्ञानी डॉ. ओझा का कहना है कि मौजूदा मानसून में बेहद कम बारिश होने से धरती गर्म बनी हुई है। आसमान में बादल नहीं होने से सूरज की किरणें सीधे धरती पर आ रही है ऐसे में पारे का चढ़ना लाजिमी है।
दूसरी ओर चिकित्सकों का कहना है कि दिन में भारी उमस, गर्मी व रात में गुनगुनी सर्द सेहत के लिए खतरनाक है। बेली अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. ओपी त्रिपाठी के मुताबिक मौसम का बदला मिजाज खतरनाक है। ऐसे मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार, वायरल का खतरा ज्यादा है। डॉ. त्रिपाठी केमुताबिक ओपीडी में बढ़ी संख्या में इन बीमारियों से पीड़ित मरीज सामने आ रहे हैं। ऐसे में खानपान व रहन सहन में एहतियात बरतने की जरूरत है।