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बीआरडी कॉलेज के डा. कफील की जमानत मंजूर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 26 Apr 2018 01:04 AM IST
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लापरवाही से मासूमों की मौत के मामले में आरोपी डा. कफील अहमद की जमानत अर्जी हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है। डा. कफील पिछले सात महीनों से अधिक समय से जेल में बंद हैं। सेशन कोर्ट से जमानत नामंजूर होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत के लिए अर्जी दाखिल की थी। अर्जी पर न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने सुनवाई की।
डा. कफील के अधिवक्ता एनआई जाफरी का कहना था कि याची सरकारी डाक्टर है और पिछले सात महीनों से अधिक समय से जेल में बंद है। मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल हो गया है। ऐसे में याची को जमानत पर रिहा किया जाए। पुलिस ने कफील के खिलाफ 409, 308 और 120 बी आईपीसी में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया है। उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। कहा गया कि याची की देखरेख में जिन बच्चों का इलाज चल रहा था, उनकी चिकित्सकीय लापरवाही से मौत हुई हे। अस्पताल में ऑक्सीजन का प्रबंध न होने से बच्चों की जान गई है। आरोप गंभीर हैं इसलिए जमानत का आधार नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि मामले में जांच पूरी हो गई और आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। जमानत दिए जाने का पर्याप्त आधार है। याची की अर्जी मंजूर करते हुए उसे अधीनस्थ न्यायालय में बंधपत्र और मुचलका प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इनसेफलाइटिस से पीड़ित करीब 18 बच्चों की एक ही दिन में मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चों की जान गई है। जांच से यह भी पता चला कि महीने भर के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से कई बच्चों की जान जा चुकी है। डा. कफील की इस मामले में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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डा. कफील के अधिवक्ता एनआई जाफरी का कहना था कि याची सरकारी डाक्टर है और पिछले सात महीनों से अधिक समय से जेल में बंद है। मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आरोपपत्र दाखिल हो गया है। ऐसे में याची को जमानत पर रिहा किया जाए। पुलिस ने कफील के खिलाफ 409, 308 और 120 बी आईपीसी में आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया है। उसके खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं है। सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया। कहा गया कि याची की देखरेख में जिन बच्चों का इलाज चल रहा था, उनकी चिकित्सकीय लापरवाही से मौत हुई हे। अस्पताल में ऑक्सीजन का प्रबंध न होने से बच्चों की जान गई है। आरोप गंभीर हैं इसलिए जमानत का आधार नहीं है।
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कोर्ट ने कहा कि मामले में जांच पूरी हो गई और आरोपपत्र भी दाखिल किया जा चुका है। जमानत दिए जाने का पर्याप्त आधार है। याची की अर्जी मंजूर करते हुए उसे अधीनस्थ न्यायालय में बंधपत्र और मुचलका प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इनसेफलाइटिस से पीड़ित करीब 18 बच्चों की एक ही दिन में मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्चों की जान गई है। जांच से यह भी पता चला कि महीने भर के दौरान चिकित्सकीय लापरवाही से कई बच्चों की जान जा चुकी है। डा. कफील की इस मामले में भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
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