फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Custody Remand Suspended IPS Manilal Patidar told himself innocent on every question

यूपी : कस्टडी रिमांड में निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार ने हर सवाल पर खुद को बताया बेकसूर

Sun, 30 Oct 2022 08:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 30 Oct 2022 08:18 PM IST
सार

शनिवार को रिमांड मंजूर होने के बाद प्रयागराज के एसपी क्राइम सतीश चंद के नेतृत्व में एसआईटी ने शाम छह बजे उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। इसके बाद उसे महोबा ले जाया गया। वहां मुकदमे के संबंध में पूछताछ की गई। उधर, महोबा पुलिस ने भी उसका बयान दर्ज किया। 

विज्ञापन
Custody Remand Suspended IPS Manilal Patidar told himself innocent on every question
मणिलाल पाटीदार आईपीएस - फोटो : amar ujala

विस्तार

24 घंटे की पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिए गए निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार ने एसआईटी के हर सवाल के जवाब में खुद को बेकसूर बताया। क्रशर कारोबारी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में 24 घंटे की पूछताछ के बाद रविवार शाम उसे लखनऊ जेल में दाखिल करा दिया गया। शनिवार को रिमांड मंजूर होने के बाद प्रयागराज के एसपी क्राइम सतीश चंद के नेतृत्व में एसआईटी ने शाम छह बजे उसे पुलिस कस्टडी रिमांड पर लिया था। इसके बाद उसे महोबा ले जाया गया। वहां मुकदमे के संबंध में पूछताछ की गई। उधर, महोबा पुलिस ने भी उसका बयान दर्ज किया। 

विज्ञापन



सूत्रों का कहना है कि एसआईटी के हर सवाल के जवाब में पाटीदार ने खुद को बेकसूर बताया। अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया। 20 घंटे से ज्यादा तक चली पूछताछ में उससे क्रशर कारोबारी की मौत से जुडे़ मामले को लेकर कई सवाल दागे गए।
विज्ञापन



एसआईटी की ओर से पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान सामने आए तथ्यों व साक्ष्यों के आधार पर अब पूरक चार्जशीट दाखिल की जाएगी। गौरतलब है कि काफी कोशिशों के बाद भी हाथ नहीं लगने पर एसआईटी ने बिना गिरफ्तारी ही पाटीदार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी थी। सरेंडर करने के बाद एसआईटी ने कोर्ट के आदेश पर इस मामले की अग्रिम विवेचना शुरू की। एसपी क्राइम सतीश चंद ने बताया कि अग्रिम विवेचना में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

विज्ञापन
विज्ञापन

दो साल तक छकाता रहा था आरोपी
20 अक्तूबर 2020 को जोनल एसआईटी गठित कर क्रशर प्लांट कारोबारी की मौत के मामले में दर्ज मुकदमे की विवेचना सौंपी गई थी। दो सदस्यीय जोनल एसआईटी में प्रयागराज में तैनात रहे तत्कालीन एसपी क्राइम आशुतोष मिश्र को मुख्य विवेचक बनाया गया था। उनके तबादले के बाद वर्तमान एसपी क्राइम सतीश चंद ने विवेचना शुरू की थी। एसआईटी ने कुर्की की कार्रवाई भी की लेकिन पाटीदार का कुछ पता नहीं चला था। लगभग दो साल तक धूल फांकने के बाद भी पाटीदार हाथ नहीं आए, जिसके बाद उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई थी। अब कोर्ट की अनुमति से मामले की अग्रिम विवेचना की जा रही है।

परिजनों ने रेंज एसआईटी पर उठाए थे सवाल
विवेचना जोनल एसआईटी को सौंपने का निर्णय रेंज एसआईटी पर मृतक कारोबारी के परिजनों की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद लिया गया था। गौरतलब है कि पहले विवेचना रेंज स्तर पर गठित एसआईटी कर रही थी। इसी दौरान मृतक कारोबारी के भाई और मुकदमा वादी रविकांत त्रिपाठी ने पत्र जारी कर विवेचना में जुटी रेंज एसआईटी की मंशा पर सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि एसआईटी की मंशा आरोपियों को गिरफ्तार करने की नहीं है। जिससे पूरा परिवार बेहद निराश व डरा हुआ है। परिवार ने आईजी चित्रकूट रेंज से यह भी अनुरोध किया कि विवेचना अन्यत्र से कराई जाए। मामला संज्ञान में आने के बाद उच्चाधिकारियों ने परिजनों से बात की। साथ ही उनकी सहमति पर विवेचना जोनल स्तर पर एसआईटी गठित की गई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed