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सीएसटी फॉर्म के लिए नहीं भटकेंगे व्यापारी

Sun, 28 Dec 2014 11:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Sun, 28 Dec 2014 11:32 PM IST
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वाणिज्य कर विभाग ने उत्तर प्रदेश के व्यापारियों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय बिक्री कर (सीएसटी) फॉर्म के लिए उन्हें विभाग के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। अब व्यापारी सीएसटी फॉर्म ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। यह व्यवस्था उन व्यापारियों के लिए है, जिनका टर्नओवर 50 लाख रुपये से अधिक है और ई-रिटर्न अनिवार्य है। व्यापारियों को विभाग की वेबसाइट पर ई-फॉर्म के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा।
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विभाग के केंद्रीय बिक्री कर के प्रिटेंड फॉर्मों को प्राप्त करने की प्रक्रिया जटिल होने के कारण व्यापारियों को समस्या हो रही थी। फॉर्म मिलने में काफी वक्त भी लग रहा था। इस संबंध में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार कल्याण समिति के संयोजक संतोष पनामा सहित कई व्यापारिक संगठनों ने मुख्यालय स्तर पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद वाणिज्य कर कमिश्नर मृत्युंजय कुमार नारायण ने 26 दिसंबर को केंद्रीय बिक्री कर फॉर्म में संशोधन का आदेश जारी किया। इसके तहत 50 लाख रुपये से अधिक टर्नओवर वाले व्यापारी जिनको ई-रिटर्न अनिवार्य है के लिए सीएसटी के प्रिंटेड फॉर्म प्राप्त करने में आने वाली समस्या से छुटकारा दिलाने के उद्देश्य से ऑनलाइन फॉर्म जनरेट की सुविधा शुरू की। यह व्यवस्था माह अक्तूबर एवं वित्तीय वर्ष 2014-15 के तीसरे त्रैमास में तथा उसके उपरांत की गई केंद्रीय खरीद-बिक्री पर लागू की गई है।
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सीएसटी फॉर्म डाउनलोड करने के लिए व्यापारियों को विभाग की वेबसाइट पर ई-फॉर्म के लिए एक बार रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। पासवर्ल्ड के जरिए व्यापारी फॉर्म डाउनलोड कर सकेंगे। जिन व्यापारियों को पूर्व में ई-संचरण एवं सीएसटी फॉर्म या केवल सीएसटी फॉर्म की डाउनलोडिंग के लिए अनुमति प्राप्त है, उन्हें रजिस्ट्रेशन की जरूरत नहीं है।
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वाणिज्य कर विभाग में फॉर्म-38 को डाउनलोड करने के बाद उसके दुरुपयोग के कारण यह व्यवस्था समाप्त तो कर दी गई, लेकिन फॉर्म का दुरुपयोग जारी है। व्यापार कल्याण समिति ने कमिश्नर को पत्र लिखकर दुरुपयोग रोकने की मांग की है। कहा है कि एक फॉर्म दोबारा न इस्तेमाल हो, इसके लिए व्यवस्था की जाए, क्योंकि फॉर्म-38 का दुरुपयोग अफसरों की मिलीभगत से ही हो रहा है।  वाणिज्य कर विभाग में फॉर्म-52 के जरिए वार्षिक रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर है। इसके लिए व्यापारियों के पास मात्र तीन दिन बचे हैं। निर्धारित समय पर रिटर्न न दाखिल करने पर व्यापारी डिम्ड एसेसमेंट से बाहर हो जाएंगे। साथ ही 10 हजार रुपये जुर्माना भी भरना होगा।
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