CryptoCurrency : अवैध गेमिंग वेबसाइट से काली कमाई को बदला जाता था व्हाइट मनी में
क्रिप्टोकरेंसी के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग का खेल अवैध गेमिंग वेबसाइट्स से होने वाली कमाई को व्हाइट मनी में बदलने के लिए चल रहा था। आरबीआई के नियमों को ताक पर रखकर प्ले प्लस नाम की इस वेबसाइट के जरिये करोड़ों की कमाई की जा रही है।
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क्रिप्टोकरेंसी के जरिये मनी लॉन्ड्रिंग का खेल अवैध गेमिंग वेबसाइट्स से होने वाली कमाई को व्हाइट मनी में बदलने के लिए चल रहा था। आरबीआई के नियमों को ताक पर रखकर प्ले प्लस नाम की इस वेबसाइट के जरिये करोड़ों की कमाई की जा रही है। पुलिस अफसरों ने बताया कि देश में कई ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट्स हैं। इनमें से कुछ कानूनी तरीके से व्यवसाय कर रही हैं, लेकिन कुछ ऐसी भी हैं जिनका संचालन आरबीआई के नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। यह वेबसाइट्स करोड़ों रुपयों की कमाई कर रही हैं।
ऐसी ही एक वेबसाइट पे प्लस है। अवैध रूप से कमाए गए इन रुपयों को क्रिप्टो करेंसी में बदलकर इसे व्हाइट मनी का रूप दिया जा रहा था। किसी को शक न हो, इसके लिए ही अवैध कमाई को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता है। यह वही खाते हैं, जिन्हें नेट बैंकिंग यूजरआईडी व पासवर्ड कमीशन का लालच देकर धारक से ले लिया जाता है।
यूपी, बिहार से लेकर उत्तराखंड, महाराष्ट्र तक फैलाया था जाल
पुलिस अफसरों ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के मैकबुक से फिलहाल जिन खातों का विवरण मिला है, उनमें प्रयागराज के अलावा यूपी के अन्य जनपदों के साथ ही उत्तराखंड, बिहार व महाराष्ट्र स्थित बैंकों के कुछ खाते भी शामिल हैं। इस संबंध में पूछने पर उसने बताया कि वह परिचितों के साथ ही फेसबुक, टेलीग्राम पर बने चैट ग्रुप्स में भी शामिल है। इन ग्रुप्स पर ऑनलाइन खाते खरीदने व बेचने का भी काम किया जाता है। इसी के जरिये उसने बिहार व महाराष्ट्र के कई लोगों से भी संपर्क कर उनके खाते का यूजरआईडी व पासवर्ड जान लिया था।
बीएससी पास हैंडलर कर रहा था हाईटेक खेल
पकड़े गए कृष्णा अवतार के बारे में पुलिस अफसरों ने बताया कि वह बीएससी पास है। उसने प्रयागराज में ही रहकर कई साल पहले बीएससी की पढ़ाई की थी। इसके बाद वह लखनऊ चला गया और वहां एक कंपनी में डिजिटल मार्केटिंग का काम करने लगा। कोरोना काल में उसका काम मंदा पड़ गया। करीब छह महीने पहले वह सोशल मीडिया के जरिये जय के संपर्क में आया और फिर उससे जुड़ गया। उसने पूछताछ में बताया कि सोशल मीडिया पर जान पहचान के बाद उसने जय से नौकरी के लिए बात की थी। इसके बाद ही उसने बताया था कि वह बिना कुछ किए ही लाखों की कमाई कर सकता है।
पहले खुद का अकाउंट दिया था
जय ने यह भी बताया कि उसने पहले जय को अपने ही अकाउंट का यूजरआईडी व पासवर्ड दिया था। उसके खाते में जो भी रकम आती थी, उसका एक फीसदी कमीशन उसे मिल जाता था और बाद में इसी रकम से क्रिप्टो करेंसी खरीदी जाती थी। बाद में जय ने उससे कहा कि अगर वह अन्य खाते उपलब्ध कराता है तो और पैसे कमा सकता है।