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हाईकोर्ट : सीआरपीएफ जवान को भरण-पोषण के लिए देने होंगे 25 हजार, हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही माना

Mon, 01 Apr 2024 12:35 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 01 Apr 2024 12:35 PM IST
सार

सीआरपीएफ के जवान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने पत्नी और बच्चों को भरण पोषण के लिए 25 हजार रुपये देने के ट्रायल कोर्ट के आदेश को सही मानते हुए आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

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CRPF soldier will have to pay Rs 25 thousand for maintenance, High Court accepted order
अदालत। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पत्नी को भरण-पोषण दिए जाने के एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इन्कार कर दिया। ट्रायल कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 125 के तहत 15 हजार रुपये पत्नी को और दो नाबालिग बच्चों को पांच-पांच हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, जिसे हाईकोर्ट ने सही माना। यह फैसला न्यायमूर्ति सुरेंद्र सिंह प्रथम की कोर्ट ने सुनाया।

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मामले में गोरखपुर निवासी राणाप्रताप ने ट्रायल कोर्ट के आदेश के विरोध में आपराधिक पुनरीक्षण का वाद दायर किया था। राणाप्रताप के वकील ने कहा कि ट्रायल कोर्ट के आदेश के बाद भी पत्नी नीतू अपने वैवाहिक कर्तव्यों को निभाने में विफल रही। इसलिए पत्नी का भरण-पोषण का अधिकार सीआरपीसी की धारा 125 (4) के तहत वर्जित है। साथ ही यह कहा कि भरण-पोषण भत्ते की राशि का निर्धारण करते समय ट्रायल कोर्ट ने पति की मासिक आय का ध्यान नहीं दिया।

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वहीं, पत्नी के वकील ने कहा कि पति और उसके ससुराल वाले शादी में दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे, इसलिए उत्पीड़न कर रहे थे। नौ अप्रैल 2018 को मारपीट कर घर निकाल दिया। इसकी शिकायत पुलिस से की। वह अपने माता-पिता के घर में रह रही है। उसके साथ दो बच्चे हैं। पति सीआरपीएफ में कांस्टेबल है जबकि पत्नी के पास अपना और अपने बच्चों के भरण-पोषण के लिए आय का कोई स्रोत नहीं है।

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हाईकोर्ट ने कहा कि इस संबंध में ट्रायल कोर्ट ने पत्नी को 15 हजार रुपये और दोनों बच्चों को पांच-पांच हजार रुपये प्रतिमाह कुल 25 हजार रुपये दिया जाना निर्धारित किया है, जो अधिक नहीं माना जा सकता।

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