प्रयागराज : सुबह बस स्टेशन पर रही भीड़, दोपहर में रही राहत, शाम तक फिर हो गई चहल पहल
रक्षाबंधन के पर्व पर महिलाओं को मिली मुफ्त बस सफर की सुविधा का बहनों ने जमकर लाभ उठाया। शहर से दूरदराज के क्षेत्रों में जाने वाली युवतियां और महिलाएं अपने सहयोगियों के साथ बसों में सवार होकर गंतव्य तक पहुंचीं।
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रक्षाबंधन के पर्व पर महिलाओं को मिली मुफ्त बस सफर की सुविधा का बहनों ने जमकर लाभ उठाया। शहर से दूरदराज के क्षेत्रों में जाने वाली युवतियां और महिलाएं अपने सहयोगियों के साथ बसों में सवार होकर गंतव्य तक पहुंचीं, वहीं शहर के भीतर झूंसी, नैनी, फाफामऊ और सिविल लाइंस जाने वाले मार्गों पर ई-बसों में भी महिला यात्रियों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस बीच विद्या वाहिनी बस स्टेशन पर सुबह भीड़ रही। दोपहर में थोड़ी राहत रही लेकिन शाम होते ही एक बार फिर से चहल-पहल हो गई।
इसके पूर्व बृहस्पतिवार को यानी 27 अगस्त को प्रयागराज रीजन की रोडवेज बसों से करीब 55 हजार बहनों ने अपने एक सहयोगी के साथ पूर्णतः निःशुल्क यात्रा की। इसके अलावा शहर में संचालित 50 ई-बसों में भी दिनभर महिलाओं का तांता लगा रहा। सिटी बसों से कुल 10,600 यात्रियों ने सफर किया, जिनमें से 8,315 अकेली महिला यात्री थीं। यह खासी भीड़ नैनी, फाफामऊ, झूंसी, सिविल लाइंस और धूमनगंज रूट पर दर्ज की गई। पर्व के दौरान पहली बार चलाई गई डबल डेकर बस ने भी शहरवासियों को आकर्षित किया, जिसके ट्रायल के तौर पर करीब 90 महिलाओं ने सिविल लाइंस से अलोपीबाग और अलोपीबाग से पत्थर गिरजाघर तक मुफ्त सैर का आनंद लिया।
त्योहार के दूसरे दिन यानी 28 अगस्त को भी बसों में स्थानीय यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ बनी रही। हालांकि, इस दौरान हुई बारिश ने यात्रियों की मुश्किलें जरूर बढ़ा दीं। विद्या वाहिनी मैदान में बनाए गए अस्थायी बस अड्डे का पूरा परिसर कीचड़ से सन गया और दोपहर की बारिश के बाद सड़कों पर भी पानी जमा हो गया। हालात यह थे कि यात्रियों को इसी कीचड़ और जलभराव के बीच से गुजरकर अपनी बसें पकड़नी पड़ीं।