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काम की तलाश में निकले तीन किशोरों में एक का शव मिला
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Wed, 18 Apr 2018 01:16 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दो दिन से घर से लापता तीन किशोरों में से एक की मंगलवार को नैनी पुराने पुल के पास यमुना में उतराई लाश मिल गई। इनमें से एक किशोर यमुना तट पर ही मिला, जबकि तीसरा लापता है। जानकारी मिलने पर पहुंची पुलिस ने सलामत मिले किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो उसने बताया कि काम की तलाश में भटक रहे उन तीनों को रामबाग के एक व्यक्ति ने धक्का मारकर कर यमुना नदी में गिरा दिया था। वह किसी तरह बचकर निकगल गया , लेकिन दो साथी डूब गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पंचनामा के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
हंडिया थाना क्षेत्र के बैथा गांव निवासी राम आसरे के दो पुत्रों में बड़ा कलेक्टर (18) को दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता था। रविवार की शाम कलेक्टर गांव के सुशील (14) पुत्र कैलाथ नाथ और सत्यम (13) पुत्र अशोक कुमार के साथ घर से निकला था। देर रात घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की पर तीनों का कहीं पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह सुशील ने परिजनों को जानकारी दी कि उसके साथ कलेक्टर और सत्यम को रामबाग के एक व्यक्ति ने यमुना नदी में धक्का मार कर गिरा दिया था। कल्ेाक्टर और सत्यम नदी में डूब गए जब कि वह बच गया है। बेटे के मौत की खबर मिलते ही कलेक्टर की मां इंद्रावती और सत्यम के परिजन नैनी के पुराने पुल के समीप पहुंचे। कोतवाल पीके मिश्र ने बताया कि तीनों किशोरों के यमुना में गिरने या डूबने की जांच की जा रही है।
हंडिया के बैथा गांव निवासी तीन किशोरों के यमुना नदी में डूबने की कहानी पहेली बन गई है। इस घटना की सूचना देने वाले उन्हीं तीन किशोरों में से एक सुशील के बयान को लेकर रहस्य गहरा गया है। सुशील ने पुलिस को बताया कि घर से भागकर वह तीनों रामबाग पहुंचे थे। इसी दौरान एक अनजान ने उन्हें अधिक रुपये में काम दिलाने के बहाने कीडगंज चलने को कहा था। रुपये कमाने की लालच में तीनों उसके साथ चले आए थे। इसके बाद क्या हुआ इसका सही जबाब नहीं मिल सका। हालांकि पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
हंडिया थाना क्षेत्र के बैथा गांव निवासी राम आसरे के दो पुत्रों में बड़ा कलेक्टर (18) को दोनों आंखों से दिखाई नहीं देता था। रविवार की शाम कलेक्टर गांव के सुशील (14) पुत्र कैलाथ नाथ और सत्यम (13) पुत्र अशोक कुमार के साथ घर से निकला था। देर रात घर नहीं लौटने पर परिजनों ने खोजबीन की पर तीनों का कहीं पता नहीं चला। मंगलवार की सुबह सुशील ने परिजनों को जानकारी दी कि उसके साथ कलेक्टर और सत्यम को रामबाग के एक व्यक्ति ने यमुना नदी में धक्का मार कर गिरा दिया था। कल्ेाक्टर और सत्यम नदी में डूब गए जब कि वह बच गया है। बेटे के मौत की खबर मिलते ही कलेक्टर की मां इंद्रावती और सत्यम के परिजन नैनी के पुराने पुल के समीप पहुंचे। कोतवाल पीके मिश्र ने बताया कि तीनों किशोरों के यमुना में गिरने या डूबने की जांच की जा रही है।
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हंडिया के बैथा गांव निवासी तीन किशोरों के यमुना नदी में डूबने की कहानी पहेली बन गई है। इस घटना की सूचना देने वाले उन्हीं तीन किशोरों में से एक सुशील के बयान को लेकर रहस्य गहरा गया है। सुशील ने पुलिस को बताया कि घर से भागकर वह तीनों रामबाग पहुंचे थे। इसी दौरान एक अनजान ने उन्हें अधिक रुपये में काम दिलाने के बहाने कीडगंज चलने को कहा था। रुपये कमाने की लालच में तीनों उसके साथ चले आए थे। इसके बाद क्या हुआ इसका सही जबाब नहीं मिल सका। हालांकि पुलिस घटना को संदिग्ध मान रही है।
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