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डीआरएम बनारस, सीआरओ और एसडीएम जांच के दायरे में

Tue, 10 Oct 2017 01:37 AM IST
अमर उजाला, इलाहाबाद
अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Tue, 10 Oct 2017 01:37 AM IST
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झूंसी में एडीए की त्रिवेणीपुरम कालोनी के सामने रेलवे की 41 बीघा जमीन के अभिलेखों में फर्जीवाड़ा कर बिल्डर को बेचने की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। पहले चरण में एसपी क्राइम ने जांच करने वाले एसड़ीएम फूलपुर, सीआरओ और पूर्वोत्तर रेलवे बनारस के डीआरएम बनारस को नोटिस जारी किए हैं। इन अफसरों को 12 अक्तूबर को साक्ष्य के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उसी के बाद रेलवे की जमीन को दो लोगों के नाम हस्तांतरित करने वाले निवर्तमान एसडीएम फूलपुर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और लेखपाल को अपना पक्ष प्रस्तुत करने को नोटिस जारी किए जाएंगे।
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झूंसी रेलवे स्टेशन के निकट पूर्वोत्तर रेलवे की सड़क किनारे करीब एक अरब रुपये की 41 बीघा जमीन बिल्डर ने निवर्तमान एसडीएम फूलपुर राज कुमार द्विवेदी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा लेखपाल से मिलकर अपने नाम करा ली थी। उसी के बाद इस जमीन पर प्लाटिंग शुरू कर दी गई थी। जिला स्तर पर इस घपले की सुनवाई नहीं हुई तो कमिश्नर से शिकायत की गई। इस मामले में कमिश्नर आशीष गोयल ने मुख्य राजस्व अधिकारी, चकबंदी बंदोबस्त अधिकारी और एसडीएम फूलपुर को जांच के आदेश किए थे। इन तीनों अफसरों ने जांच में एसडीएम से लेकर लेखपाल तक को दोषी पाया गया। उनकी रिपोर्ट पर यह जमीन फिर से रेलवे के नाम अंकित कर दी गई थी।
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इस गोलमाल की रिपोर्ट चंदोहा निवासी कुतुबुद्दीन और सलाउद्दीन के खिलाफ दर्ज करा दी गई। जबकि कमिश्नर ने उन दिनों एसडीएम फूलपुर रहे बदूायूं के सिटी मजिस्ट्रेट राज कुमार द्विवेदी, तहसीलदार तथा नायब तहसीलदार के खिलाफ निलंबन की सिफारिश शासन के नियुक्ति विभाग एवं राजस्व परिषद में की थी। पिछले तीन महीने से थाना झूंसी में यह रिपोर्ट डंप पड़ी रही। नियुक्ति विभाग और राजस्व परिषद ने इन अफसरों का निलंबन न कर चार्जशीट थमा दी। शनिवार को सर्किट हाउस में प्रमुख सचिव और डीजीपी के सामने जनप्रतिनिधियों ने यह प्रकरण रखा और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए। यह भी शिकायत की कि दोषी होने पर एफआईआर में भी इन अफसरों के नाम शामिल नहीं किए गए। जिसे प्रदेश के इन शीर्ष अफसरों ने गंभीरता ले लिया। प्रदेश के दोनों शीर्ष अफसरों ने इलाहाबाद के उच्च अधिकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए। उसी के बाद सोमवार को पहले फेज में जांच करने वाले अधिकारियों को क्राइम ब्रांच ने कटघरे में खड़ा कर जांच में साक्ष्य मांगे हैं।
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तीन निरीक्षकों की टीम करेगी जांच
एसपी क्राइम बीके मिश्रा ने बताया कि एसएसपी की ओर से इस प्रकरण की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई है। जिसे उनकी देखरेख में तीन निरीक्षक केके यादव, शिव मंगल सिंह और श्रीप्रकाश सिंह कर रहे हैं। पहले तो जांच करने वाले अफसरों से पूछा गया है कि उन्होंने क्या जांच की और उनकी जांच में कौन दोषी पाए गए। उसके बाद दोषी अफसरों को भी नोटिस भेजकर अपना पक्ष रखने को उपस्थित होने के लिए कहा जाएगा।
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