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बिना मान्यता स्कूल चलाने में विनोद लाल की जमानत नामंजूर
इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Jan 2018 01:06 AM IST
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जिला न्यायालय ने बिना मान्यता के स्कूल संचालन और गबन के प्रकरण में शुआट्स के पूर्व निदेशक प्रशासन विनोद बी लाल को जमानत पर रिहा करने से इंकार करते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
यह आदेश जिला जज एसके पचौरी ने डीजीसी राम अभिलाष सिंह और वादी के अधिवक्ता अरुण कुमार पांडेय को सुनकर दिया है।
प्रकरण शाहगंज थाने का है। भाजपा नेता दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने 21 अगस्त 2017 को विनोद बी लाल, शीना मरियम, संजीत लाल, शांति विनोद बी लाल और डेविड ल्यूक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन पर आरोप है कि यूइंग क्रिश्चिन पब्लिक स्कूल जूनियर ब्रांच और सेंट जान चर्च काटजू रोड़ कई सालों से बिना मान्यता के नर्सरी से इंटर तक चला रहे थे।
यह भी आरोप है कि उन्होंने छात्रों की फीस से छह करोड़ रुपए का गबन किया है। विनोद बी लाल जेल में बंद है। अभियोेजन ने उनके 16 आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया । इस मामले में पुलिस ने विवेचना बाद आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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यह आदेश जिला जज एसके पचौरी ने डीजीसी राम अभिलाष सिंह और वादी के अधिवक्ता अरुण कुमार पांडेय को सुनकर दिया है।
प्रकरण शाहगंज थाने का है। भाजपा नेता दिवाकर नाथ त्रिपाठी ने 21 अगस्त 2017 को विनोद बी लाल, शीना मरियम, संजीत लाल, शांति विनोद बी लाल और डेविड ल्यूक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इन पर आरोप है कि यूइंग क्रिश्चिन पब्लिक स्कूल जूनियर ब्रांच और सेंट जान चर्च काटजू रोड़ कई सालों से बिना मान्यता के नर्सरी से इंटर तक चला रहे थे।
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यह भी आरोप है कि उन्होंने छात्रों की फीस से छह करोड़ रुपए का गबन किया है। विनोद बी लाल जेल में बंद है। अभियोेजन ने उनके 16 आपराधिक इतिहास का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया । इस मामले में पुलिस ने विवेचना बाद आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
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