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यूपीपीएससी भर्ती घोटाला : कभी भी हो सकती है गिरफ्तारी

Wed, 09 May 2018 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Wed, 09 May 2018 01:18 AM IST
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UPPSC recruitment scam: can be arrested anytime
uppsc
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की परीक्षाओं में हुए घोटाले में सीबीआई की ओर से आयोग के अज्ञात अफसरों और कुछ बाहरी अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। सीबीआई अब इन लोगों को चिह्नित कर रही है। जांच एजेंसी जल्द इनको गिरफ्तार  कर सकती है। इनमें न केवल अफसर और बाहरी लोग, बल्कि पीसीएस-2015 के वे चयनित अफसर भी हो सकते हैं, जिन्हें संदिग्ध मानते हुए सीबीआई ने उनसे पूछताछ की है।
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सीबीआई की ओर से मुकदमा दर्ज किए जाने के बाद आयोग में हड़कंप की स्थिति है। कयासबाजी तेज हो गई है कि सीबीआई ने जिन अज्ञात अफसरों और अज्ञात बाहरी लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है, उनमें कौन लोग शामिल हो सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि पीसीएस परीक्षा-2015 में गड़बड़ी के सीबीआई को पुख्ता सुबूत मिल चुके हैं। इसके लिए जिम्मेदार आयोग के कुछ वर्तमान एवं पूर्व अफसरों को भी चिह्नित किया जा चुका है। सीबीआई उनके खिलाफ भी ठोस सुबूत जुटा रही है, ताकि इस बार सीधी कार्रवाई की जा सके। ऐसे अफसरों के बैंक रिकार्ड से लेकर पूरी संपत्ति खंगाली जा रही है। साथ ही पूर्व सरकार में कद्दावर नेताओं से उनके कनेक्शन भी खंगाले जा रहे हैं। इसके साथ सीबीआई की टीम इस दिशा में भी जांच कर रही है कि चयनित अभ्यर्थियों और आयोग के इन अज्ञात अफसरों एवं बाहरी अज्ञात लोगों के बीच संपर्क कैसे हुआ और इसका सूत्रधार कौन था। जांच में सीबीआई को कुछ अफसरों और पीसीएस-2015 के कुछ संदिग्ध चयनित अफसरों के खिलाफ पुख्ता सुबूत मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि सीबीआई का अगला कदम इनकी गिरफ्तारी हो सकता है।
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सीबीआई की टीम ने लोअर सबऑर्डिनेट परीक्षा-2013 के संदिग्ध चयनितों को भी नोटिस जारी कर रखा है। इन संदिग्ध चयनित अफसरों से भी सीबीआई की टीम पूछताछ करेगी। सूत्रों का कहना है कि पीसीएस-2015 और लोअर-2013 के तार एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। पीसीएस-2015 से जुड़े आयोग के जिन अज्ञात अफसरों को सीबीआई चिह्नित कर रही है, उनमें से कई अफसर लोअर-2013 की परीक्षा प्रक्रिया से भी जुड़े थे और सीबीआई को भी पीसीएस-2015 के बाद सबसे अधिक शिकायतें लोअर-2015 को लेकर मिली हैं। सूत्रों के मुताबिक प्रारंभिक जांच में सीबीआई को कुछ सुराग मिले हैं और उन्हीं के आधार पर सीबीआई अब लोअर-2013 के संदिग्ध चयनितों से पूछताछ करने जा रही है।
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