{"_id":"5b1ad3d14f1c1b694d8b5757","slug":"truth-from-front-of-call-details","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉल डिटेल से सामने आएगी सच्चाई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
कॉल डिटेल से सामने आएगी सच्चाई
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Sat, 09 Jun 2018 01:02 AM IST
विज्ञापन
atiq ahmed
राजू पाल हत्याकांड के चश्मदीद उमेश पाल के घर की रेकी करने के मामले में शुक्रवार को भी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी। उधर जांच में जुटी पुलिस अब कॉल डिटेल के जरिए हकीकत जानने में जुट गई है। एसपी सिटी की ओर से धूमनगंज पुलिस को निर्देशित किया गया है कि पकड़े गए दोनों युवकों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाकर उसकी पड़ताल की जाए। इसके बाद जो भी बात सामने आती है, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
धूमनगंज के जयंतीपुर निवासी कृष्ण कुमार पाल उर्फ उमेश पाल राजूपाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह हैं। उनका आरोप है कि बृहस्पतिवार को बाहुबली पूर्व सांसद के करीबी दो युवक उनके घर की रेकी कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। उमेश ने आरोप लगाया कि बाहुबली पूर्व सांसद, उनके भाई और एक अन्य व्यक्ति ने उनकी हत्या की साजिश रची है और उसी के तहत दोनों युवक उनकी रेकी करने में लगे थे। उन्होंने पुलिस को तहरीर भी दी थी। हालांकि मामले में अब तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी है। पुलिस अफसरों का कहना है उमेश के आरोपों की जांच की जा रही है। उधर एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पकड़े गए दोनों युवकों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाने के निर्देश धूमनगंज पुलिस को दिए हैं। पुलिस का मानना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने के बाद बहुत सी बातें साफ हो जाएंगी। इसके बाद जो भी उचित कार्रवाई होगी, की जाएगी। धूमनगंज इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच की जा रही है।
उमेश का आरोप है कि फरवरी 2006 मेें पूर्व सांसद अतीक व उनके गुर्गे जावेद, दिनेश पासी ने उन्हें अगवा कर मनमाफिक बयान कराया था। किसी तरह उनके चंगुल से छूटने के बाद उन्होंने अपहरण के मामले में उपरोक्त लोगों को नामजद किया जो मौजूदा समय में न्यायालय में विचाराधीन है। इस मुकदमे में ही सात जून को उनका बयान होना था। वह कोर्ट जाने की तैयारी में थे तभी घर के सीसीटीवी कैमरे में दोनों संदिग्ध दिखे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
धूमनगंज के जयंतीपुर निवासी कृष्ण कुमार पाल उर्फ उमेश पाल राजूपाल हत्याकांड के चश्मदीद गवाह हैं। उनका आरोप है कि बृहस्पतिवार को बाहुबली पूर्व सांसद के करीबी दो युवक उनके घर की रेकी कर रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में ले लिया था। उमेश ने आरोप लगाया कि बाहुबली पूर्व सांसद, उनके भाई और एक अन्य व्यक्ति ने उनकी हत्या की साजिश रची है और उसी के तहत दोनों युवक उनकी रेकी करने में लगे थे। उन्होंने पुलिस को तहरीर भी दी थी। हालांकि मामले में अब तक रिपोर्ट नहीं दर्ज हो सकी है। पुलिस अफसरों का कहना है उमेश के आरोपों की जांच की जा रही है। उधर एसपी सिटी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने पकड़े गए दोनों युवकों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवाने के निर्देश धूमनगंज पुलिस को दिए हैं। पुलिस का मानना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगालने के बाद बहुत सी बातें साफ हो जाएंगी। इसके बाद जो भी उचित कार्रवाई होगी, की जाएगी। धूमनगंज इंस्पेक्टर का कहना है कि जांच की जा रही है।
विज्ञापन
उमेश का आरोप है कि फरवरी 2006 मेें पूर्व सांसद अतीक व उनके गुर्गे जावेद, दिनेश पासी ने उन्हें अगवा कर मनमाफिक बयान कराया था। किसी तरह उनके चंगुल से छूटने के बाद उन्होंने अपहरण के मामले में उपरोक्त लोगों को नामजद किया जो मौजूदा समय में न्यायालय में विचाराधीन है। इस मुकदमे में ही सात जून को उनका बयान होना था। वह कोर्ट जाने की तैयारी में थे तभी घर के सीसीटीवी कैमरे में दोनों संदिग्ध दिखे थे।
विज्ञापन