अस्पताल से पीछे लगे शूटरों ने घेरकर बरसाईं गोलियां
बसपा विधायक राजू पाल हत्याकांड में एक बात तो साफ है कि शूटर दोपहर से ही उनका पीछा कर रहे थे। यह भी पता चला कि शूटर गाड़ियों में एसआरएन अस्पताल से राजू पाल के पीछे लगे थे। राजू पाल उस रोज पहले कचहरी गए। फिर एसआरएन अस्पताल स्थित चीरघर पहुंचे। वहां उन्होंने अपने क्षेत्र के एक छात्र की हत्या के मामले में डॉक्टरों से मिलकर जल्द पोस्टमार्टम का आग्रह किया। फिर वहां से राजू नीवां में अपने घर के लिए रवाना हो गए थे।
उनके काफिले में दो गाड़ियां थीं। क्वालिस और स्कार्पियो। पोस्टमार्टम हाउस से वह स्कार्पियो में निकले थे। सिविल लाइंस में वह कुछ लोगों से मिलने के लिए रुके। कुछ सेकंड बातचीत के बाद वह क्वालिस में बैठकर खुद ड्राइविंग करने लगे। क्वालिस आगे और स्कार्पियो पीछे थी। चौफटका के पास उनके परिचित करेली में बक्शी मोढ़ा निवासी स्कूटर सवार सादिक ने हाथ से इशारा दिया तो राजू ने क्वालिस रोक दी। सादिक ने बताया कि वह पत्नी रुखसाना के साथ नीवां में रिश्तेदार के यहां जा रहे हैं।
विधायक राजू पाल ने रुखसाना को क्वालिस में अपने बगल में बैठा लिया और सादिक से कहा कि वह स्कूटर से नीवां पहुंचे। यहां से चलकर दोनों गाड़ियां सुलेमसराय में नेहरू पार्क मोड़ के पास पहुंची तभी चौतरफा घेरकर हमला कर दिया गया। पहले पीछे से गोलियां चलीं। फिर एक मारुति वैन ओवरटेक कर क्वालिस के सामने रुकी। उससे उतरे लोगों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। राजू को गोलियां लगने के बाद बेकाबू क्वालिस सड़क किनारे बांस-बल्ली की दुकान से भिड़कर रुकी। तब आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि तीन गाड़ियों से उतरे 25 से ज्यादा शूटरों ने क्वालिस और स्कार्पियों पर गोलियां बरसाई थीं। उनके हाथों के राइफल, बंदूक समेत कई तरह के असलहे दिख रहे थे। साफ था कि हमलावरों ने पूरी तैयारी के बाद बसपा विधायक का पीछाकर हमला किया था। 000000