{"_id":"707ca4e67cbd25c83c75516ae8d12bfa","slug":"the-two-young-men-were-shot-in-the-head-in-muaima-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मऊआइमा में दो युवकों की सिर में गोली मारकर हत्या","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मऊआइमा में दो युवकों की सिर में गोली मारकर हत्या
ब्यूरो/अमर उजाला इलाहाबाद
Updated Sat, 04 Apr 2015 12:47 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊआइमा/तिलई बाजार (इलाहाबाद)। मऊआइमा थाना क्षेत्र के देवइनी और गदाईपुर गांव के बीच दो युवकों की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवकों के शव शुक्रवार सुबह मऊआइमा-देवइनी लिंक मार्ग के किनारे पड़े मिले। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची लेेकिन युवकों की पहचान नहीं हो सकी। आशंका है कि मारे गए युवक ट्रक ड्राइवर और खलासी हो सकते हैं। ट्रक लूट के बाद दोनों की हत्या कर शव को फेंक दिया गया हो। जिस स्थान पर शव मिले, वह इलाहाबाद-प्रतापगढ़ हाइवे से कुछ किमी दूरी पर है और वहां से प्रतापगढ़ की सीमा महज तीस फीट है।
दोनों युवकों की आयु 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। गोली सिर से सटाकर 315 बोर के तमंचे से मारी गई। सड़क किनारे काफी खून भी फैला हुआ था। एक युवक ने सफेद पेंट और पीली-धानी रंग की टीशर्ट तथा दूसरे ने सफेद शर्ट और नीले रंग की जींस पहन रखी थी। हुलिए से भी दोनों ड्राइवर और खलासी नजर आ रहे थे। आशंका इस बात की भी है कि हत्या कहीं और की गई तथा बाद में शव को लाकर मऊआइमा देवइनी लिंक मार्ग पर फेंक दिया गया हो। हत्या सुबह चार से छह बजे के बीच की गई।
जिस जगह शव मिले, वहां से तीन किमी की दूरी पर मऊआइमा के अनावरुल उलूम मदरसा में जलसा था। भोर में चार बजे तक उक्त मार्ग से लोगों के आने जाने का सिलसिला लगा रहा। सुबह चार बजे तक लोगों ने कोई शव नहीं देखा था। पुलिस के पास हत्या की खबर छह बजे के आसपास पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि शव लिंक मार्ग पर रियाजुद्दीन और जमीलुद्दीन के खेत के पास पड़े हुए हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने आसपास के गांव के लोगों को बुलवाकर शिनाख्त की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। प्रतापगढ़ के मान्धता तक से लोगों को बुलवाया गया। पुलिस ने दोपहर बाद प्रतापगढ़ जिले के मान्धाता के ग्राम प्रधान चंद्रपाल की तहरीर पर हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
शवों के कपड़ों से पुलिस को एक विजिटिंग कार्ड और स्मैक की पुड़िया मिली है। विजिटिंग कार्ड किसका है, इसका पुलिस खुलासा नहीं कर रही। विजिटिंग कार्ड से युवकों के पहचान की कोशिश की जा रही है। मौके पर एसएसपी वीपी श्रीवास्तव, एसपी गंगापार शफीक अहमद, सीओ दुर्गा प्रसाद और फील्ड यूनिट के प्रभारी प्रेम नारायण भारती भी डॉग स्क्वॉयड के साथ पहुंचे।
जहां युवकों के शव मिले, वहां ट्रकों और ट्रैक्टर के पहियों के निशान मिले हैं। यह इलाका ट्रक लूट के मामले में काफी बदनाम भी रहा है। मऊआइमा में ट्रक लूटने के बाद ड्राइवरों और खलासियों की हत्या के कई मामले प्रकाश में आए हैं। करीब दो माह पूर्व उतरांव में इलाहाबाद-वाराणसी हाइवे पर भी ट्रक ड्राइवर और क्लीनर की लूट के लिए हत्या कर दी गई थी। हालांकि खराबी आ जाने के कारण लुटेरे ट्रकों को हाइवे पर ही छोड़ गए थे। बाद में पुलिस ने खुलासा कर लुटेरों के गिरोह को पकड़ लिया था।
‘युवकों के पहचान की कोशिश की जा रही है। आशंका है कि हत्या कहीं और की गई तथा शव को सड़क किनारे लाकर फेंक दिया गया। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।’ वीपी श्रीवास्तव, एसएसपी
विज्ञापन
दोनों युवकों की आयु 25 से 30 वर्ष के बीच बताई जा रही है। गोली सिर से सटाकर 315 बोर के तमंचे से मारी गई। सड़क किनारे काफी खून भी फैला हुआ था। एक युवक ने सफेद पेंट और पीली-धानी रंग की टीशर्ट तथा दूसरे ने सफेद शर्ट और नीले रंग की जींस पहन रखी थी। हुलिए से भी दोनों ड्राइवर और खलासी नजर आ रहे थे। आशंका इस बात की भी है कि हत्या कहीं और की गई तथा बाद में शव को लाकर मऊआइमा देवइनी लिंक मार्ग पर फेंक दिया गया हो। हत्या सुबह चार से छह बजे के बीच की गई।
विज्ञापन
जिस जगह शव मिले, वहां से तीन किमी की दूरी पर मऊआइमा के अनावरुल उलूम मदरसा में जलसा था। भोर में चार बजे तक उक्त मार्ग से लोगों के आने जाने का सिलसिला लगा रहा। सुबह चार बजे तक लोगों ने कोई शव नहीं देखा था। पुलिस के पास हत्या की खबर छह बजे के आसपास पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि शव लिंक मार्ग पर रियाजुद्दीन और जमीलुद्दीन के खेत के पास पड़े हुए हैं।
विज्ञापन
पुलिस ने आसपास के गांव के लोगों को बुलवाकर शिनाख्त की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। प्रतापगढ़ के मान्धता तक से लोगों को बुलवाया गया। पुलिस ने दोपहर बाद प्रतापगढ़ जिले के मान्धाता के ग्राम प्रधान चंद्रपाल की तहरीर पर हत्या और साक्ष्य मिटाने की रिपोर्ट दर्ज की है।
शवों के कपड़ों से पुलिस को एक विजिटिंग कार्ड और स्मैक की पुड़िया मिली है। विजिटिंग कार्ड किसका है, इसका पुलिस खुलासा नहीं कर रही। विजिटिंग कार्ड से युवकों के पहचान की कोशिश की जा रही है। मौके पर एसएसपी वीपी श्रीवास्तव, एसपी गंगापार शफीक अहमद, सीओ दुर्गा प्रसाद और फील्ड यूनिट के प्रभारी प्रेम नारायण भारती भी डॉग स्क्वॉयड के साथ पहुंचे।
जहां युवकों के शव मिले, वहां ट्रकों और ट्रैक्टर के पहियों के निशान मिले हैं। यह इलाका ट्रक लूट के मामले में काफी बदनाम भी रहा है। मऊआइमा में ट्रक लूटने के बाद ड्राइवरों और खलासियों की हत्या के कई मामले प्रकाश में आए हैं। करीब दो माह पूर्व उतरांव में इलाहाबाद-वाराणसी हाइवे पर भी ट्रक ड्राइवर और क्लीनर की लूट के लिए हत्या कर दी गई थी। हालांकि खराबी आ जाने के कारण लुटेरे ट्रकों को हाइवे पर ही छोड़ गए थे। बाद में पुलिस ने खुलासा कर लुटेरों के गिरोह को पकड़ लिया था।
‘युवकों के पहचान की कोशिश की जा रही है। आशंका है कि हत्या कहीं और की गई तथा शव को सड़क किनारे लाकर फेंक दिया गया। जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।’ वीपी श्रीवास्तव, एसएसपी