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परीक्षा से पहले ही तैयार था गड़बड़ी का खाका

Mon, 09 Jul 2018 12:37 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 09 Jul 2018 12:37 AM IST
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The test was prepared before the disaster
इलाहाबाद - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
यूजीसी नेट के आयोजन से पहले ही बेगमबाजार स्थित एसपी कॉन्वेंट परीक्षा केंद्र में गड़बड़ी का खाका था। आरोप लगाए जा रहे हैं कि यूजीसी ने अभ्यर्थियों को बैठाने के लिए जो मानक निर्धारित कर रखे हैं, संबंधित सेंटर में उन मानकों का पालन नहीं किया गया। वहीं, परीक्षा केंद्र की ओर से बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर बड़ा है और कमरे दूर-दूर हैं। आब्जर्वर ने जब निर्देश दिया, तभी पेपर के बंडल कमरों में पहुंचाए गए और इसी वजह से देर हुई।
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मानक है कि प्रत्येक कमरे की क्षमता के हिसाब से उसमें 24, 36, 48 या इसी अनुपात में इससे अधिक संख्या में अभ्यर्थी बैठाए जाएंगे। केंद्र के 10 कमरों में 36-36 और बाकी के 10 कमरों में 48-48 अभ्यर्थियों को बैठाने की व्यवस्था की गई थी। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कमरों में क्षमता से अधिक लोगों को बैठाया गया था। दूसरे पेपर की परीक्षा के दौरान बंडल खुले तो पेपर कम पड़ गए। इससे अफरातफरी मच गई और पेपर एक से दूसरे कमरे में पहुंचाए जाने लगे। पेपर सुबह 10.50 बजे तक बंट जाने थे। 10.55 बजे अभ्यर्थियों को सील खोलकर ओएमआर शीट निकालनी थी और ठीक 11 बजे से पेपर हल करना था। इसके लिए अभ्यर्थियों के पास दो घंटे का वक्त था। एक से दूसरे कमरे में पेपर पहुंचाए जाने में 25 मिनट का समय लग गया। स्थिति नियंत्रण से बाहर होने लगी तो 11.15 बजे सीबीएसई इलाहाबाद की क्षेत्रीय अधिकारी को फोन पर सूचना दी गई।
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क्षेत्रीय अधिकारी श्वेता अरोरा ने परीक्षा केंद्र को निर्देश दिए कि अभ्यर्थियों से तत्काल बात की जाए और जितना विलंब हुआ है, पेपर हल करने के लिए अभ्यर्थियों को उतना अतिरिक्त समय दिया जाएगा। मौके पर लखनऊ से आए ऑब्जर्वर भी मौजूद थे। उन्होंने भी अभ्यर्थियों से बात की लेकिन बात नहीं बनी। अभ्यर्थी परीक्षा निरस्त किए जाने की मांग पर अड़ गए। इसके बाद बवाल बढ़ता गया और सीबीएसई को दूसरे पेपर की परीक्षा निरस्त करनी पड़ी। केंद्र में परीक्षा देने के लिए 840 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और इनमें से 665 अभ्यर्थी उपस्थित रहे। उधर, स्कूल प्रबंधक का दावा है कि ऑब्जर्वर ने 10.50 बजे पेपर खोलने की अनुमति दी। इसी वजह से पेपर बंटने में देर हो गई जबकि ऑब्जर्वर से कहा जा रहा था कि बंडल 20 मिनट पहले खोल दिए जाएं ताकि अभ्यर्थियों तक समय से पेपर पहुंच जाएं।
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सीबीएसई ने केंद्र आवंटन में भी लापरवाही की। एसपी कॉन्वेंट स्कूल में हुई गड़बड़ी तो सामने आ गई लेकिन कई अन्य केंद्रों में भी अव्यवस्था हावी रही। नैनी स्थित एक केंद्र तक पहुंचने के लिए तीन किलोमीटर तक की दूसरी तक किसी भी तरह की सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था नहीं है। इसके बावजूद उस स्कूल को परीक्षा केंद्र बनाया गया। बहुत से अभ्यर्थियों को नैनी यमुना पुल पार करने के बाद तीन किलोमीटर पैदल चलकर केंद्र तक पहुंचना पड़ा। केंद्र में भी उन्हें दिक्कत झेलनी पड़ी। मोबाइल फोन और बैग रखवाने के लिए अभ्यर्थियों से 30-30 रुपये की वसूली की गई। सीबीएसई इलाहाबाद की क्षेत्रीय अधिकारी श्वेता अरोरा का कहना है कि जहां से शिकायतें आई हैं, वहां निरीक्षण करने जाएंगी और आवश्यक कार्रवाई भी करेंगी।

यूजीसी नेट के लिए इलाहाबाद में 52 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के लिए कुल 36 हजार 512 अभ्यर्थी पंजीकृत थे और इनमें से 32 हजार 803 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। कुल 84 विषयों के लिए आयोजित इस परीक्षा में अभ्यर्थियों की उपस्थिति 89.64 फीसदी रही।


सीबीएसई ने बेगमबाजार स्थित एसपी कॉन्वेंट स्कूल की मान्यता निरस्त किए जाने का निर्णय लिया है। ऐसे में सीबीएसई अगले साल इस स्कूल में बोर्ड परीक्षा के लिए उन बच्चों का रजिस्ट्रेशन नहीं करेगा, जो इस बार नौवीं और ग्यारहवीं में पढ़ रहे हैं। जो विद्यार्थी दसवीं और बारहवी में हैं, उन्हें बोर्ड परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा। सीबीएससई की क्षेत्रीय अधिकारी श्वेता अरोरा ने बताया कि इस बार एसपी कॉन्वेंट स्कूल में जो बच्चे दसवीं और बारहवीं में पढ़ रहे हैं, उन्हें अगले साल बोर्ड की परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी लेकिन अगले साल जो विद्यार्थी नौंवी और ग्यारहवीं उत्तीर्ण करने के बाद दसवीं और बारहवीं में जाएंगे, उन्हें स्कूल की मान्यता निरस्त होने के कारण इस स्कूल की तरफ से बोर्ड परीक्षा के लिए पंजीकृत नहीं किया जाएगा। सीबीएसई की ओर से स्कूल की मान्यता निरस्त होने पर अन्य कक्षाओं में पढ़ रहे छात्रों को दूसरे स्कूलों में प्रवेश लेना होगा।
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