{"_id":"5762f80a4f1c1b5d7211b7e2","slug":"the-stress-in-cucumber-farmer-arrested","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान नेता की गिरफ्तारी से कचरी में तनाव","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
किसान नेता की गिरफ्तारी से कचरी में तनाव
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 17 Jun 2016 01:22 AM IST
विज्ञापन
कचरी बवाल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसान नेता की गिरफ्तारी से कचरी में फिर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। गांव में फोर्स की तैनाती बढ़ा दी गई है। चर्चा है कि करछना पावर प्लांट का निर्माण जल्द ही शुरू कराया जा सकता है, सो अब ऐसे लोगों की खोजबीन शुरू कर दी गई है, जो पूर्व में पावर प्लांट के निर्माण के विरोध में हुए आंदोलन का हिस्सा रहे हैं। हालांकि जिस किसान नेता को गिरफ्तार किया गया है, उन्होंने पावर प्लांट के तहत हुए जमीन अधिग्रहण का मुआवजा नहीं लिया था।
कचरी गांव के हरिश्चंद्र मिश्र किसान नेता के साथ सर्वोदय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज भी भीरपुर में संस्कृत के प्रवक्ता भी हैं। हरिश्चंद्र और उनके चार भाइयों की कचरी में 25 बीघा जमीन है। करछना पावर प्लांट के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि में हरिश्चंद्र की जमीन भी शामिल हैं लेकिन उन्होंने इसका मुआवजा नहीं लिया। पिछले साल कचरी में हुए आंदोलन में शामिल पचास से अधिक किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने उन्हें जेल भेज दिया गया। कई किसानों के खिलाफ बाद में मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। इन्हीं में हरिश्चंद्र भी शामिल हैं लेकिन महीनों बाद पुलिस ने अचानक उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस घटना से कचरी में फिर दहशत का माहौल है। घटना के बाद हरिश्चंद्र के चारों बेरोजगार बेटे गांव घर छोड़कर चले गए हैं।
उनकी पत्नी जड़ावती देवी का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से उनके पति नियमित रूप से स्कूल में पढ़ाने जा रहे थे लेकिन दो दिन पहले पुलिस ने अचानक उनके घर छापा मारा और पति को पकड़कर ले गए। जड़ावती का आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाने के लिए यह कार्रवाई की है ताकि उनके पति मुआवजा लेने के लिए राजी हो जाएं। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद कचरी में सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैद कर दी गई है। वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है। करछना विधायक दीपक पटेल का कहना है कि वह बेगुनाह किसानों की गिरफ्तारी का विरोध करते हैं। इस मामले में एसएसपी से मिलेंगे और बेगुनाह किसानों की रिहाई की मांग करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कचरी गांव के हरिश्चंद्र मिश्र किसान नेता के साथ सर्वोदय शिक्षा सदन इंटर कॉलेज भी भीरपुर में संस्कृत के प्रवक्ता भी हैं। हरिश्चंद्र और उनके चार भाइयों की कचरी में 25 बीघा जमीन है। करछना पावर प्लांट के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि में हरिश्चंद्र की जमीन भी शामिल हैं लेकिन उन्होंने इसका मुआवजा नहीं लिया। पिछले साल कचरी में हुए आंदोलन में शामिल पचास से अधिक किसानों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने उन्हें जेल भेज दिया गया। कई किसानों के खिलाफ बाद में मुकदमा दर्ज किया गया लेकिन उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई। इन्हीं में हरिश्चंद्र भी शामिल हैं लेकिन महीनों बाद पुलिस ने अचानक उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस घटना से कचरी में फिर दहशत का माहौल है। घटना के बाद हरिश्चंद्र के चारों बेरोजगार बेटे गांव घर छोड़कर चले गए हैं।
विज्ञापन
उनकी पत्नी जड़ावती देवी का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद से उनके पति नियमित रूप से स्कूल में पढ़ाने जा रहे थे लेकिन दो दिन पहले पुलिस ने अचानक उनके घर छापा मारा और पति को पकड़कर ले गए। जड़ावती का आरोप है कि पुलिस ने दबाव बनाने के लिए यह कार्रवाई की है ताकि उनके पति मुआवजा लेने के लिए राजी हो जाएं। फिलहाल इस कार्रवाई के बाद कचरी में सुरक्षा व्यवस्था और मुस्तैद कर दी गई है। वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है। करछना विधायक दीपक पटेल का कहना है कि वह बेगुनाह किसानों की गिरफ्तारी का विरोध करते हैं। इस मामले में एसएसपी से मिलेंगे और बेगुनाह किसानों की रिहाई की मांग करेंगे।
विज्ञापन