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बम के धमाकों से चारों तरफ फैला धुआं, पहचाने नहीं जा सके हमलावर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Thu, 21 Sep 2017 01:29 AM IST
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इलाहाबाद
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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दारागंज सब्जी मंडी में गगन निषाद पर हुए बम और गोली से हमले के बाद चारों तरफ धुआं फैल गया। किसी को समझ में ही नहीं आ रहा था कि किधर भागें। हर कोई सहमा और डरा हुआ था। हमलावर हत्या के इरादे से आए थे और अपने मकसद को पूरा करने में उन्होंने कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। गगन को निशाना बना ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। जिसके चलते इसकी जद में आम लोग भी आ गए। घटनास्थल पर इस कदर धुआं फैला था कि हमलावर जब भागने लगे तो कोई उनका चेहरा भी नहीं देख सका।
लगभग दस साल से चली आ रही बर्रु और बच्चा महरा के बीच खूनी रंजिश में कई लोग मारे गए हैं। बर्रु की हत्या में गगन को गवाही देनी है। इसी के चलते उस पर हमला किया गया। सबकुछ एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया। हमलावरों ने जान बूझकर भीड़भाड़ वाले इलाके को चुना। पुलिस का मानना है कि कई दिनों से हमलावर गगन की ताक में थे और बुधवार को उन्हें यह मौका मिल गया। हमला अचानक किया गया, जिससे कि अफरातफरी मच गई और गगन को भागने का मौका नहीं मिला। जिस तरह से गोलियां और बम बरसाए गए, उसमें आसपास के लोग भी जद में आते, इसका अंदाजा हमलावरों को रहा होगा। लेकिन गगन को किसी भी कीमत पर मारने पर वह आमादा थे। गगन के पास भी पिस्टल थी, जिससे फायर किए गए। ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि हमलावरों के साथ दूसरी बाइक पर भी कुछ बदमाश थे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
महाकवि सूर्यकांत ‘निराला’ के पौत्र अखिलेेश त्रिपाठी निराला दो गुटों के बीच रंजिश में गंभीर रूप से घायल हो गए। अखिलेश की पत्नी ने बताया कि वह सुबह आठ बजे घर से सब्जी लेने के लिए बाजार आए थे। सब्जी खरीद रहे थे, तभी हमला हुआ। गगन उनके पास ही सब्जी खरीद रहा था। गगन निषाद के कारण उनको भी बम और गोली लगी।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इस घटना के हमलावरों को पहुंचने के लिए आसपास के लोगों की मदद लेने के साथ-साथ इस इलाके के दो किलोमीटर की परिधि के सीसी टीवी फुटे खंगाले जा रहे हैं। इसके लिए क्राइम ब्रांच की तीन टीम लगाई गईं हैं, जो कि आसपास के आफिस दुकान, एटीएम तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसी टीवी के फुटेज लेने में जुट गई है। इन फुटेज के आधार पर पुलिस शूटरों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। आसपास के लोगों और सीसी टीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों के स्केच भी बनेंगे।
इस घटना के बाद पुलिस की एक टीम ने नैनी जेल में बच्चा मेहरा उसके बेटे अरविंद और पिंटूू से पूछताछ की। इन तीनों से पुुलिस की क्या पूछताछ हुई, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। यहां पर इन तीनों से पिछले एक साल के दौरान मुलाकात करने वालों का ब्योरा भी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ले लिया है। जो लोग इन तीनों से मुलाकात करने आए थे। उनमें से करीब आधा दर्जन लोगों से भी पुलिस ने पूछताछ की। क्राइम ब्रांच का मानना है कि गगन निषाद पर जानलेवा हमले की साजिश जेल में रची गई है। बच्चा मेहरा और उसके बेटे पिंटू और अरविंद ने वहीं से भाड़े पर हमलावरों को गगन की हत्या की सुपारी दी है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि हत्या करने की सुपारी लेने वाले शूटर इलाहाबाद के हैं या फिर दूसरे जिले के हैं।
‘दारागंज सब्जी मंडी में ताबड़तोड़ फायरिंग और बमबारी की घटना के पीछे दस साल पुरानी रंजिश है। शूटरों के निशाने पर गगन था। अखिलेश निराला और सब्जी बेचने वाली अनारा देवी बेवजह इस हमले के शिकार हुए हैं। पुलिस हमलावर शूटरों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।’ आनंद कुलकर्णी, एसएसपी
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लगभग दस साल से चली आ रही बर्रु और बच्चा महरा के बीच खूनी रंजिश में कई लोग मारे गए हैं। बर्रु की हत्या में गगन को गवाही देनी है। इसी के चलते उस पर हमला किया गया। सबकुछ एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया। हमलावरों ने जान बूझकर भीड़भाड़ वाले इलाके को चुना। पुलिस का मानना है कि कई दिनों से हमलावर गगन की ताक में थे और बुधवार को उन्हें यह मौका मिल गया। हमला अचानक किया गया, जिससे कि अफरातफरी मच गई और गगन को भागने का मौका नहीं मिला। जिस तरह से गोलियां और बम बरसाए गए, उसमें आसपास के लोग भी जद में आते, इसका अंदाजा हमलावरों को रहा होगा। लेकिन गगन को किसी भी कीमत पर मारने पर वह आमादा थे। गगन के पास भी पिस्टल थी, जिससे फायर किए गए। ऐसा अंदेशा जताया जा रहा है कि हमलावरों के साथ दूसरी बाइक पर भी कुछ बदमाश थे। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।
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महाकवि सूर्यकांत ‘निराला’ के पौत्र अखिलेेश त्रिपाठी निराला दो गुटों के बीच रंजिश में गंभीर रूप से घायल हो गए। अखिलेश की पत्नी ने बताया कि वह सुबह आठ बजे घर से सब्जी लेने के लिए बाजार आए थे। सब्जी खरीद रहे थे, तभी हमला हुआ। गगन उनके पास ही सब्जी खरीद रहा था। गगन निषाद के कारण उनको भी बम और गोली लगी।
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि इस घटना के हमलावरों को पहुंचने के लिए आसपास के लोगों की मदद लेने के साथ-साथ इस इलाके के दो किलोमीटर की परिधि के सीसी टीवी फुटे खंगाले जा रहे हैं। इसके लिए क्राइम ब्रांच की तीन टीम लगाई गईं हैं, जो कि आसपास के आफिस दुकान, एटीएम तथा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के बाहर लगे सीसी टीवी के फुटेज लेने में जुट गई है। इन फुटेज के आधार पर पुलिस शूटरों तक पहुंचने की कोशिश करेगी। आसपास के लोगों और सीसी टीवी फुटेज के आधार पर हमलावरों के स्केच भी बनेंगे।
इस घटना के बाद पुलिस की एक टीम ने नैनी जेल में बच्चा मेहरा उसके बेटे अरविंद और पिंटूू से पूछताछ की। इन तीनों से पुुलिस की क्या पूछताछ हुई, इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। यहां पर इन तीनों से पिछले एक साल के दौरान मुलाकात करने वालों का ब्योरा भी पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ले लिया है। जो लोग इन तीनों से मुलाकात करने आए थे। उनमें से करीब आधा दर्जन लोगों से भी पुलिस ने पूछताछ की। क्राइम ब्रांच का मानना है कि गगन निषाद पर जानलेवा हमले की साजिश जेल में रची गई है। बच्चा मेहरा और उसके बेटे पिंटू और अरविंद ने वहीं से भाड़े पर हमलावरों को गगन की हत्या की सुपारी दी है। पुलिस यह जानकारी जुटा रही है कि हत्या करने की सुपारी लेने वाले शूटर इलाहाबाद के हैं या फिर दूसरे जिले के हैं।
‘दारागंज सब्जी मंडी में ताबड़तोड़ फायरिंग और बमबारी की घटना के पीछे दस साल पुरानी रंजिश है। शूटरों के निशाने पर गगन था। अखिलेश निराला और सब्जी बेचने वाली अनारा देवी बेवजह इस हमले के शिकार हुए हैं। पुलिस हमलावर शूटरों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।’ आनंद कुलकर्णी, एसएसपी