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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The incidence rate bogus SIM incident

फर्जी सिम से वारदात दर वारदात

Thu, 21 Jan 2016 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो/इलाहाबाद Updated Thu, 21 Jan 2016 01:52 AM IST
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फिरौती के लिए अपहरण और सुपारी किलिंग जैसी तमाम वारदातों को अंजाम देने में बदमाशों के लिए फर्जी आईडी पर सिम मिलना बेहद मददगार साबित हो रहा है। वारदातों के अलावा भी ज्यादातर अपराधी फर्जी आईडी पर सिम लेकर दूसरे बदमाशों से संपर्क में रहते हैं। ऐसे में पुलिस के लिए कई बार बदमाशों तक पहुंचना मुश्किल साबित होता है। 

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जेल में भी हर वक्त दर्जनों मोबाइल फोन मौजूद रहते हैं जिनमें लगे फर्जी नाम-पते से हासिल सिम के जरिए सलाखों के पीछे बंद अपराधी अपने गुर्गों और साथियों से संपर्क बनाकर वारदातों को अंजाम दिलाते हैं। बार-बार मनाही और पिछले दो साल के दौरानि तमाम सिम विक्रेताओं की गिरफ्तारी के बावजूद फर्जी आईडी पर सिम की बिक्री पर रोक नहीं लग सकी है।

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फर्जी आईडी के जरिए सिम की खरीद-बिक्री का गोरखधंधा बरसों से होता आ रहा है जो पुलिस के लिए मुश्किल का सबब बना है। लूट-छिनैती, फिरौती के लिए अपहरण, सुपारी लेकर कत्ल करने वाले भाड़े के शूटरों समेत दूसरे अपराधी लगभग सभी घटनाओं के दौरान फर्जी आईडी पर खरीदे सिम के जरिए एक-दूसरे संपर्क करते हैं। शहर और देहात में जगह-जगह खुले मोबाइल शॉप में जाकर आसानी से फर्जी पहचान पत्र देकर सिम खरीदे जा सकते हैं। सच तो यह है कि बिक्री का टारगेट पूरा करने के चक्कर में मोबाइल शॉप मालिक सिम बेचने को बेकरार रहते हैं। चाहे फर्जी आईडी लाए या बिना आईडी दिए ही सिम लेकर जाए।

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आईडी बाद में जमा करने की बात पर भी सिमकार्ड बेच दिए जा रहे हैं। पिछले तीन साल के दौरान ही जेल से हत्या और लूट की साजिश की एक दर्जन से ज्यादा घटनाओं का खुलासा हो चुका है जिनमें पता चला कि जेल में बंद अपराधी ने फर्जी सिम के जरिए अपने गुर्गों से लगातार फोन पर संपर्क बनाए रखकर घटनाएं कराईं। पिछले दिनों लूट और अपहरण की चार घटनाओं में भी बदमाशों के पास फर्जी आईडी पर खरीदे सिम का पता चला था। 


पुलिस वारदात में शामिल बदमाशों का मोबाइल नंबर पता भी कर लेती है तो फर्जी नाम-पते से खरीदा होने की वजह से उन तक पहुंचना आसान नहीं होता। इसी वजह से पुलिस और क्राइम ब्रांच ने पिछले साल बारा, शंकरगढ़, फाफामऊ, नवाबगंज, नैनी, घूरपुर, करेली इलाके में एक दर्जन से ज्यादा सिम विक्रेताओं को  गिरफ्तार किया। मगर यह गोरखधंधा थम ही नहीं रहा है। क्राइम ब्रांच प्रभारी जेपी राय ने बताया कि पिछले दिनों फर्जी सिम बेचने पर कई दुकानदारों को चेतावनी दी गई। टेलीकॉम कंपनियों को भी आगाह किया गया है।

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