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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   The families are crying, the villagers are also shocked

परिजन रोते-कलपते रहे, गांव वाले भी हैं स्तब्ध

Tue, 25 Apr 2017 02:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Tue, 25 Apr 2017 02:20 AM IST
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सहावपुर गांव में सोमवार सुबह लोगों को नींद खुलने के कुछ ही देर बाद ऐसी खबर मिली कि हर कोई स्तब्ध रह गया। किराना दुकानदार मक्खनलाल गुप्ता की पत्नी और बेटियों समेत हत्या की खबर ने लोगों को झकझोर दिया। अगले घंटे भर के भीतर ही मक्खनलाल के घर पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस के लिए भीड़ को संभालना मुश्किल हो गया था। फिर परिजन और रिश्तेदार भी जुटकर विलाप करने लगा तो माहौल गमगीन हो गया।
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मक्खनलाल के परिजनों या सहावपुर के लोगों ने कभी सपने में भी ऐसी घटना की कल्पना नहीं की होगी। मक्खनलाल पहले करीब एक किलोमीटर दूर चितनपुर गांव में रहते थे। वह तीन भाइयों में दूसरे नंबर पर थे। बड़े भाई नोखेलाल है जबकि सबसे छोटे भाई का नाम मदनलाल है। करीब 15-16 साल पहले मक्खनलाल ने
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सहावपुर गांव में सड़क  किनारे मकान बना लिया और दुकान चलाकर तीन बेटियों और बेटे रंजीत के साथ गुजारा करने लगे। बड़ी बेटी रंजना ने मेरठ में बीफार्मा करने के बाद शिमला में नौकरी कर ली। छोटी दोनों बेटियों में बड़ी बीए अंतिम वर्ष की छात्रा थी। साथ ही वह स्थानीय कॉलेज में पढ़ाने भी जाती थी। छोटी बेटी ने इंटर किया था। परिवार का गुजारा हंसी-खुशी से हो रहा था इसी बीच रविवार रात की घटना ने सब कुछ छिन्न-भिन्न कर दिया। मक्खनलाल के दोनों भाइयों के परिवार के लोग और सोरांव से आए रिश्तेदार गम में डूबे रहे। महिलाएं तो विलाप करती रही कि आखिर अचानक यह सब कैसे हो गया। वे बेरहम कातिलों को उनके किए की सजा देने की भगवान से प्रार्थना करती रहीं। शिमला में बेटी रंजना को माता-पिता की बीमारी की खबर देकर फौरन घर के लिए रवाना होने को कह दिया गया।
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कातिलों का सुराग हासिल करने के लिए मौके पर फोरेंसिक टीम के साथ ही डॉग स्कवॉयड को भी बुलाया गया। खोजी कुत्ता कमरे से गंध के पीछे घर के पिछले दरवाजे से निकल खेतों से होते हुए करीब पौन किलोमीटर दूर नहर की पटरी तक जाकर ठिठक गया। अनुमान है कि घर से निकलकर कातिल वहां तक पैदल गए थे। वहां से या तो वे किसी गाड़ी में बैठकर फरार हो गए या वहां तक जाने के बाद खोजी कुत्ते को गंध नहीं मिली जिसके सहारे वह आगे बढ़ सकता।

घटनास्थल पर फोरेसिंक टीम ने आकर करीब घंटे भर तक बारीकी से पड़ताल की। बिस्तर और फर्श पर पड़े चारों शवों का मुआयना किया। खासतौर से दोनों बेटियों नाखूनों से नमूने जांच को सुरक्षित रख लिए। फोरेंसिक टीम का मानना है कि रेप और कत्ल के दौरान बचाव में संघर्ष के दौरान बेटियों ने नाखूनों से कातिलों को नोंचा होगा। कातिलों की सटीक शिनाख्त के लिए नाखूनों में मिले नमूनों से डीएनए मिलान कराया जा सकता है। एक बेटी के हाथ में बाल भी फंसा मिला जिसे टीम ने सुरक्षित रख लिया।

इसके अलावा फोरेंसिक टीम ने आलमारी, दरवाजे समेत कई अन्य स्थानों से फिंगर प्रिंट लिए। इन फिंगर प्रिंट का मिलान पकडे गए पांच नामजद आरोपियों के साथ ही हिरासत में लिए जाने वाले दूसरे संदिग्धों के फिंगर प्रिंट से किया जाएगा ताकि कातिलों की सही पहचान हो सके। इसके अलावा पोस्टमार्टम करने वाले पैनल के डॉक्टरों ने रेप की पुष्टि के लिए दोनों बेटियों के साथ ही मां के भी वैजाइनल स्वाब की स्लाइड सुरक्षित रखी है। इस नमूने से भी डीएनए टेस्ट का मिलान कर दुराचारियों और कातिलों की शिनाख्त कराई जा सकेगी साथ ही ठोस सुबूत के चलते दोषियों को सजा भी मिल सकेगी।

इस घटना में एक बात जो पुलिस अफसरों को अजीब लगी वह ये कि एक घर में चार लोगों को बेरहमी से कत्ल हो गया लेकिन गांव में किसी को भनक तक नहीं लगी। किसी ने रेप और कत्ल के दौरान दोनों बेटियों और उनके माता-पिता की चीख नहीं सुनी। गांव वालों ने कहा कि उन्होंने रात में न तो कोई चीख सुनी और न किसी को भागते देखा न कोई ऐसी आहट मिली। वैसे भी रविवार रात गांव में तीन शादी समारोह में बज रहे डीजे और लाऊडस्पीकर के शोर में मक्खनलाल और उनकी पत्नी तथा बेटियों की चीख दब गई होगी। एक बात यह भी है कि मक्खनलाल के मकान के पीछे सामने और दाहिनी तरफ दूर तक आबादी नहीं है। बायीं तरफ आबादी है लेकिन कुछ दूरी पर। जो घर हैं भी वे विरोधी परिवार के।

शिमला से बेटी रंजना के आने के इंतजार में पोस्टमार्टम के बाद मक्खनलाल, पत्नी मीरा और दोनों बेटियों के शवों को बर्फ की सिल्लियों के बीच मोर्चरी में ही रख दिया गया। एसएसपी ने बताया कि बेटी रंजना के आधी रात तक आने की बात कही गई है। शवों को गांव नहीं ले जाया गया क्योंकि ऐसे में लोगों के गुस्से में बवाल या जाम करने की आशंका थी। मंगलवार सुबह पुलिस निगरानी में शवों को श्मशान घाट ले जाकर अंतिम संस्कार कराया जाएगा। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों ने भी राय दी है कि मृतकों पर धारदार और कुंद हथियार से हमले किए गए। एक बेटी रेप की भी पुष्टि हुई जबकि दूसरी से रेप की पुष्टि को नमूना जांच को रखा गया है।


‘दंपति और दो बेटियों के कत्ल की जांच में क्राइम ब्रांच के साथ ही एसटीएफ भी लगी है। नामजद पांच लोगों को पुलिस ने पकड़ा है जिनसे पूछताछ की जा रही है। सभी पहलुओं पर छानबीन हो रही है। पोस्टमार्टम के बाद शवों को मोर्चरी में रखा गया है। मंगलवार को पुलिस पहरे में अंतिम संस्कार होगा।’
-शलभ माथुर, एसएसपी
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