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सेंट्रल जेल में चौथे ही रोज बंदी की गई जान
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 15 Jul 2016 01:38 AM IST
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जेल में महिला
- फोटो : demo pics
हत्या की कोशिश के आरोप में औद्योगिक क्षेत्र से गिरफ्तार विजय पांडेय उर्फ बबलू (34) की सेंट्रल जेल नैनी में चौथे ही रोज मौत हो गई। जेल में अस्पताल में भर्ती विजय ने पत्नी के मिलकर जाने के दो घंटे बाद दम तोड़ दिया। जेल प्रशासन का कहना है कि उसकी मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई मगर परिवार के लोगों ने कत्ल का शक जताया है। शुक्रवार को शव का पोस्टमार्टम होने पर मौत का सही कारण पता चल सकेगा।
औद्योगिक क्षेत्र में तेंदुआवन गांव निवासी विजय पांडेय उर्फ बबलू के खिलाफ ग्राम प्रधानी के चुनाव के दौरान झगड़े में बम मारकर हत्या की कोशिश का केस लिखा गया था। 10 जुलाई को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक केदारनाथ के मुताबिक, मंगलवार को चेकअप के दौरान विजय ने पेट दर्द की शिकायत की थी। बुधवार को उसे इलाज की खातिर जेल अस्पताल में भर्ती किया गया। बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे विजय की पत्नी उससे मिलने आई थी।
पत्नी के लौटने के दो घंटे बाद शाम करीब पांच बजे दिल का दौरा पड़ने से विजय की सांस थम गई। इस बारे में पुलिस और विजय के परिजनों को सूचना दी गई। उसके परिवार में कोहराम मच गया। विजय उर्फ बबलू के पिता शत्रुघ्न और बड़े भाई अजय पांडेय की पहले ही मौत हो चुकी है। अब विजय की भी मौत से उसका परिवार सदमे में है। पत्नी और तीन बच्चों के सामने बड़ी मुसीबत आ गई है। परिजनों को शक है कि उनके दुश्मनों के इशारे पर जेल में विजय का कत्ल किया गया है। हालांकि जेल प्रशासन इसे बीमारी ही बता रहा है।
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औद्योगिक क्षेत्र में तेंदुआवन गांव निवासी विजय पांडेय उर्फ बबलू के खिलाफ ग्राम प्रधानी के चुनाव के दौरान झगड़े में बम मारकर हत्या की कोशिश का केस लिखा गया था। 10 जुलाई को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था। वरिष्ठ जेल अधीक्षक केदारनाथ के मुताबिक, मंगलवार को चेकअप के दौरान विजय ने पेट दर्द की शिकायत की थी। बुधवार को उसे इलाज की खातिर जेल अस्पताल में भर्ती किया गया। बृहस्पतिवार दोपहर तीन बजे विजय की पत्नी उससे मिलने आई थी।
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पत्नी के लौटने के दो घंटे बाद शाम करीब पांच बजे दिल का दौरा पड़ने से विजय की सांस थम गई। इस बारे में पुलिस और विजय के परिजनों को सूचना दी गई। उसके परिवार में कोहराम मच गया। विजय उर्फ बबलू के पिता शत्रुघ्न और बड़े भाई अजय पांडेय की पहले ही मौत हो चुकी है। अब विजय की भी मौत से उसका परिवार सदमे में है। पत्नी और तीन बच्चों के सामने बड़ी मुसीबत आ गई है। परिजनों को शक है कि उनके दुश्मनों के इशारे पर जेल में विजय का कत्ल किया गया है। हालांकि जेल प्रशासन इसे बीमारी ही बता रहा है।
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